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IL&FS ने रेटिंग एजेंसियों के टॉप अफसरों को कीमती और अनोखे तोहफे बांटे, जानिये क्यों...?

Updated at : 19 Jul 2019 5:29 PM (IST)
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IL&FS ने रेटिंग एजेंसियों के टॉप अफसरों को कीमती और अनोखे तोहफे बांटे, जानिये क्यों...?

नयी दिल्ली : आईएलएंडएफएस ने अपनी रेटिंग बेहतर कराने के लिए रेटिंग एजेंसियों के बड़े अधिकारियों एवं प्रबंधकों और उनके परिवार के सदस्यों को रीयल मैड्रिड फुटबॉल मैच की टिकटें और लक्जरी विला पर भारी छूट, कमीजें, फिटबिट बैंड जैसे कई तोहफे दिये हैं. आईएलएंडएफएस घोटाले से जुड़ी जांच में यह बात सामने आयी है. […]

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नयी दिल्ली : आईएलएंडएफएस ने अपनी रेटिंग बेहतर कराने के लिए रेटिंग एजेंसियों के बड़े अधिकारियों एवं प्रबंधकों और उनके परिवार के सदस्यों को रीयल मैड्रिड फुटबॉल मैच की टिकटें और लक्जरी विला पर भारी छूट, कमीजें, फिटबिट बैंड जैसे कई तोहफे दिये हैं. आईएलएंडएफएस घोटाले से जुड़ी जांच में यह बात सामने आयी है. अभी यह जांच चल ही रही है और इस दौरान ही दो रेटिंग एजेंसियों के निदेशक मंडलों ने उनके मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को लंबी छुट्टी पर भेज दिया है.

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जांच में उच्च रेटिंग पाने के लिए आईएलएंडएफएस के प्रबंधन में शामिल पूर्व शीर्ष अधिकारियों द्वारा रेटिंग एजेंसियों के आला अधिकारियों को कई तरह के प्रलोभन देने के संदिग्ध प्रयास की जानकारी सामने आयी है. सरकार द्वारा नियुक्त आईएलएंडएफएस के नये निदेशक मंडल ने ग्रांट थॉंर्टन को कंपनी के फॉरेंसिक ऑडिट का काम सौंपा था.

इस जांच में समूह द्वारा करीब 90,000 करोड़ रुपये से अधिक के भुगतान में असफल रहने और समूह के पिछले शीर्ष प्रबंधन द्वारा संदिग्ध तौर पर गलत काम करने की पहचान हुई है. अंतरिम फॉरेंसिक ऑडिट रिपोर्ट में रेटिंग एजेंसियों की भूमिका पर चर्चा की गयी है. ग्रांट थॉर्टन ने कई ऐसे मामलों का जिक्र किया है, जब कंपनी के प्रबंधन ने रेटिंग एजेंसी के वरिष्ठ अधिकारियों और उनके परिवार के सदस्यों को कई तरह के तोहफे और लाभ दिये. इस संबंध में दोनों तरफ से कई ईमेल में बातचीत हुई.

फॉरेंसिक रेटिंग एजेंसी ने सितंबर, 2012 से अगस्त, 2016 के बीच इस संबंध में हुए कई ई-मेल का भी आकलन भी किया है. आईएलएंडएफएस समूह को रेटिंग देने वालों में केयर, इक्रा, इंडिया रेटिंग्स और ब्रिकवर्क एजेंसियां प्रमुख हैं. इसमें पाया गया कि आईएलएंडएफएस फाइनेंशियल सर्विसेस (आईएफआईएन) के पूर्व मुख्य कार्यकारी रमेश बावा ने फिच रेटिंग्स के दक्षिण एवं दक्षिण एशिया के संस्थान प्रमुख अंबरीश श्रीवास्तव की पत्नी को एक विला खरीदने में मदद की. साथ ही, उन्हें भारी छूट दी.

बावा ने यूनिटेक लिमिटेड के प्रबंध निदेशक अजय चंद्रा से निजी तौर पर इसमें संलग्न होकर श्रीवास्तव की पत्नी के मामले को सुलझाने के लिए कहा. श्रीवास्तव की पत्नी को इस विला की खरीद पर देरी से भुगतान को लेकर ब्याज के मामले का सामना करना पड़ा था. कंपनी के एक और मेल में पाया गया कि ब्रिकवर्क रेटिंग्स के संस्थापक और निदेशक डी रविशंकर ने अरुणा साहा को धन्यवाद भेजा है. साहा उस समय आईएफआईएन के संयुक्त निदेशक थे.

साहा ने रविशंकर को उनके बेटे साथ स्पेन के मैड्रिड में रीयल मैड्रिड का फुटबॉल मैच देखने के लिए टिकट उपलब्ध कराये थे. एक और ई मेल में साहा आईएलएंडएफएस के मुख्य जोखिम अधिकारी सुजॉय दास से केयर के प्रबंध निदेशक राजेश मोकाशी के लिए उनकी पसंद का फिटबिट बैंड खरीदने के लिए कह रहे हैं.

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