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जनधन को छोड़ अन्य बैंक खाता खुलवाने के लिए पैन कार्ड अनिवार्य

Updated at : 15 Dec 2015 7:12 PM (IST)
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जनधन को छोड़ अन्य बैंक खाता खुलवाने के लिए पैन कार्ड अनिवार्य

नयी दिल्ली : प्रधानमंत्री जन-धन योजना को छोड़कर अन्य प्रकार के बैंक खाते खुलवाने के लिए पैन कार्ड अब अनिवार्य हो जायेगा. राजस्व सचिव ने पैन कार्ड की अनिवार्यता के बारे में जानकारी देते हुए कहा किपचास हजार रुपये से अधिक के होटल बिल के भुगतान या विदेश यात्रा के टिकट की खरीद के लिये […]

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नयी दिल्ली : प्रधानमंत्री जन-धन योजना को छोड़कर अन्य प्रकार के बैंक खाते खुलवाने के लिए पैन कार्ड अब अनिवार्य हो जायेगा. राजस्व सचिव ने पैन कार्ड की अनिवार्यता के बारे में जानकारी देते हुए कहा किपचास हजार रुपये से अधिक के होटल बिल के भुगतान या विदेश यात्रा के टिकट की खरीद के लिये एक जनवरी से पैन का उल्लेख अनिवार्य हो जायेंगे.

इससे पहले अरुण जेटली ने कहा कि कालाधन पर रोक लगाने के उद्देश्य सरकार एक नियम बनाने जा रही है. वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आज संसद में कहा कि सरकार शीघ्र ही एक अधिसूचना जारी करने जा रही है जिसके तहत दो लाख रुपये से अधिक का नकद में लेनदेन करने वालों के लिए पैन नंबर देना अनिवार्य होगा.’ जेटली अनुदान की अनुपूरक मांगों पर सदन में हुई चर्चा का जवाब दे रहे थे.

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने लंबित विधेयकों पर बात करते हुए कहा कि देश की वृद्धि दर को बढावा देने के लिए जीएसटी को महत्वपूर्ण है. सरकार ने आज कांग्रेस नेतृत्व से पुरजोर अपील की कि आर्थिक सुधारों में अड़चन नहीं बनने की ‘विरासत’ को बनाये रखते हुए वह इसे पारित कराने में सहयोग करे. वित्त मंत्री अरुण जेटली ने लोकसभा में कांग्रेस से यह अपील करते हुए कहा, ‘‘ 1991 के बाद से देश में एक भी सुधार पहल को नहीं रोका गया.
यह हमारी विरासत रही है और मैं कांग्रेस नेतृत्व से आग्रह करता हूं कि वह इस विरासत को ध्यान में रखते हुए जीएसटी विधेयक को पारित कराने में सहयोग दें. ‘ उन्होंने आश्चर्य जताया कि यह संप्रग सरकार ही थी जो वस्तु एवं सेवा कर यानी जीएसटी का प्रस्ताव लेकर आई थी. लेकिन अब आश्चर्य है कि वही कांग्रेस अपने ही इस प्रस्ताव में तीन संशोधन पर जोर दे रही है.
राजकोषीय घाटे का जिक्र करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि इस विषय पर पूर्व की सरकार (संप्रग) के पहल और हमारी सरकार (राजग) की पहल में अंतर है. ‘‘ वे (संप्रग) राजकोषीय घाटे के संदर्भ में महात्वाकांक्षी लक्ष्य देते थे और वर्ष के अंत में खर्च में कटौती करते थे.
इसके कारण वृद्धि धीमा हो जाता था और वे कहते थे कि राजकोषीय घाटे के लक्ष्य को हासिल कर लिया गया है. जेटली ने कहा कि रोजकोषीय घाटा दो तरह से कम किया जा सकता है, या तो आप अधिक आय अर्जित करें या कम खर्च करें. अर्थव्यवस्था में कम खर्च करने से इसका विस्तार नहीं हो सकता और रोजगार सृजित नहीं किये जा सकते. ‘हमने राजकोषीय घाटे के संदर्भ में वर्तमान 4.1 से कम करके इसे 3.9 प्रतिशत लाने का लक्ष्य रखा है और हमें संभवत: इसे हासिल कर लेंगे. ‘ किसी भी अर्थव्यवस्था को आगे बढाने में निजी क्षेत्र के योगदान को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि अच्छे हालात में निजी क्षेत्र तेज गति से आगे बढती है लेकिन चुनौतिपूर्ण हालात में उसकी गति धीमी हो जाती है. अभी निजी क्षेत्र धीमा हुआ है.
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