बीमा क्षेत्र में एफडीआई पर कांग्रेस की राय स्पष्ट: राहुल गांधी

नयी दिल्ली: कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने बीमा विधेयक पर कांग्रेस के मत को स्पष्ट करते हुए मंगलवार को कहा कि कांग्रेस बीमा विधेयक पर कोई दोहरा मापदंड नहीं अपना रही है. उन्होंने अपनी पार्टी के खिलाफ बीमा विधेयक पर कदम वापस लेने के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के आरोपों को खारिज किया है. राहुल […]
नयी दिल्ली: कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने बीमा विधेयक पर कांग्रेस के मत को स्पष्ट करते हुए मंगलवार को कहा कि कांग्रेस बीमा विधेयक पर कोई दोहरा मापदंड नहीं अपना रही है. उन्होंने अपनी पार्टी के खिलाफ बीमा विधेयक पर कदम वापस लेने के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के आरोपों को खारिज किया है.
राहुल गांधी ने संसद भवन में संवाददाताओं के सवालों का जवाब देते हुये कहा, ‘मेरा मानना है कि कांग्रेस बीमा विधेयक पर कोई दोहरा मापदंड नहीं अपना रही है.’ इस महत्वपूर्ण विधेयक पर कांगेस के रवैये से सरकार असमंजस में पड गयी है. कांग्रेस का कहना है कि सरकार को इस मामले में सभी संबद्ध पक्षों को विश्वास में लेना चाहिये और विधेयक को एक प्रवर समिति के पास भेज देना चहिए.
हालांकि, पार्टी यह भी कहती रही है कि विधेयक उसने खुद आगे बढाया था और यह कहना कि पार्टी इसका विरोध कर रही है उसे बदनाम करना है. बीमा संशोधन विधेयक पर कल राज्यसभा चर्चा कराई जानी थी. इस मुद्दे पर सरकार और विपक्षी दलों के नेताओं के बीच बैठक बेनतीजा रहने के बाद विधेयक पर चर्चा फिलहाल टाल दी गई. विपक्षी दल विधेयक को गहन विचार विमर्श के लिये संसद की प्रवर समिति के पास भेजने की मांग कर रहे हैं.
संसदीय कार्यमंत्री एम. वैंकया नायडू ने कल यह बैठक बुलाई थी ताकि विपक्ष के साथ मतभेदों को दूर किया जा सके. वित्त मंत्री अरूण जेटली के यह कहने के बावजूद कि विधेयक में उन्हीं प्रावधानों और वही भाषा है जो कि पिछली संप्रग सरकार के समय में थी, मतभेदों को दूर नहीं किया जा सका.
राहुल ने कहा, ‘हम पूरी तरह से प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के पक्ष में हैं. यह हमने ही शुरु किया था, तब भाजपा ही थी जिसने 2008 में इसका विरोध किया. हमें बताया गया है कि हमारे विधेयक को ही सदन में लाया जा रहा है लेकिन राजग सरकार ने इसमें व्यापक बदलाव किये हैं.
राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने सोमवार को कहा, ‘हमने कहा है कि अन्य मुद्दों सहित एफडीआई जैसे व्यापक महत्व के मुद्दों पर जिसमें विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) के शामिल होने से कुछ बदलाव आया है, इन मुद्दों पर निष्पक्ष रुप से बारीकी के साथ प्रवर समिति में विचार होना चाहिये. विधेयक को शीतकालीन सत्र में पारित किया जा सकता है और हम यह सुनिश्चित करेंगे की विधेयक पारित हो.’
कांग्रेस प्रवक्ता रंदीप सुरजेवाला ने पार्टी द्वारा बीमा विधेयक मामले में टालमटोल किये जाने के आरोपों को खारिज करते हुये कहा कि ‘यह लाखों लोगों की निवेश पूंजी का मामला है, यदि वह खतरे में पडती है तो इसमें जरुरी संतुलन किया जाना चाहिये.
बीमा विधेयक का विरोध करेगी समाजवादी पार्टी
समाजवादी पार्टी ने मंगलवार को विवादास्पद बीमा विधयेक पर अपना विरोध बरकरार रखा. सपा नेता राम गोपाल यादव ने संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से कहा कि पार्टी इसका विरोध करेगी. संवाददाताओं ने उनसे पूछा था कि राज्यसभा में इस सप्ताह आने वाले बीमा विधेयक पर उनकी पार्टी का रुख क्या होगा.
यह पूछे जाने पर कि अगर सरकार विधेयक के प्रावधानों में बदलाव लाती है तो क्या सपा अपने निर्णय पर पुनर्विचार करेगी, यादव ने कहा कि हम देखेंगे कि वे बदलाव क्या हैं. विधेयक उद्देश्य बीमा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की सीमा को 26 प्रतिशत से बढाकर 49 प्रतिशत करना है.
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