Rohini Acharya: 'आपके ऊपर चप्पल उठाकर मारा जाएगा', लालू परिवार में घमासान, रोहिणी बोलीं- मेरा कोई नहीं
Published by : Paritosh Shahi Updated At : 15 Nov 2025 10:03 PM
रोहिणी आचार्य
Rohini Acharya: लालू यादव को किडनी देने वाली बेटी रोहिणी आचार्य का राजद और परिवार से मोहभंग हो गया है. शनिवार को उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में पार्टी और परिवार छोड़ने का ऐलान किया.
Rohini Acharya: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में राजद को मिली करारी हार के बाद प्रदेश के सबसे बड़े राजनितिक परिवार में घमासान मच गया है. परिवार और पॉलिटिक्स छोड़ने के बाद रोहिणी आचार्य ने कहा, “मेरा कोई परिवार नहीं है, यह जाकर आप तेजस्वी, संजय और रमीज से जाकर पूछिए, वे ही लोग हमें परिवार से निकाले हैं, क्योंकि उन्हें जिम्मेदारी लेनी नहीं है. पूरी दुनिया बोल रही है जो चाणक्य बनेगा, उसी से सवाल पूछेंगे. कार्यकर्ता चाणक्य से सवाल कर रही है कि पार्टी का यह हाल क्यों हुआ. जब संजय, रमीज का नाम लेंगे तो घर से निकाल दिया जाएगा, बदनाम किया जाएगा और आपके ऊपर चप्पल उठाकर मारा जाएगा.”
एक पोस्ट से मच गया घमासान
शनिवार को रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट साझा करते हुए कहा कि वह राजनीति और परिवार से दूरी बनाने का निर्णय ले रही हैं. उन्होंने लिखा, “मैं राजनीति छोड़ रही हूं और परिवार से अलग हो रही हूं. संजय यादव और रमीज ने मुझे यही कहा था. इसकी पूरी जिम्मेदारी मैं लेती हूं.”
रोहिणी के पोस्ट की चर्चा हर तरफ हो रही है. इस मुद्दे पर आरजेडी की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. अब सबकी निगाहें इस पर टिकी हैं कि लालू प्रसाद यादव, तेजस्वी यादव और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता इस मामले को लेकर क्या कहते हैं.
यह बयान उस समय सामने आया है, जब ठीक एक दिन पहले बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित किए गए. इस चुनाव में महागठबंधन को करारी हार मिली है. तेजस्वी यादव की अगुवाई में आरजेडी सिर्फ 25 सीटों पर सिमट कर रह गई, जिससे पार्टी के भीतर निराशा का माहौल है.
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बेटी का कराह भारी होता है- जदयू नेता
इस मामले पर जदयू नेता नीरज कुमार ने कहा कि जिस बेटी रोहिणी ने अपने पिता की प्राण रक्षा की हो, उस बेटी के मुंह से कराह निकल रहा हो. जिस भाई की कलाई पर राखी बांधी, वह बहन पार्टी और परिवार को भी अलविदा कह रही है. उन्होंने कहा कि सवाल के घेरे में लालू यादव और राबड़ी देवी हैं. उन्होंने कहा कि लालू यादव राजनीति के धृतराष्ट्र हो गए हैं, जो सबकुछ जानते हुए भी खामोश हैं.
उन्होंने कहा, “लालू यादव उस घर के मुखिया हैं. अगर लालू यादव अपनी भूमिका अदा नहीं करेंगे तो उसके अपराधी भी वही होंगे. बेटी का कराह भारी होता है. राजनीति का कुनबा तो बिखर ही गया, अब परिवार का भी कुनबा बिखर जाएगा. इसलिए ज्ञानचक्षु खोलिए.”
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By Paritosh Shahi
परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
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