रोहिणी ने किसे बताया ‘पार्टी हड़पने की कुत्सित मंशा रखने वाला'? ‘ट्रोलर्स और पेड मीडिया’ के जरिए क्‍या सीधे संजय यादव पर निशाना!

Updated at : 21 Sep 2025 7:57 PM (IST)
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रोहिणी ने किसे बताया ‘पार्टी हड़पने की कुत्सित मंशा रखने वाला'? ‘ट्रोलर्स और पेड मीडिया’ के जरिए क्‍या सीधे संजय यादव पर निशाना!

रोहिणी आचार्य

Lalu Family Controversy: लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने एक भावुक पोस्‍ट कर पार्टी के भीतर गहरी हलचल मचा दी है. अपनी किडनी देकर पिता की जान बचाने वाली रोहिणी ने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ दुष्प्रचार चल रहा है और कोई ‘पार्टी हड़पने की मंशा’ रखता है.

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Lalu Family Controversy, केशव सुमन सिंह: लालू प्रसाद यादव को अपनी किडनी देकर उनकी जान बचाने वाली रोहिणी आचार्य आहत हैं. इस पीड़ा में आज उन्‍होंने एक पोस्‍ट किया. जिसमें उन्‍होंने कई गंभीर सवाल उठाए हैं. उन्‍होंने अपने पोस्‍ट में इस बात की भी आशंका जताई है कि पार्टी के भीतर कोई है, जो ‘पार्टी हड़पने की कुत्सित मंशा’ रखता है.

रोहिणी आचार्य के इस पोस्‍ट के बाद कई सारे सवाल खड़े हो गए हैं. सवाल ये कि आखिर उन्‍हें कौन है ‘वो’ जो पार्टी को हड़पना चाहता है? उनके इस पोस्‍ट से ये साफ जाहिर हो रहा है कि वो इस वक्‍त अपनी की पार्टी के भीतर ‘निशाने’ पर आ गई हैं. जिसे साफ करते हुए उन्‍होंने लिखा ‘मेरी कोई राजनीतिक महत्वाकांक्षा न कभी रही थी, न है और ना ही आगे रहेगी, न मुझे खुद विधानसभा का प्रत्याशी बनना है, ना ही किसी को विधानसभा का प्रत्याशी बनवाना है, न राज्यसभा की सदस्य्ता की मेरी कोई आकांक्षा है.’

क्या पार्टी में सेंध लगाने की साजिश

ऐसे में बिहार के राजनीतिक परिवार से जुड़ा ये बड़ा सवाल है. सवाल ये भी है कि क्‍या लालू यादव की पार्टी और राजनीतिक कुनबे में सेंध लगाने की बड़ी साजिश हो रही है? जिसे रोहिणी भांप गईं हैं! दरअसल, ये सवाल आज रोहिणी आचार्य के सोशल मीडिया पोस्‍ट के बाद यक्ष प्रश्‍न बन गया है.

उन्‍होंने अपने पोस्‍ट में लिखा, ‘ट्रोलर्स, उद्दंडों, पेड – मीडिया एवं पार्टी हड़पने की कुत्सित मंशा रखने वालों’ द्वारा फैलाये जा रहे तमाम अफवाह निराधार हैं और मेरी छवि को नुकसान पहुँचाने के मकसद से किए जा रहे दुष्प्रचार का हिस्सा हैं. बिहार की राजनीति को करीब से देखने वाले और राजद समर्थक इसे सीधे तौर पर संजय यादव पर हमला मान रहे हैं.

तो संजय यादव ‘पार्टी हड़पना’ चाहते हैं?

जी हां, जिस तरह से रोहिणी आचार्य ने पोस्‍ट लिखा है. वो तेजस्‍वी यादव के बेहद खास संजय यादव की ओर इशारा करते हैं. गौर करने वाली बात ये भी है कि 18 सितंबर को रोहिणी आचार्य ने आरजेडी के रथ पर संजय यादव के बैठने को लेकर सवाल खड़े किए थे. जिसके बाद परिवार के मुखिया की डांट के बाद नाराज होकर सिंगापुर चली गईं। बताते दें कि, पार्टी के भीतर संजय यादव ही ऐसे शक्‍स हैं जो तेजस्‍वी यादव के लिए ‘मीडिया मैनेजमेंट’ की जिम्‍मेदारी संभालते हैं. ‘सोशल मीडिया टीम’ भी उन्‍हीं की देखरेख में काम करती है.

