Bihar Election 2025: सीमांचल में सियासत का गर्म शनिवार! अररिया में शाह, कटिहार में नीतीश, ओवैसी करेंगे रोड शो

Updated:
विज्ञापन

अमित शाह, नीतीश कुमार और ओवैसी की तस्वीर

Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव से पहले सीमांचल में सियासी हलचल तेज है. शनिवार को अमित शाह अररिया में नेताओं और कार्यकर्ताओं को जीत का मंत्र देंगे, जबकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कटिहार जाएंगे और तेजस्वी यादव किशनगंज का दौरा करेंगे.

विज्ञापन

Bihar Election 2025: बिहार में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान अब कभी भी किया जा सकता है और इसी बीच राज्य में सियासी गतिविधियां चरम पर हैं. विशेष रूप से सीमांचल क्षेत्र, जिसे अल्पसंख्यक वोटों का गढ़ माना जाता है, इस बार भी चुनावी रणनीतियों का प्रमुख केंद्र बन गया है. मुस्लिम वोटरों को साधने के लिए सभी प्रमुख दल अपने-अपने कार्यक्रम और रणनीति पर जोर दे रहे हैं.

आपके शहर में

विज्ञापन

शनिवार को सीमांचल के 10 जिलों में बढ़ेगा सियासी तापमान

शनिवार को सीमांचल और अंग प्रदेश के 10 जिलों में सियासी तापमान बढ़ने वाला है. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह इस क्षेत्र के नेताओं और कार्यकर्ताओं को जीत का मंत्र देंगे. शाह अररिया में बैठक करेंगे, जिसमें सीमांचल और अंग प्रदेश के 10 जिलों के प्रमुख नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ 2025 विधानसभा चुनाव में 225 सीटों की रणनीति पर विमर्श होगा. अमित शाह पहले भी इस क्षेत्र का दौरा कर चुके हैं और बीजेपी(एनडीए) इस इलाके में मजबूत पकड़ बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है.

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का कटिहार दौरा

साथ ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शनिवार को कटिहार का दौरा करेंगे. उनका मुख्य फोकस क्षेत्र में जनता से संवाद और योजनाओं का प्रचार-प्रसार करना होगा. नीतीश के कार्यक्रम का उद्देश्य स्थानीय मुद्दों और विकास के कार्यों को सामने रखकर जनता में विश्वास बढ़ाना है.

ओवैसी भी सीमांचल में कर रहे हैं कैंप

इस बीच, एआईएमआईएम के चीफ असदुद्दीन ओवैसी भी कई दिनों से सीमांचल में कैंप कर रहे हैं. उनका उद्देश्य मुस्लिम समुदाय के वोटों को अपनी पार्टी की ओर आकर्षित करना है. वहीं, विपक्षी नेता तेजस्वी यादव भी किशनगंज जाने की योजना बना रहे हैं. यह साफ संकेत है कि सीमांचल में सभी बड़े दलों की नजर हर एक वोट पर लगी हुई है.

सीमांचल क्षेत्र में कुल 24 विधानसभा सीटें

सीमांचल क्षेत्र में कुल 24 विधानसभा सीटें हैं और हर दल इसे चुनावी जीत के लिए निर्णायक मानता है. पिछले चुनावों के परिणामों ने बीजेपी और एनडीए को यह स्पष्ट संदेश दिया है कि सीमांचल में मजबूत रणनीति और सक्रिय जनसंपर्क अभियान ही सफलता दिला सकता है. इस कारण से पार्टी ने इस क्षेत्र में लगातार दौरे और बैठकें तेज कर दी हैं.

Also Read: Lalu Family Controversy: बहन ने अपने जीवन की सबसे बड़ी कुर्बानी दी, नाराज रोहिणी पर बोले तेजस्वी- दीदी की इच्छा कभी स्वार्थ में नहीं

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन