Mokama Vidhansabha Seat: ढ़ाई दशक बाद मोकामा के मैदान में दो बाहुबली, कौन किस पर पड़ेगा भारी
Published by : Paritosh Shahi Updated At : 11 Oct 2025 8:52 PM
सूरजभान सिंह और अनंत सिंह
Mokama Vidhansabha Seat: बिहार विधानसभा चुनाव में मोकामा सीट पर बाहुबली नेता अनंत सिंह और सूरजभान सिंह के परिवार के बीच फिर से आमना-सामना तय माना जा रहा है. इस सीट पर भूमिहार vs भूमिहार का मुकाबला देखने को मिल सकता है. आइये जानते हैं दोनों बाहुबली का राजनितिक इतिहास कैसा रहा है.
Mokama Vidhansabha Seat: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में इस बार सबसे चर्चित मुकाबला मोकामा सीट पर देखने को मिल सकता है. यहां दो बाहुबली भूमिहार नेता सूरजभान सिंह और अनंत सिंह के बीच फिर से मुकाबला देखने को मिल सकता है. 2000 में सूरजभान ने अनंत के बड़े भाई दिलीप सिंह को हराकर पहली बार मोकामा से विधायक बने थे. अब चर्चा है कि सूरजभान की पत्नी और पूर्व सांसद वीणा देवी राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के टिकट पर चुनाव लड़ सकती हैं.
रविवार को परिवार समेत राजद में शामिल होंगे
सूत्रों के मुताबिक सूरजभान का परिवार शनिवार को लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव की मौजूदगी में आरजेडी में शामिल होने वाला था, लेकिन कार्यक्रम अब रविवार को तय हुआ है. तेजस्वी यादव रविवार को सूरजभान, उनके भाई चंदन सिंह और पत्नी वीणा देवी समेत कई नेताओं को पार्टी की सदस्यता दिलाएंगे.
मोकामा सीट पर रहा है अनंत सिंह को दबदबा
मोकामा से अनंत सिंह का दबदबा पिछले दो दशकों से कायम है. 2005 से लेकर अब तक वे लगातार पांच बार यहां से जीत दर्ज कर चुके हैं. पहले तीन बार जदयू से, फिर निर्दलीय और 2020 में राजद के टिकट पर. सजा के कारण 2022 के उपचुनाव में उन्होंने अपनी पत्नी नीलम देवी को मैदान में उतारा था, जिन्होंने आरजेडी के टिकट पर जीत हासिल की.
अनंत सिंह ने 2019 के लोकसभा चुनाव में नीलम देवी को मुंगेर से कांग्रेस पार्टी से उम्मीदवार बनाया था, लेकिन जेडीयू के ललन सिंह ने उन्हें करीब पौने दो लाख वोटों से हरा दिया. अब अनंत सिंह और ललन सिंह के संबंध पहले से बेहतर हो गए हैं.
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कई जिलों में फैला है सूरजभान सिंह का नेटवर्क
दादा के नाम से मशहूर सूरजभान सिंह का प्रभाव सिर्फ मोकामा तक सीमित नहीं है. वे 2004 में बलिया से लोजपा के सांसद बने थे. बाद में उनकी पत्नी वीणा देवी ने 2014 में मुंगेर और भाई चंदन सिंह ने 2019 में नवादा से लोजपा के टिकट पर जीत हासिल की. सूरजभान परिवार का राजनीतिक प्रभाव बिहार के बलिया, मुंगेर, नवादा, पटना और आसपास के क्षेत्रों में फैला हुआ है.
एक ओर अनंत सिंह की पारंपरिक पकड़ और जनाधार है तो दूसरी ओर सूरजभान सिंह का नेटवर्क. दोनों ही पक्षों की दावेदारी से यह मुकाबला बिहार की सबसे हाई-प्रोफाइल सीटों में से एक बन गया है.
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By Paritosh Shahi
परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
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