कोरोना से बेदम बिहार: एक माह में 4 बार सरकार ने लगाये कड़े प्रतिबंध, क्या अब लॉकडाउन लगेगा?

Bihar Coronavirus Update, Coronavirus Lockdown Bihar: कोरोना संक्रमण की रफ्तार का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि राज्य में एक अप्रैल को कोरोना से संक्रमित एक्टिव मरीजों की संख्या मात्र 1907 थी, लेकिन अप्रैल के अंत में यह आंकड़ा एक लाख के पार चला गया. स्वास्थ्य व्यवस्थाओं में कमी से भले ही लोगों की परेशानी बढ़ी हो, लेकिन सरकार ने कोरोना की रफ्तार को गंभीरता से लिया.
Bihar Coronavirus Update, Coronavirus Lockdown Bihar: कोरोना संक्रमण की रफ्तार का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि राज्य में एक अप्रैल को कोरोना से संक्रमित एक्टिव मरीजों की संख्या मात्र 1907 थी, लेकिन अप्रैल के अंत में यह आंकड़ा एक लाख के पार चला गया. स्वास्थ्य व्यवस्थाओं में कमी से भले ही लोगों की परेशानी बढ़ी हो, लेकिन सरकार ने कोरोना की रफ्तार को गंभीरता से लिया.इसी का परिणाम है कि पहली बार केवल अप्रैल माह में ही चार बार आदेश जारी कर प्रतिबंधों को क्रमश: कड़ा किया गया.
सरकार की ओर से भले ही संपूर्ण लॉकडाउन करने का आदेश नहीं है, मगर कोरोना की दूसरी लहर में 24 मार्च से लेकर अब तक सात बार गृह विभाग कोरोना संक्रमण प्रसार रोकने के लिए गाइडलाइन जारी कर चुका है. कड़े प्रतिबंधों के बाद भी कोरोना के मामले घटने की बजाय लगातार तेज से बढ़ रहे हैं. ऐसे में लोगों की बीच चर्चा है कि सरकार को अब दिल्ली सहित दूसरे राज्यों की तर्ज पर लॉकडाउन के बारे में विचार करना चाहिए. कोरोना संक्रमन की चेन तोड़ने में लॉकडाउन कारगर साबित हो सकता है.
यह आदेश सबसे अपडेटेड है. इस आदेश में अब चार बजे तक ही दुकानों को खोलने का निर्देश दिया गया है. शाम छह बजे से सुबह छह बजे तक नाइट कर्फ्यू लगाया गया है. शादी व श्राद्ध कर्म में भी शामिल होने वाले लोगों की संख्या न्यूनतम करते हुए शादी में 50 और अंतिम संस्कार में 20 लोगों के शामिल होने की सीमा निर्धारित की गयी है.
इस आदेश में भी पूर्व की कुछ छूटों में कमी की गयी थी. इसमें दूकानों को खोलने की समय सीमा शाम सात बजे से घटा कर शाम छह बजे तक कर दी गयी थी. सभी सिनेमा हाल, पार्क, स्वीमिंग पूल आदि को पूर्ण रूप से बंद कर दिया गया था. शादी व श्राद्ध कर्म समारोह में अधिकत 100 लोगों के शामिल होने की सीमा निर्धारित की गयी थी.
सभी दुकानों को सात बजे शाम तक खोलने के लिए आदेश जारी किया गया था. भोजनालय, ढाबा व रेस्त्रां को इससे छूट देकर 50 फीसदी की संख्या के साथ संचालन की छूट दी गयी थी. स्कूल, कॉलेज व कोचिंग संस्थानों को 18 अप्रैल तक बंद किया गया था. धार्मिक स्थल पूर्ण रूप से बंद कर दिये गये थे और पार्क आदि जगहों पर 50 फीसदी क्षमता के साथ संचालन के निर्देश थे.
इस आदेश में गृह विभाग ने केंद्र के गृह मंत्रालय के आदेश को जिलों में लागू कराने का निर्देश दिया था. सभी सार्वजनिक कार्यक्रमों पर अप्रैल के अंत तक रोक लगायी गयी थी. शादी में 250 और श्राद्ध में 50 लोगों के शामिल होने की सीमा निर्धारित की गयी थी. स्कूलों को 11 अप्रैल तक बंद किया गया था. इसके साथ उसी समय पब्लिक ट्रांसपोर्ट को 50 फीसदी क्षमता के साथ परिचान के निर्देश दिये गये थे.
दरअसल, कोरोना संक्रमण के प्रसार की झलक मार्च में होली के समय से ही मिलने लगी थी. इस लिए गृह विभाग की ओर से 26 और 27 मार्च को दो बार आदेश जारी किये गये. उसके पहले 24 मार्च को भी गृह विभाग की ओर से एक आदेश जारी किया गया था. वहीं मार्च से पहले दस फरवरी और 29 जनवरी को भी गृह विभाग की ओर से आदेश जारी कर गृह मंत्रालय के अद्यतन निर्देश को राज्य में लागू करने के निर्देश दिये गये थे. इस हिसाब से इस वर्ष चार माह के दौरान अब तक नौ आदेश जारी हो चुके हैं.
Posted By: Utpal Kant
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