भारतीय सड़कों पर कार को सेफ रखना है तो ये चीज है सबसे जरूरी, खरीदते समय न करें इग्नोर

कार ग्राउंड क्लियरेंस (Photo: Cars24)
Car Ground Clearance: भारत में कार चुनते समय माइलेज और फीचर्स के साथ ग्राउंड क्लीयरेंस को भी जरूर देखना चाहिए. ऊंची सड़कों से लेकर गड्ढों और बारिश भरे रास्तों तक, ज्यादा ग्राउंड क्लीयरेंस वाली कार ज्यादा सेफ रहती है. यह अंडरबॉडी को नुकसान से बचाता है, बेहतर विजिबिलिटी देता है और हर सफर को आसान बनाता है.
Car Ground Clearance: जब लोग भारत में कार खरीदते हैं, तो अक्सर उनका ध्यान माइलेज, कीमत और फीचर्स पर रहता है. लेकिन एक चीज जो बहुत कम लोग देखते हैं, वो है ग्राउंड क्लियरेंस. आसान शब्दों में कहें तो ये कार के नीचे और सड़क के बीच की दूरी होती है. भारत जैसी सड़कों पर ये छोटी-सी चीज बहुत बड़ा फर्क डालती है. अगर ग्राउंड क्लियरेंस 180 mm या उससे ज्यादा हो, तो उसे आमतौर पर खराब रास्तों और स्पीड ब्रेकर के लिए काफी बेहतर माना जाता है. आइए इसे थोड़े डिटेल में समझते हैं.
हाई ग्राउंड क्लीयरेंस वाली कार क्यों है जरूरी?
भारत की सड़कों का हाल हर जगह एक जैसा नहीं होता. शहरों में अचानक स्पीड ब्रेकर, गड्ढे या टूटी-फूटी सड़कें मिल जाती हैं. वहीं गांवों में कई बार कच्ची या ऊबड़-खाबड़ रास्तों से सामना हो जाता है. ऐसे में अगर कार की ग्राउंड क्लीयरेंस कम हो, तो नीचे का हिस्सा आसानी से रगड़ खा सकता है. इससे ऑयल सूम्प या एग्जॉस्ट जैसे जरूरी पार्ट्स को नुकसान पहुंचने का खतरा रहता है. इसलिए ज्यादा ग्राउंड क्लीयरेंस वाली कार इन मुश्किल रास्तों पर ज्यादा सेफ रहती है.
मॉनसून में ड्राइविंग अक्सर सबसे बड़ी टेंशन बन जाती है. तेज बारिश में सड़कें मिनटों में पानी से भर जाती हैं और लो ग्राउंड क्लीयरेंस वाली गाड़ियों के लिए मुश्किल बढ़ जाती है, क्योंकि पानी इंजन तक पहुंचने का खतरा रहता है. लेकिन ज्यादा ग्राउंड क्लीयरेंस वाली गाड़ी ऐसी परिस्थितियों में बेहतर रहती है, क्योंकि वो पानी के ऊपर रहती है.
जिन कारों का ग्राउंड क्लीयरेंस ज्यादा होता है, उनमें बैठने की पोजिशन भी थोड़ी ऊंची मिलती है. इसका सबसे बड़ा फायदा ये होता है कि आपको सड़क आगे से साफ-साफ दिखती है. आप पहले ही गड्ढे, ट्रैफिक और सामने आने वाली रुकावटों को देख सकते हैं. इससे ड्राइविंग ज्यादा सेफ हो जाती है.
ये बात का ध्यान रखें
कंपनियां जो ग्राउंड क्लियरेंस बताती हैं, वह आमतौर पर उस स्थिति में मापा जाता है जब कार पूरी तरह खाली होती है. लेकिन जैसे ही आप उसमें पैसेंजर बैठाते हैं और सामान रखते हैं, गाड़ी की ऊंचाई थोड़ी कम हो जाती है. यही वजह है कि कार चुनते समय हमेशा अपनी जरूरत से थोड़ा ज्यादा ग्राउंड क्लियरेंस वाली गाड़ी लें.
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लेखक के बारे में
By Ankit Anand
अंकित आनंद, प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के तौर पर काम कर रहे हैं. वह पिछले डेढ़ साल से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में हैं. टेक जर्नलिस्ट के तौर पर अंकित स्मार्टफोन लॉन्च, टेलीकॉम अपडेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) न्यूज, गैजेट्स रिव्यू और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स से जुड़ी खबरें कवर करते हैं. इसके अलावा, वह ऑटोमोबाइल सेक्टर से जुड़ी अहम खबरों पर भी लिखते हैं. अंकित ने GGSIP यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म एंड मास कम्यूनिकेशन में ग्रेजुएशन की है.
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