किसानों के लिए खुशखबरी! ₹2 लाख तक कर्ज होगा माफ; समय पर पैसा चुकाने वालों को मिलेगा ₹50,000 का इनाम

सांकेतिक तस्वीर (फोटो/Canva)
Maharashtra Farm Loan : महाराष्ट्र के किसानों को बड़ी राहत! सरकार ने मंजूर की 2 लाख रुपये तक की कर्जमाफी योजना. जानिए किन किसानों का कर्ज होगा माफ और किसे मिलेगा ₹50,000 का इनाम.
Maharashtra Farm Loan : महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के लाखों अन्नदाताओं को एक बहुत बड़ी सौगात दी है. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में ‘पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर शेतकरी कर्जमुक्ती योजना’ को आधिकारिक मंजूरी दे दी गई है.
इस ऐतिहासिक फैसले के तहत राज्य के किसानों का 2 लाख रुपये तक का कृषि ऋण (कृषि कर्ज) पूरी तरह माफ किया जाएगा. सरकार का दावा है कि इस योजना से राज्य के करीब 56 लाख किसानों को सीधा फायदा पहुंचेगा. इस योजना की सबसे खास बात यह है कि इसका लाभ उठाने के लिए जमीन के मालिकाना हक (भूमि स्वामित्व) की कोई सीमा नहीं रखी गई है, यानी छोटे और बड़े दोनों तरह के किसान इसका फायदा ले सकेंगे.
किन किसानों का कर्ज होगा पूरी तरह माफ ?
सरकार ने कर्जमाफी के लिए कुछ जरूरी शर्तें और तारीखें तय की हैं.
- तय समय सीमा: यह लाभ 1 अप्रैल 2019 से 31 मार्च 2025 के बीच लिए गए अल्पकालिक (Short-term) फसल ऋण पर मिलेगा.
- बकाया की शर्त: जिन किसानों का कर्ज 30 सितंबर 2025 तक बकाया था और 31 मार्च 2026 तक बैंक में जमा नहीं हो पाया था, उनका ₹2 लाख तक का पूरा कर्ज माफ कर दिया जाएगा.
₹2 लाख से ज्यादा कर्ज वालों के लिए ‘ओटीएस’ (OTS) स्कीम
जिन किसानों पर 2 लाख रुपये से अधिक का बकाया कर्ज है, उन्हें निराश होने की जरूरत नहीं है. सरकार ने उन्हें वन टाइम सेटलमेंट (OTS) का विकल्प दिया है. ऐसे किसानों को 2 लाख रुपये से ऊपर की जितनी भी राशि है, उसे खुद बैंक में जमा करना होगा. ऐसा करने के बाद उनका बचा हुआ 2 लाख रुपये का कर्ज सरकार माफ कर देगी. इसके लिए किसानों को 31 मार्च 2027 तक का समय दिया गया है.
ईमानदारी से कर्ज चुकाने वालों को ₹50,000 का बोनस
सरकार ने उन किसानों का भी ध्यान रखा है जो समय पर अपना बैंक लोन चुकाते हैं. वित्त वर्ष 2022-23 से 2024-25 के बीच जिन किसानों ने तीन वर्षों में कम से कम दो बार समय पर अपना फसल ऋण चुकाया है, उन्हें सरकार की तरफ से ₹50,000 तक की प्रोत्साहन राशि (Incentive) इनाम के रूप में दी जाएगी. इसके लिए शर्त यह है कि चालू वित्त वर्ष का फसल ऋण भी समय पर चुकाया गया हो.
इन लोगों को ‘नो एंट्री’
प्रशासन ने साफ किया है कि समाज के संपन्न और सरकारी पदों पर बैठे लोगों को इस कर्जमाफी के दायरे से बाहर रखा गया है.
- राजनीतिक दलों के पदाधिकारी.
- सरकारी नौकरी करने वाले कर्मचारी.
- इनकम टैक्स (आयकर) भरने वाले लोग.
- सहकारी संस्थाओं के ऐसे अधिकारी और कर्मचारी जिनका मासिक वेतन (Monthly Salary) ₹25,000 से अधिक है.
योजना का लाभ पाने के लिए 2 चीजें हैं बेहद जरूरी
इस सरकारी योजना का लाभ सीधे आपके खाते तक पहुंचे, इसके लिए सरकार एक विशेष डिजिटल पोर्टल तैयार कर रही है. किसानों के लिए नीचे दी गई दो प्रक्रियाएं पूरी करना अनिवार्य होगा:
- आधार प्रमाणीकरण (Aadhaar Authentication): किसान के खाते का आधार से लिंक और सत्यापित होना जरूरी है.
- एग्रीस्टैक पंजीकरण: सरकार के ‘एग्रीस्टैक’ (AgriStack) डिजिटल प्लेटफॉर्म पर किसानों को अपना रजिस्ट्रेशन कराना होगा.
इस पूरी योजना के सही क्रियान्वयन (Execution) की देखरेख खुद राज्य के मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली एक उच्चस्तरीय समिति करेगी.
विपक्ष ने उठाए सवाल
जहां एक तरफ सरकार इसे ऐतिहासिक कदम बता रही है, वहीं दूसरी तरफ विपक्षी दलों (कांग्रेस, शिवसेना-यूबीटी, एनसीपी-एसपी) और किसान नेताओं ने मांग उठाई है कि कर्जमाफी की इस ₹2 लाख की सीमा को और बढ़ाया जाना चाहिए और सभी प्रभावित किसानों को बिना किसी शर्त के इसका पूरा लाभ मिलना चाहिए.
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