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तेजस्वी यादव ने किया बड़ा दावा! नीतीश और चंद्रबाबू के लिए लाया गया कानून, कह दी ये बड़ी बात  

Updated at : 20 Aug 2025 8:29 PM (IST)
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Tejashwi Yadav

Tejashwi Yadav

Tejashwi Yadav on Criminal Bill: संसद में गंभीर आपराधिक मामलों में फंसे प्रधानमंत्रियों, मुख्यमंत्रियों और मंत्रियों को हटाने संबंधी विधेयक पर तेजस्वी यादव ने कड़ा विरोध जताया. उन्होंने इसे लोकतंत्र कमजोर करने और विरोधियों को डराने की साजिश बताया. नीतीश कुमार व चंद्रबाबू नायडू को निशाना बनाने का आरोप लगाते हुए तेजस्वी ने कहा कि विपक्ष इस कानून का संसद से सड़क तक विरोध करेगा.

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Tejashwi Yadav on Criminal Bill: संसद में गंभीर आपराधिक मामलों में फंसे प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और मंत्रियों को उनके पद से हटाने संबंधी प्रस्तावित विधेयक पर सियासत तेज हो गई है. राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने इस विधेयक को लेकर केंद्र सरकार पर कड़ा प्रहार किया है. उन्होंने कहा कि यह कानून लोकतंत्र को कमजोर करने की साजिश है और इसका इस्तेमाल राजनीतिक विरोधियों को डराने-धमकाने के लिए किया जाएगा.

तेजस्वी यादव ने क्या कहा ? 

तेजस्वी यादव ने बुधवार को मीडिया से बातचीत करते हुए कहा, “यह कानून लाकर जनता को गुमराह करने की कोशिश की जा रही है. यह ब्लैकमेल करने का एक नया तरीका है. जिन नेताओं को कमजोर करना है, जिनसे डराना है, उन्हें इस कानून के जरिए निशाना बनाया जाएगा.” उन्होंने आरोप लगाया कि इस कानून का सीधा मकसद बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू जैसे नेताओं पर दबाव बनाना है.

तेजस्वी ने दिए उदाहरण 

राजद नेता ने कहा कि पहले भी कई ऐसे उदाहरण सामने आए हैं, जब विपक्षी नेताओं को जेल भेजा गया लेकिन अदालत से वे बरी हो गए. तेजस्वी ने झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का नाम लेते हुए कहा, “इन नेताओं को जेल में रखा गया, लेकिन बाद में न्यायपालिका ने उन्हें राहत दी. फिर भी उनकी छवि खराब करने और जनता के बीच गलत संदेश देने का प्रयास किया गया.”

जनता के पास है नेता को हटाने का अधिकार 

तेजस्वी यादव का मानना है कि लोकतंत्र में जनता सर्वोच्च है और किसी भी निर्वाचित नेता को पद से हटाने का अधिकार केवल जनता के पास होना चाहिए. उन्होंने कहा कि सरकार अगर सचमुच आपराधिक छवि वाले नेताओं के खिलाफ ईमानदार है, तो सबसे पहले अपने दल के उन नेताओं पर कार्रवाई करे जिन पर गंभीर मुकदमे दर्ज हैं.

तेजस्वी ने उठाया गंभीर सवाल 

राजद नेता ने सवाल उठाया कि जब तक अदालत किसी पर दोष सिद्ध नहीं करती, तब तक उसे अपराधी नहीं माना जा सकता. ऐसे में केवल आरोप के आधार पर किसी मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री या मंत्री को पद से हटाना लोकतांत्रिक व्यवस्था पर कुठाराघात होगा.

तेजस्वी ने दी चेतावनी 

उन्होंने चेतावनी दी कि अगर यह कानून पारित हुआ, तो इसका दुरुपयोग कर विपक्षी दलों की आवाज दबाने और लोकतंत्र को कमजोर करने का काम होगा. तेजस्वी यादव ने कहा, “हम इस बिल का विरोध करेंगे और जनता को भी बताएंगे कि यह लोकतंत्र की हत्या की ओर बढ़ाया गया कदम है.”

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विपक्ष ने किया विरोध का ऐलान 

इस बयान के साथ ही साफ है कि आगामी दिनों में इस विधेयक को लेकर बिहार और राष्ट्रीय राजनीति में गरमाहट और बढ़ने वाली है. विपक्ष ने इसे सरकार का “राजनीतिक हथियार” बताते हुए संसद से लेकर सड़क तक कड़ा विरोध करने का ऐलान किया है.

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Nishant Kumar

लेखक के बारे में

By Nishant Kumar

Nishant Kumar: निशांत कुमार पिछले तीन सालों से डिजिटल पत्रकारिता कर रहे हैं. दैनिक भास्कर के बाद राजस्थान पत्रिका के डिजिटल टीम का हिस्सा रहें. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल के नेशनल-इंटेरनेशनल और स्पोर्ट्स टीम में काम कर रहे हैं. किस्सागोई हैं और देश-विदेश की कहानियों पर नजर रखते हैं. साहित्य पढ़ने-लिखने में रुचि है.

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