ePaper

ट्रांसपोर्टरों की हडताल तीसरे दिन भी जारी, सडकों से ट्रक नदारद

Updated at : 03 Oct 2015 2:49 PM (IST)
विज्ञापन
ट्रांसपोर्टरों की हडताल तीसरे दिन भी जारी, सडकों से ट्रक नदारद

नयी दिल्ली : ट्रांसपोर्टरों ने आज लगातार तीसरे दिन भी अपनी हडताल जारी रखी जिससे देश के विभिन्न हिस्सों में सामान की आपूर्ति प्रभावित हुई है. हालांकि सरकार ने वर्तमान टोल प्रणाली को खत्म करने की उनकी मांग को मानने से इनकार कर दिया. ट्रांसपोर्टरों की शीर्ष इकाई ‘आल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस’ (एआइएमटीसी) द्वारा […]

विज्ञापन

नयी दिल्ली : ट्रांसपोर्टरों ने आज लगातार तीसरे दिन भी अपनी हडताल जारी रखी जिससे देश के विभिन्न हिस्सों में सामान की आपूर्ति प्रभावित हुई है. हालांकि सरकार ने वर्तमान टोल प्रणाली को खत्म करने की उनकी मांग को मानने से इनकार कर दिया. ट्रांसपोर्टरों की शीर्ष इकाई ‘आल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस’ (एआइएमटीसी) द्वारा आहूत इस अनिश्चितकालीन हडताल के दायरे से दूध, सब्जियों और दवाओं जैसी आवश्यक चीजों की आपूर्ति को बाहर रखा गया है. तमिलनाडु, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, बिहार और उत्तर प्रदेश सहित राज्यों से मिली खबरों के अनुसार सामान की आपूर्ति प्रभावित हुई है.

एआइएमटीसी के अध्यक्ष भीम वाधवा ने कहा, ‘टोल बैरियर मुक्त भारत के लिए हमारे सदस्य जंतर मंतर पर आज शांतिपूर्ण धरना देंगे. जब तक सरकार हमारी समस्या का कोई व्यावहारिक समाधान नहीं करती तब तक हम हडताल जारी रखेंगे. हम टोल भुगतान के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन हम इसे वार्षिक रूप से किये जाने की मांग कर रहे हैं.’ उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रानिक टोल संग्रहण प्रणाली जैसा कि सरकार ने वायदा किया है, ‘व्यावहारिक नहीं’ है.

एआइएमटीसी का दावा है कि उसके पाले में देशभर में 87 लाख ट्रक और 20 लाख बस और टेम्पो हैं. ट्रक ऑपरेटरों की एक अन्य इकाई ‘आल इंडिया ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन’ (एआइटीडब्ल्यूए) ने हडताल से दूर रहने का फैसला किया है. वाधवा ने कहा कि ट्रक ऑपरेटरों को तीन दिन में करीब 4,500 करोड रुपये का नुकसान हुआ है, जबकि सरकार को 30 हजार करोड रुपये से अधिक का नुकसान हो सकता है. हालांकि सरकार ने कहा है कि वह टोल संग्रहण प्रणाली को खत्म नहीं कर सकती. सडक परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है, ‘हडताल जारी रखना उन (ट्रांसपोर्टरों) पर निर्भर करता है.

सरकार टोल को समाप्त नहीं कर सकती. हम पहले ही दिसंबर तक पूरे भारत में इलेक्ट्रानिक टोल प्रणाली लागू करने का आश्वासन दे चुके हैं. मैं उनसे हडताल खत्म करने की अपील करता हूं.’ एआइएमटीसी मौजूदा टोल प्रणाली को यह कहकर खत्म करने की मांग कर रही है कि यह परेशान करने का साधन है. वह एक ही बार में करों का भुगतान करने और टीडीएस प्रक्रिया को सामान्य बनाने की मांग कर रही है. दूसरी ओर, इंडियन फाउंडेशन ऑफ ट्रांसपोर्ट रिसर्च एंड ट्रेनिंग (आइएफटीआरटी) ने कहा कि एआइएमटीसी की एकमुश्त वार्षिक टोल जमा करने की सलाह तार्किक नहीं है.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola