''SBI की डेबिट कार्ड बंद करने की योजना नहीं, अगले 18 महीनों में स्थापित किये जायेंगे 10 लाख Yono Cash Points''

जयपुर : स्टेट बैंक के चेयरमैन रजनीश कुमार ने कहा कि फिलहाल, बैंक की डेबिट कार्ड बंद करने की कोई योजना नहीं है, लेकिन डिजिटल प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल में बढ़ोतरी होने से ग्राहकों के लिए डेबिट कार्ड की जरूरत कम हो जायेगी. इसके साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि बैंक अगले 18 महीनों में […]
जयपुर : स्टेट बैंक के चेयरमैन रजनीश कुमार ने कहा कि फिलहाल, बैंक की डेबिट कार्ड बंद करने की कोई योजना नहीं है, लेकिन डिजिटल प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल में बढ़ोतरी होने से ग्राहकों के लिए डेबिट कार्ड की जरूरत कम हो जायेगी. इसके साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि बैंक अगले 18 महीनों में देश में 10 लाख योजना कैश प्वाइंट स्थापित करेगा.
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कुमार ने कहा कि योनो कैश प्वाइंट के जरिये उसके ग्राहक बिना डेबिट कार्ड के ही एटीएम से पैसे निकाल सकते हैं और अन्य भुगतान कर सकते हैं. एसबीआई के चेयरमैन रजनीश कुमार ने बुधवार को यहां संवाददाताओं को बताया कि यह प्लेटफॉर्म सुरक्षित है और इसके प्रयोग में डेबिट कार्ड के इस्तेमाल की जरूरत नहीं होगी.
उन्होंने बताया कि योनो कैश के जरिये भविष्य में ग्राहक बिलों का भुगतान और डिजिटल लेन-देन कर सकते हैं. आगामी 18 महीनों में हम देश में 10 लाख योनो कैश प्वाइंट स्थापित करेंगे. करीब 70 हजार कैश पॉइंट पहले से ही स्थापित किये जा चुके है. उन्होंने कहा कि बैंक की डेबिट कार्ड बंद करने की कोई योजना नहीं है, लेकिन डिजिटल प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल में बढ़ोतरी से ग्राहक के लिए डेबिट कार्ड की आवश्यकता कम हो जायेगी.
उन्होंने कहा कि हम डिजिटल बैंकिंग प्लेटफॉर्म को लोकप्रिय बना रहे हैं. यह अधिक सुरक्षित है और ग्राहक को इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करने पर डेबिट कार्ड का इस्तेमाल करने की कोई जरूरत नहीं होगी. योनो एक डिजिटल बैंकिंग प्लेटफॉर्म है और ग्राहक नकद निकासी के लिए अपने स्मार्टफोन का प्रयोग कर सकते हैं. इसके जरिये लेन-देन और बिलों का भुगतान भी किया जा सकता है.
कुमार ने बताया कि बैंकों की ओर से होम लोन को रेपो रेट से जोड़े जाने की नयी पेशकश पर ग्राहकों की अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है. उन्होंने कहा कि यह ग्राहकों की इच्छा पर है कि वे नये उत्पाद के साथ जायें अथवा अपने होम लोन को एमसीएलआर के साथ जोड़ कर रखें. वाहन क्षेत्र में मंदी के बारे में उन्होंने कहा कि इसके लिए व्यापक विश्लेषण की जरूरत है.
इसके साथ ही, उन्होंने कृषि क्षेत्र को वाणिज्यिक रूप से व्यावहारिक बनाने की जरूरत बतायी. उन्होंने कहा कि कर्ज माफी के बावजूद किसानों की स्थिति नहीं सुधरती है. इसलिए इस पर विचार किया जाना चाहिए.
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