सीट बंटवारे के बाद NDA को लगा बड़ा झटका, इस पार्टी ने अकेले 153 सीटों पर चुनाव लड़ने का किया एलान

Published by :Paritosh Shahi
Updated at :13 Oct 2025 3:56 PM
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Bihar-NDA

बिहार NDA के नेता

NDA Seat Sharing: बिहार चुनाव को लेकर NDA में सीट शेयरिंग की घोषणा हो गई है. इसमें बीजेपी, जदयू, लोजपा (रा), हम और रालोमो को जगह मिली है. कुछ और दल भी इसमें हिस्सेदारी चाह रहे थे. सीट न मिलने से वो काफी नाराज है और अकेले 153 सीटों पर चुनाव में उतरने की तैयारी कर रहे हैं.

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NDA Seat Sharing: बिहार चुनाव से पहले NDA को बड़ा झटका लगा है. सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) ने सीट बंटवारे में जगह नहीं मिलने के कारण गठबंधन से अलग होने का निर्णय लिया है. एक भी सीट नहीं मिलने से पार्टी के चीफ ओपी राजभर नाराज हो गए हैं. अब वो अपने दम पर 153 सीटों पर उम्मीदवार उतारेंगे.

यूपी के डिप्टी सीएम से मिलने पहुंचे थे ओपी राजभर

सीट शेयरिंग में जगह पाने के लिए यूपी के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक से मिलने ओपी राजभर गए थे. जब राजभर बीमार थे तब ब्रजेश पाठक उनसे मिलने हॉस्पिटल गए थे. दोनों ने सीट शेयरिंग पर बात की. बात नहीं बनने पर इस बार राजभर ने बागी तेवर दिखाए.

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क्या बोले राजभर

राजभर ने कहा कि बिहार में रहने वाली प्रजापति, राजभर, राजबंशी जाति की लगभग 20 से लेकर 80000 वोट है. लोजपा (रा), भाजपा, राजद और जदयू का कहना है कि वे उनके वोट हैं. ऐसे में हम एक मोर्चा बनाकर वहां लड़ेंगे. राजभर ने कहा कि जब उनको उपचुनावों में मदद की जरूरत थी, तो वो गिड़गिड़ा रहे थे.

बिहार बीजेपी चीफ दिलीप जायसवाल मदद की गुहार लगा रहे थे. उन्होंने आगे कहा कि बीजेपी नेता कह रहे जब चुनाव आएगा तो हम साथ मिलकर लड़ेंगे. हमने उन पर भरोसा किया, धर्मेंद्र प्रधान और भी बड़े नेताओं से बात की. सभी ने सीट देने का आश्वासन दिया था.

राजभर ने आगे कहा, “भारतीय समाज पार्टी फिलहाल वहां अकेले चुनाव लड़ने के लिए बातचीत कर रही है. हम प्रेमचंद प्रजापति और कुछ अन्य लोगों से बात कर रहे हैं. हम एक मोर्चा बनाकर वहां लड़ेंगे. हम 153 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे.”

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Paritosh Shahi

लेखक के बारे में

By Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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