कहानी में ये भी है ट्वीस्‍ट

बताते चलें कि 20 सितंबर को रोहिणी ने अपना सोशल मीडिया अकाउंट आरजेडी और परिवार से जुड़े सभी लोगों को बाहर कर अपना प्राइवेट कर लिया था. इसके पीछे वजह ये थी कि कथित आरजेडी समर्थक रोहिणी आचार्य को उनके पोस्‍ट पर आकर भला-बुरा सुना रहे थे. उन पर अपनी किडनी के बदले पार्टी में पद और टिकट लेने की इच्‍छा रखने वाला बता कर ट्रोल करने की कोशिश कर रहे थे. 19 सितंबर की आधी रात तक रोहिणी आचार्य को गालियां दी जा रही थी. जिसका रोहिणी ने जवाब भी दिया। लेकिन कुछ करीबियों के कहने के बाद उन्‍होंने अपना अकाउंट प्राइवेट कर लिया.

ऐसे में बड़ा सवाल तो ये उठता है कि जिस रोहिणी आचार्य को छपरा में गाली देने पर यादव समाज के लड़के उग्र हो गए थे. रोहिणी की मान की रक्षा के लिए चंदन यादव ने अपनी जान दे दी थी. आज उसी समाज के लड़के लालू की बेटी को गालियां सुना रहे थे, उनपर किडनी की कीमत वसूलने, पार्टी में टिकट पाने की इच्‍छा और विधानसभा चुनाव में प्रत्‍याशी बनने की इच्‍छा रखने की महत्‍वकांक्षा रखने का आरोप लगा रहे थे.

गौर करने वाली बात ये थी कि रोहिणी को ट्रोल करने वालों में मुस्लिम और यादव समाज के लड़के ही शामिल थे. ऐसे में रोहिणी आचार्य ने अपने इस पोस्‍ट में इस बात की को भी इशारों में जाहिर कर दिया ये सब उसी व्‍यक्ति के इशारे पर हुआ है जो पार्टी को ‘हड़पने की मंशा’ रखता है.

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रोहिणी ने सोशल मीडिया पर लिखा ये पोस्‍ट

रोहिणी ने लिखा, “मेरे संदर्भ में ट्रोलर्स, उद्दंडों, पेड – मीडिया एवं पार्टी हड़पने की कुत्सित मंशा रखने वालों के द्वारा फैलाये जा रहे तमाम अफवाह निराधार और मेरी छवि को नुकसान पहुंचाने के मकसद से किए जा रहे दुष्प्रचार का हिस्सा हैं . मेरी कोई राजनीतिक महत्वाकांक्षा न कभी रही थी, न है और ना ही आगे रहेगी, न मुझे खुद विधानसभा का प्रत्याशी बनना है, ना ही किसी को विधानसभा का प्रत्याशी बनवाना है, न राज्यसभा की सदस्य्ता की मेरी कोई आकांक्षा है, न ही परिवार के किसी भी सदस्य से मेरी किसी भी प्रकार की प्रतिद्वंदिता है और ना ही पार्टी या भविष्य में बनने वाली किसी भी सरकार में किसी पद की कोई लालसा है. मेरे लिए मेरा आत्म-सम्मान, मेरे माता -पिता के प्रति सम्मान व् समर्पण, मेरे परिवार की प्रतिष्ठा ही सर्वोपरि है.”

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Paritosh Shahi

लेखक के बारे में

By Paritosh Shahi

परितोष शाही डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. अभी प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम में काम कर रहे हैं. देश और राज्य की राजनीति, सिनेमा और खेल (क्रिकेट) में रुचि रखते हैं.

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