ePaper

8th Pay Commission: सरकारी कर्मचारियों की कितनी बढ़ेगी सैलरी? फिटमेंट फैक्टर के साथ जानें पूरा कैलकुलेशन

Updated at : 16 Jan 2025 6:18 PM (IST)
विज्ञापन
8th Pay Commission

8th Pay Commission

8th Pay Commission: सरकार ने गुरुवार को 8वें वेतन आयोग के गठन की मंजूरी दे दी है. इसी के साथ यह अनुमान लगाया जाने लगा है कि 8वें वेतन आयोग की सिफारिश के बाद केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन और पेंशन में कितनी बढ़ोतरी हो सकती है.

विज्ञापन

8th Pay Commission: केंद्र सरकार ने गुरुवार 16 जनवरी 2025 को 1.27 करोड़ केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन और पेंशन वृद्धि के लिए 8वें वेतन आयोग के गठन की मंजूरी दे दी है. इसके साथ ही, अब यह तय हो गया है कि आने वाले दिनों में केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन और पेंशन में वृद्धि होगी. लेकिन, कितनी होगी, इसके लिए भी कैलकुलेशन है. 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) के तहत केंद्रीय कर्मचारियों की वेतन में संभावित बढ़ोतरी की कैलकुलेशन कई कारकों पर निर्भर करती है. इसमें वेतन आयोग की सिफारिशें, महंगाई भत्ता (DA), आर्थिक स्थिति और सरकार की ओर से निर्धारित न्यूनतम वेतनमान शामिल है. हालांकि, सटीक बढ़ोतरी की गणना आयोग की सिफारिशों और लागू होने वाली नीतियों पर निर्भर करती है, लेकिन पिछले वेतन आयोगों के आधार पर एक अनुमान लगाया जा सकता है. आइए जानते हैं.

संभावित बढ़ोतरी की गणना

8वें वेतन आयोग के गठन के बाद केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन और पेंशन में बढ़ोतरी आयोग की सिफारिश और कैलकुलेशन के आधार पर होगा. लेकिन फिलहाल पिछले वेतन आयोगों की ओर से उठाए गए कदम के आधार पर कैलकुलेशन निकाला जा सकता है.

  • 6वें वेतन आयोग ने केंद्रीय कर्मचारियों के न्यूनतम वेतन को 2,550 रुपये से बढ़ाकर 7,000 रुपये करने की सिफारिश की थी.
  • 7वें वेतन आयोग ने केंद्रीय कर्मचारियों के न्यूनतम वेतन 7,000 रुपये से बढ़ाकर 18,000 रुपये करने की सिफारिश की थी. 7वें वेतन आयोग ने केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन में करीब 2.57 गुना वृद्धि की थी. 7वें वेतन आयोग की सिफारिशें 2016 में लागू हुई थीं.
  • 8वें वेतन आयोग के तहत संभावित वृद्धि: अगर पिछले दो आयोगों की औसत वृद्धि (2.5-3 गुना) को आधार मानें, तो केंद्रीय कर्मचारियों के न्यूनतम वेतन में 18,000 से 45,000 रुपये यानी 2.5 गुना तक वृद्धि हो सकती है.
  • फिअन्य ग्रेड्स में भी फिटमेंट फैक्टर बढ़ाया जा सकता है, जो अभी 2.57 है. इसे बढ़ाकर 3 या उससे अधिक किया जा सकता है.
  • महंगाई भत्ता (DA): 8वें वेतन आयोग लागू होने के समय डीए को मूल वेतन में जोड़ा जाएगा. अगर डीए 50% या उससे अधिक है, तो इससे कुल वेतन में वृद्धि होगी.
  • पेंशन में वृद्धि: पेंशनधारकों को भी मूल पेंशन में लगभग 2.5-3 गुना वृद्धि का लाभ हो सकता है.
  • भत्तों में सुधार: एचआरए (House Rent Allowance) और अन्य भत्तों में भी संशोधन होगा.
  • महंगाई भत्ते (DA) का प्रभाव बढ़ेगा.

फिटमेंट फैक्टर क्या है?

  • फिटमेंट फैक्टर का इस्तेमाल वर्तमान वेतन को नए वेतन में बदलने के लिए किया जाता है.
  • यह मौजूदा बेसिक पे (Basic Pay) को गुणा करने वाला गुणांक है.

पिछले आयोगों में फिटमेंट फैक्टर

  • 6वें वेतन आयोग: फिटमेंट फैक्टर = 1.86,
    उदाहरण: 7,000 रुपये × 1.86 = 13,020 रुपये
  • 7वें वेतन आयोग: फिटमेंट फैक्टर = 2.57
    उदाहरण: 7,000 रुपये × 2.57 = 18,000 रुपये

इसे भी पढ़ें: टीम इंडिया का बैटिंग कोच बनना चाहता है इंग्लैंड का यह महान खिलाड़ी, बीसीसीआई के नाम खुला पत्र

8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर का अनुमान

विशेषज्ञों के अनुसार, 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 3 से 3.5 तक बढ़ सकता है. अगर इसे 3.00 किया जाए, तो न्यूनतम वेतन 18,000 रुपये से 54,000 रुपये हो सकता है. अगर इसे 3.5 किया जाए, तो न्यूनतम वेतन 18,000 रुपये से 63,000 रुपये तक हो सकता है.

इसे भी पढ़ें: Realme 14 Pro+ 5G और Realme 14 Pro 5G टाइटन बैटरी के साथ लॉन्च, जानें कीमत और स्पेसिफिकेशन

डिस्क्लेमर: प्रभात खबर ने अभी तक 8वें वेतन आयोग के तहत केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन वृद्धि पर कोई कैलकुलेटर तैयार नहीं किया है. पेश की गई गणना पिछले वेतन आयोगों की सिफारिश और वृद्धि के आधार पर सिर्फ एक अनुमान है. सही कैलकुलेटर 8वें वेतन आयोग की सिफारिश के बाद ही तय किया जा सकता है. यह महज एक अनुमान लगाने के लिए पेश किया गया है.

विज्ञापन
KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola