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डेबिट कार्ड धोखाधड़ी मामला : फर्जी से बचने के लिए क्या करें... पढ़ें

Updated at : 21 Oct 2016 10:28 AM (IST)
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डेबिट कार्ड धोखाधड़ी मामला : फर्जी से बचने के लिए क्या करें... पढ़ें

नयी दिल्ली : देशभर में अलग-अलग बैंकों केकरीब32 लाख डेबिट कार्ड्स के पिन नंबर और अन्य जानकारियां चोरी होने की बात सामने आ रही है. बताया जाता है कि बैंकिंगसेक्टरको प्रभावितकरने वाली अबतबकी इस सबसे बड़ी डेटा सुरक्षा सेंधमारीसेप्रभावित ये सभी ग्राहक 19 बैंकों से जुड़े है. जानकारी के मुताबिकइनमेंसे ज्यादातर ग्राहकों के डेबिट कार्ड्स […]

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नयी दिल्ली : देशभर में अलग-अलग बैंकों केकरीब32 लाख डेबिट कार्ड्स के पिन नंबर और अन्य जानकारियां चोरी होने की बात सामने आ रही है. बताया जाता है कि बैंकिंगसेक्टरको प्रभावितकरने वाली अबतबकी इस सबसे बड़ी डेटा सुरक्षा सेंधमारीसेप्रभावित ये सभी ग्राहक 19 बैंकों से जुड़े है. जानकारी के मुताबिकइनमेंसे ज्यादातर ग्राहकों के डेबिट कार्ड्स ऐसे एटीएम पर इस्तेमाल कियेगये हैं जहां से मालवेयर के जरिए सूचनाएं चोरी हो रही हैं. इस सेंधमारी से सबसे ज्यादा यस बैंक, एसबीआइ, एचडीएफसी, आइसीआइसीआइ बैंक और ऐक्सिस बैंक के खाताधारकों के प्रभावित होने की संभावना है.

एक दैनिक अखबर की रिपोर्ट के मुताबिक 1.3 करोड़ रुपये डेबिट कार्ड से कैश निकाले जाने की शिकायत भी मिली है. इन कार्ड का चीन, अमेरिका सहित दूसरे देशों में इस्तेमाल हुआ है. जबकि ग्राहक भारत में ही हैं. वित्त मंत्रालयद्वारा आरबीआइ और नेशनल पेमेंट कॉपोरेशन ऑफ इंडिया एनपीसीआइ को इस मामले की रिपोर्ट देने को कहा गया है. एनपीसीआइनेकहा कि कुल मिलाकर 32 लाख कार्ड इस सुरक्षा सेंध से प्रभावित हुए हो सकते हैं.

बता दें कि एनपीसीआइ भारत में सभी तरह की खुदरा भुगतान प्रणालियों का शीर्ष संगठन है. एनपीसीआइ ने एक बयान में कहा है कि 641 ग्राहकों ने कुल मिलाकर 1.3 करोड़ रुपये की अवैध या फर्जी तरीके से उनके डेबिट कार्ड से कैश निकाले जाने की शिकायत की है. हालांकि एनपीसीआइ के एमडी और सीइओ एपी होता का कहना है कि कार्ड फ्रार्ड मामले में अभी तक रूपे कार्ड धारक की तरफ से कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है.

वहीं बैंकिग सूत्रों के अनुसार एसबीआइ, एचडीएफसी, यस बैंक, एक्सिस बैंक के साथ बैंक ऑफ बड़ौदा, आइडीबीआइ बैंक, सेंट्रल बैंक व आंध्रा बैंक भी इस फ्रार्ड से प्रभावित लग रहे हैं. इन सभी बैंकों ने अपने ग्राहकों से एटीएम पिन बदलने को कहा है. सूत्रों के मुताबिक देश के करीब 32 लाख, बैंक अकाउंट और एटीएम कार्ड पर सायबर अटैक हुआ है. शक है कि कार्ड के डेटा चोरी किये गये है. ऐसे में एटीएम मशीन के जरिये क्लोनिंग की जा सकती है और इसके जरिये अकाउंट हैक किया जा सकता है. शक यह भी है कि चीनी हैकरों ने यह अटैक किया है.

तीन महीने में 32 लाख ग्राहकों के खातों में सेंधमारी

दैनिक लाइव मिन्टकेमुताबिक25मई से 10 जुलाई के बीच करीब 3.2मिलियनग्राहको के कार्ड कीजानकारीमें सेंधमारी हुई है.इनमेंसे ज्यादातर ग्राहक यसबैंक के है.साथ हीदूसरेबैंकों वेग्राहकहै जिन्होंने यसबैंकके प्रभावितएटीएमसेंटरका इस्तेमालकिया है.रिपोर्ट के मुताबिक यस बैंकने अपने एटीएमसुविधाओं के लिए हिताची पेमेंट सर्विसेज को जिम्मेदारीसौंपी है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार हिताची पेमेंट के डेटा में सेंध के बाद विभिन्न बैंकों ने अपने ग्राहकों के 32 लाख से अधिक डेबिट कार्ड या तो ब्लाक कर दिये हैं या वापस मंगवाए हैं ताकि उन्हें किसी वित्तीय धोखाधड़ी का शिकार होने से बचाया जा सके.

वहीं, एसबीआइ जैसे कई बैंकों ने लगभग छह लाख कार्ड वापस मंगवाए हैं. जबकि बैंक आफ बड़ौदा, आइडीबीआइ बैंक, सेंट्रल बैंक व आंध्रा बैंक ने एहतियाती कदम के रूप में डेबिट कार्ड बदले हैं. इसी तरह आइसीआइसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक व यस बैंक जैसे बैंकों ने अपने ग्राहकों से एटीएम पिन बदलने को कहा है.

अगर आप भी डेबिट कार्ड इस्तेमाल करते हैं तो कुछ बातों का रखें ख्याल

-एटीएमपिनकिसी से साझा नकरेंआैरन ही इसे कहीं लिखें.लेनदेनके दौरान इस बातकाध्यान रखें कि इसे कोई देख नहींरहा है.
– एटीएम पिन के अलावा सीवीवी या ओटीपी नंबर भी गोपनीय रखें. हैकर इसका इस्तेमाल कर भी अापको नुकसान पहुंचा सकते है.
– बैंक खाते से संबंधित एसएमएस अलर्ट जरूर एक्टिवेट करा लें. ताकि धोखाधड़ी या चोरी की स्थिति के बारे में आपको सूचना मिल सकें.
– ऑनलाइन शॉपिंग या किसी भी वित्तीय लेने देने के लिए ओपन वाईफाई का इस्तेमाल न करें.
– अपना कंप्यूटर या मोबाइल वायरस मुक्त रखें आैर एंटी वायरस का इस्तेमाल करें.
– मोबाइल बैंकिंग के लिए बैंक ऐप काे अनऑथराइज्ड स्टाेर से डाउनलोड न करें.
– अज्ञात स्त्रोतों से आने वाले या लालच देने वाले किसी फोन कॉल या ईमेल का जवाब न दें.
– कई बार लोगों की शिकायतें सामने आती हैं कि मशीन से उतना पैसा नहीं निकलता जितनी उन्होंने राशि डाली होती है. इस बारे में अपने बैंक से शिकायत जरूर करें.
– पैसे निकालने के बाद मशीन में कैसिंलबटनका इस्तेमाल अवश्य करें. साथ ही अपनी रसीद भी लेनी याद रखें. इससे मशीन का इस्तेमाल करने वाला व्यक्ति किसी तरह की कोई छेड़खानी नहीं कर पाएगा.
– पासवर्ड डालते समय सावधान रहें. एटीएम का इस्तेमाल करते समय ध्यान रखें कोई और व्यक्ति आपके पासवर्ड को तो नहीं देख रहा.
-समय-समय पर अपना बैलेंस चेक करने के लिए मिनी स्टेटमेंट जरूर लेते रहें. जिससे हाल फिलहाल के लेन-देन के बारे में आपको पता रहें.
-कभी भी किसी व्यक्ति के साथ अपना पासवर्ड, पिन, सीवीवी नंबर आदि साझा न करें.
– अपने एटीएम पिन कोदो-तीन महीने बदलते रहें. ऐसा करने से किसी भी धोखे से आप बच सकते हैं.
-अपने मोबाइल फोन में पिन सेव करके न रखें.
– कोशिश करें कि एक से ज्यादा एकाउंट्स के लिए एक ही पिन का इस्तेमाल न करें.
-बैंक की एसएमएस सर्विस के लिए साइन अप करें ताकि अगर कोई अज्ञात लेन देन हो रहा है तो आपके पास मैसेज आ जाए.

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