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Rohini Acharya: 'आपके ऊपर चप्पल उठाकर मारा जाएगा', लालू परिवार में घमासान, रोहिणी बोलीं- मेरा कोई नहीं

15 Nov, 2025 9:59 pm
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Rohini-Acharya

रोहिणी आचार्य

Rohini Acharya: लालू यादव को किडनी देने वाली बेटी रोहिणी आचार्य का राजद और परिवार से मोहभंग हो गया है. शनिवार को उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में पार्टी और परिवार छोड़ने का ऐलान किया.

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Rohini Acharya: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में राजद को मिली करारी हार के बाद प्रदेश के सबसे बड़े राजनितिक परिवार में घमासान मच गया है. परिवार और पॉलिटिक्स छोड़ने के बाद रोहिणी आचार्य ने कहा, “मेरा कोई परिवार नहीं है, यह जाकर आप तेजस्वी, संजय और रमीज से जाकर पूछिए, वे ही लोग हमें परिवार से निकाले हैं, क्योंकि उन्हें जिम्मेदारी लेनी नहीं है. पूरी दुनिया बोल रही है जो चाणक्य बनेगा, उसी से सवाल पूछेंगे. कार्यकर्ता चाणक्य से सवाल कर रही है कि पार्टी का यह हाल क्यों हुआ. जब संजय, रमीज का नाम लेंगे तो घर से निकाल दिया जाएगा, बदनाम किया जाएगा और आपके ऊपर चप्पल उठाकर मारा जाएगा.”

एक पोस्ट से मच गया घमासान

शनिवार को रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट साझा करते हुए कहा कि वह राजनीति और परिवार से दूरी बनाने का निर्णय ले रही हैं. उन्होंने लिखा, “मैं राजनीति छोड़ रही हूं और परिवार से अलग हो रही हूं. संजय यादव और रमीज ने मुझे यही कहा था. इसकी पूरी जिम्मेदारी मैं लेती हूं.”

रोहिणी के पोस्ट की चर्चा हर तरफ हो रही है. इस मुद्दे पर आरजेडी की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. अब सबकी निगाहें इस पर टिकी हैं कि लालू प्रसाद यादव, तेजस्वी यादव और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता इस मामले को लेकर क्या कहते हैं.

यह बयान उस समय सामने आया है, जब ठीक एक दिन पहले बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित किए गए. इस चुनाव में महागठबंधन को करारी हार मिली है. तेजस्वी यादव की अगुवाई में आरजेडी सिर्फ 25 सीटों पर सिमट कर रह गई, जिससे पार्टी के भीतर निराशा का माहौल है.

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बेटी का कराह भारी होता है- जदयू नेता

इस मामले पर जदयू नेता नीरज कुमार ने कहा कि जिस बेटी रोहिणी ने अपने पिता की प्राण रक्षा की हो, उस बेटी के मुंह से कराह निकल रहा हो. जिस भाई की कलाई पर राखी बांधी, वह बहन पार्टी और परिवार को भी अलविदा कह रही है. उन्होंने कहा कि सवाल के घेरे में लालू यादव और राबड़ी देवी हैं. उन्होंने कहा कि लालू यादव राजनीति के धृतराष्ट्र हो गए हैं, जो सबकुछ जानते हुए भी खामोश हैं.

उन्होंने कहा, “लालू यादव उस घर के मुखिया हैं. अगर लालू यादव अपनी भूमिका अदा नहीं करेंगे तो उसके अपराधी भी वही होंगे. बेटी का कराह भारी होता है. राजनीति का कुनबा तो बिखर ही गया, अब परिवार का भी कुनबा बिखर जाएगा. इसलिए ज्ञानचक्षु खोलिए.”

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Paritosh Shahi

लेखक के बारे में

By Paritosh Shahi

परितोष शाही डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. अभी प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम में काम कर रहे हैं. देश और राज्य की राजनीति, सिनेमा और खेल (क्रिकेट) में रुचि रखते हैं.

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