Coronavirus In Bihar : सभी जिलों के निजी अस्पतालों में होगा कोरोना का इलाज, हेल्प डेस्क के साथ मिलेंगी यह अन्य सुविधाएं...

पटना: अब जिलों में निजी अस्पतालों में भी कोरोना का इलाज होगा. राज्य सरकार ने सभी डीएम को यह अधिकार दिया है कि वह अपने जिले में निजी अस्पतालों को चिह्नित कर कोरोना का इलाज शुरू कराएं. साथ ही कोरोना का इलाज करने वाले सभी अस्पतालों में हेल्प डेस्क खुलेंगे. इन अस्पतालों में रिसेप्शन की व्यवस्था होगी, जहां कोई भी व्यक्ति कोरोना की जांच और इलाज से संबंधित जानकारी हासिल कर सकेगा. मंगलवार को मुख्य सचिव दीपक कुमार की अध्यक्षता में कोर ग्रुप की बैठक हुई, जिसमें यह निर्णय लिया गया.
पटना: अब जिलों में निजी अस्पतालों में भी कोरोना का इलाज होगा. राज्य सरकार ने सभी डीएम को यह अधिकार दिया है कि वह अपने जिले में निजी अस्पतालों को चिह्नित कर कोरोना का इलाज शुरू कराएं. साथ ही कोरोना का इलाज करने वाले सभी अस्पतालों में हेल्प डेस्क खुलेंगे. इन अस्पतालों में रिसेप्शन की व्यवस्था होगी, जहां कोई भी व्यक्ति कोरोना की जांच और इलाज से संबंधित जानकारी हासिल कर सकेगा. मंगलवार को मुख्य सचिव दीपक कुमार की अध्यक्षता में कोर ग्रुप की बैठक हुई, जिसमें यह निर्णय लिया गया.
Also Read: Coronavirus In Bihar : कोरोना संक्रमित भाजपा MLC की पटना एम्स में मौत, कुल 11 कोरोना पॉजिटिव मरीजों की गई जान
सरकार ने कोरोना जांच की ऑन डिमांड व्यवस्था भी चिकित्सकीय सलाह दी जा रही है. सूचना सचिव अनुपम कुमार और स्वास्थ्य सचिव लोकेश कुमार सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश पर स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है. सभी आइसोलेशन सेंटर और कोरोना के इलाज के लिए नामित अस्पतालों में सारी सुविधाएं दी जा रही हैं. उन्होंने कहा कि मरीज की हालत में सुधार नहीं हो तो उसे मेडिकल काॅलेज अस्पतालों में रेफर किया जायेगा. अस्पतालों में स्टाफ और डाॅक्टरों को पूरी ट्रेनिंग दी जा रही है. पर्याप्त संख्या में बेड मुहैया कराये जा रहे हैं.
जिन लोगों को होम आइसोलेशन में रखा गया है, स्वास्थ्य विभाग उनकी सेहत की भी नियमित माॅनिटरिंग कर रहा है. अस्पतालों में प्रबंधन ठीक रहे, इसके लिए सपोर्ट सिस्टम तैयार किया गया है. स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि होम आइसोलेशन में यदि हालत में सुधार नहीं होता है तो ऐसे मरीजों को कोविड डेडिकेटेड अनुमंडल अस्पतालों में भर्ती किया जायेगा. इससे भी स्थिति नहीं सुधरी तो मेडिकल काॅलेज अस्पतालों में मरीज का इलाज होगा.
उन्होंने कहा कि जेएलएनएमसीएच भागलपुर, एएनएमएमसीएच गया और एनएमसीएच पटना को पहले से ही कोविड अस्पताल घोषित किया गया है. अब बाकी सभी छह मेडिकल काॅलेज अस्पतालों में भी 100-100 बेड अलग से चिह्नित कर रखे गये हैं. जिलों को भी मेडिकल काॅलेज अस्पताल आवंटित कर दिये गये हैं, ताकि सभी को मालूम रहे कि किस जिले के व्यक्ति को किस मेडिकल काॅलेज में इलाज कराना है. एनएमसीएच के तहत पटना सिटी के गुरु गोविंद सिंह अस्पताल में कोरोना मरीजों के लिए 100 बेड और एम्स के अधीन बिहटा के इएसआइ अस्पताल में 100 बेड सुरक्षित रखे गये हैं.
Posted by : Thakur Shaktilochan Shandilya
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar News Desk
यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




