Bihar Election 2025: दलित बस्तियों में लालू यादव भी उतार देते थे हेलीकॉप्टर, तेजस्वी ने दोहराया वही अंदाज

Published by : Abhinandan Pandey Updated At : 19 Sep 2025 3:47 PM

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तेजस्वी यादव ने बच्चे को हेलिकाप्टर में बैठाया

Bihar Election 2025: बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव का एक वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में है. बिहार अधिकार यात्रा के दौरान बेगूसराय में रिकॉर्ड वीडियो में वे एक छोटे बच्चे को हेलीकॉप्टर में बैठाते दिखे. बच्चे को उन्होंने पेन और चॉकलेट भी दिया. इस अंदाज ने लोगों को उनके पिता लालू यादव की याद दिला दी.

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Bihar Election 2025: बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. बिहार अधिकार यात्रा के दौरान बेगूसराय में रिकॉर्ड हुए इस वीडियो में तेजस्वी अपने हेलीकॉप्टर में एक छोटे बच्चे को बैठाते नजर आ रहे हैं. बच्चे को उन्होंने चॉकलेट और पेन भी दिया. इस दृश्य ने लोगों को उनके पिता और पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव की याद दिला दी, जिनका अंदाज आज भी बिहार की जनता नहीं भूली है.

दलित और पिछड़ी बस्तियों में हेलीकॉप्टर उतार देते थे लालू यादव

पत्रकार संकर्षण ठाकुर ने अपनी किताब बंधु बिहारी में लिखा है कि 1990 में मुख्यमंत्री बनने के बाद लालू यादव अक्सर हेलीकॉप्टर से सीधे दलित और पिछड़ी बस्तियों में उतर जाते थे. कभी खेत, तो कभी खाली मैदान को ही लैंडिंग स्थल बना लेते थे. गमछा लहराते हुए वे मजाकिया अंदाज में कहते- “आ जा सन, तोहर ललुआ उड़न खटोला पर चढ़के आइल बा.” इसके बाद वे ग्रामीणों से पूछते- “रेल पर कभी बैठे हो?” और जब जवाब मिलता “नहीं”, तो लालू उन्हें खुद हेलीकॉप्टर पर बिठाकर घुमाते थे.

रेलगाड़ी पर बैठने का सवाल क्यों पूछते थे लालू?

अब आपके मन में एक सवाल उठ रहा होगा कि जब लालू हेलीकॉप्टर से पिछड़े वर्ग के लोगों को घुमाते थे तो रेलगाड़ी पर बैठने का सवाल क्यों पूछते थे. संकर्षण ठाकुर लिखते हैं कि 90 के दशक में जिनलोगों ने कभी रेलगाड़ी को भी नहीं देखा था. तब लालू यादव ने उनलोगों को हेलीकॉप्टर पर बैठकर घुमाया. जो पिछड़े वर्ग के लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं था. जिसका फायदा लालू यादव को मिला.

इस अंदाज ने लालू को बना दिया नायक

लालू इस अंदाज से दलितों और पिछड़ों को यह संदेश देते थे कि अब उनकी आवाज को दबाया नहीं जाएगा. उन्होंने “भूरा बाल साफ करो” का भी नारा दिया, जिसमें भूमिहार, राजपूत, ब्राह्मण और लाला समुदाय को प्रतीक बनाकर यह कहा गया कि यही तबका सदियों से दबे-कुचले वर्गों की तरक्की में बाधा रहा है.

इसी शैली ने लालू को पिछड़ों का नायक बना दिया. अब तेजस्वी के इस वायरल वीडियो के बाद सवाल उठ रहे हैं कि क्या वे भी लालू की राजनीतिक शैली को दोहराने की कोशिश कर रहे हैं? क्या यह महज संयोग है या फिर सोच-समझकर अपनाई गई रणनीति? जिससे बिहार विधानसभा चुनाव में दलित वर्ग को साधा जा सके.

तेजस्वी यादव ने बच्चे से क्या बातचीत की?

तेजस्वी यादव मंगलवार से बिहार अधिकार यात्रा पर निकले हैं. गुरुवार 18 सितंबर को यात्रा छोड़ वे पटना लौट आए फिर देर रात वे मधेपुरा पहुंचे. खगड़िया से लौटते वक्त तेजस्वी ने एक 9 साल के बच्चे को अपने हेलीकॉप्टर में बुलाया और करीब 5 मिनट तक उससे बातें की. बच्चा संतोष कुमार ने बाद में मीडिया से बातचीत में बताया कि उन्होंने (तेजस्वी) ने कहा कि बच्चा इधर आओ. उसके बाद उन्होंने मेरा नाम पूछा फिर कहा कि ठीक से खाना-खाना और अच्छे से पढ़ाई करना.

क्या लालू अंदाज से तेजस्वी को मिलेगा फायदा?

तेजस्वी ने बच्चे को आशीर्वाद दिया और पेन देकर कहा कि रोज स्कूल जाना. उसके बाद उन्होंने चॉकलेट खिलाया और चिप्स भी दिया. बता दें कि लालू यादव भी जब पहली बार मुख्यमंत्री बने थे तब इसी अंदाज में दलित और पिछड़े वर्ग के लोगों के बीच जाते थे और लोगों से बातचीत करते थे. बच्चों के साथ खेलते थे और कभी-कभी हेलीकॉप्टर से भी घुमाया करते थे. कुछ उसी अंदाज में तेजस्वी भी बिहार अधिकार यात्रा में नजर आए. अब देखते हैं कि बिहार चुनाव में तेजस्वी को इस शैली से कितना फायदा मिलता है.

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अभिनंदन पांडेय पिछले दो वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की और दैनिक जागरण, भोपाल में काम किया. वर्तमान में वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के हिस्सा हैं. राजनीति, खेल और किस्से-कहानियों में उनकी खास रुचि है. आसान भाषा में खबरों को लोगों तक पहुंचाना और ट्रेंडिंग मुद्दों को समझना उन्हें पसंद है. अभिनंदन ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से की. पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को सही तरीके से लोगों तक पहुंचाने की सोच ने उन्हें इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. दैनिक जागरण में रिपोर्टिंग के दौरान उन्होंने भोपाल में बॉलीवुड के कई बड़े कलाकारों और चर्चित हस्तियों के इंटरव्यू किए. यह अनुभव उनके करियर के लिए काफी अहम रहा. इसके बाद उन्होंने प्रभात खबर डिजिटल में इंटर्नशिप की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की वास्तविक दुनिया को करीब से समझा. बहुत कम समय में उन्होंने रियल टाइम न्यूज लिखना शुरू कर दिया. इस दौरान उन्होंने सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता भी बेहद जरूरी होती है. फिलहाल वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ काम कर रहे हैं. बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में कवर किया, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और वीडियो कंटेंट भी तैयार किए. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और भरोसेमंद खबर पहुंचे. पत्रकारिता में उनका लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और एक विश्वसनीय पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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