एसबीआई स्टडी में सुझाव : वरिष्ठ नागरिक योजना के तहत अर्जित ब्याज को कर मुक्त करने की जरूरत

नयी दिल्ली : ब्याज दरों में गिरावट के परिदृश्य के बीच सरकार को वरिष्ठ नागरिक बचत योजना (एससीएसएस) पर अर्जित ब्याज को पूरी तरह आयकर से मुक्त करने पर विचार करना चाहिए. एसबीआई के एक अध्ययन में यह सुझाव दिया गया है. इसमें कहा गया है कि एससीएसएस को पूरी तरह करमुक्त करने की वित्तीय […]
नयी दिल्ली : ब्याज दरों में गिरावट के परिदृश्य के बीच सरकार को वरिष्ठ नागरिक बचत योजना (एससीएसएस) पर अर्जित ब्याज को पूरी तरह आयकर से मुक्त करने पर विचार करना चाहिए. एसबीआई के एक अध्ययन में यह सुझाव दिया गया है. इसमें कहा गया है कि एससीएसएस को पूरी तरह करमुक्त करने की वित्तीय लागत काफी कम बैठेगी. एससीएसएस के तहत कोई वरिष्ठ नागरिक 15 लाख रुपये तक जमा कर सकता है और इसपर मौजूदा ब्याज दर 8.6 प्रतिशत है.
इस योजना की अवधि पांच साल की है. इसे तीन और साल के लिए बढ़ाया जा सकता है. हालांकि, एससीएसएस के ब्याज पर पूर्ण कर लगता है, जो इस योजना की सबसे बड़ी अड़चन है. इस योजना में पांच साल के लिए एक लाख रुपये की जमा पर 51,000 रुपये ब्याज बनता है. यह ब्याज आय कर के दायरे में आती है. एसबीआई इकोरैप की रिपोर्ट में कहा गया है कि उचित यह होगा कि इस योजना में पूरी तरह कर छूट दी जाए. इससे सरकार को सिर्फ 3,092 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान होगा. इसका सरकार के राजकोषीय घाटे पर मामूली 0.02 फीसदी का प्रभाव पड़ेगा.
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