पुरानी कार में CNG किट लगवाने से पहले जान लें ये बातें, वरना होगा नुकसान

Edited by Rajeev Kumar
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CNG किट लगवाने वालों के लिए अलर्ट // एआई-जेनरेटेड रिप्रेजेंटेशनल इलस्ट्रेशन

पुरानी पेट्रोल कार में CNG किट लगवाने से पहले कंपैटिबिलिटी, ARAI अप्रूव्ड किट, RC अपडेट, वारंटी, इंश्योरेंस और सिलेंडर से जुड़े जरूरी नियम जान लें, वरना बाद में बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है.

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भारत में पेट्रोल की लगातार बढ़ती कीमतों के बीच बड़ी संख्या में कार मालिक अपनी पुरानी पेट्रोल कार में CNG किट लगवाने पर विचार कर रहे हैं. CNG से ईंधन का खर्च काफी कम हो सकता है, लेकिन अगर किट लगवाते समय कुछ जरूरी बातों का ध्यान नहीं रखा गया तो यह फैसला भारी भी पड़ सकता है. गलत किट, गलत इंस्टॉलेशन या नियमों की अनदेखी आपकी कार की सेफ्टी, इंश्योरेंस और वारंटी तीनों को प्रभावित कर सकती है. ऐसे में CNG किट लगवाने से पहले कुछ अहम बातों को जानना बेहद जरूरी है.

क्या हर पेट्रोल कार में CNG किट लगवाई जा सकती है?

सबसे पहली और सबसे जरूरी बात यह है कि हर पेट्रोल कार CNG किट के लिए उपयुक्त नहीं होती. किसी भी आफ्टरमार्केट CNG किट को लगवाने से पहले यह सुनिश्चित करें कि आपकी कार उस सिस्टम के साथ कंपैटिबल है. यदि वाहन CNG के लिए डिजाइन या अनुमोदित नहीं है, तो जबरन किट लगवाना इंजन और अन्य मैकेनिकल पार्ट्स के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है.

हमेशा जेनुइन और अप्रूव्ड CNG किट ही चुनें

अगर आप अपनी कार में CNG किट लगवा रहे हैं तो केवल ARAI और RTO अप्रूव्ड किट का ही इस्तेमाल करें. साथ ही अधिकृत इंस्टॉलेशन सेंटर से ही फिटिंग करवाएं. सस्ती या लोकल किट शुरुआत में पैसे बचा सकती है, लेकिन बाद में गैस लीक, इंजन की दिक्कत और इंश्योरेंस क्लेम रिजेक्ट होने जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं.

RC अपडेट कराना न भूलें

आफ्टरमार्केट CNG किट लगवाने के बाद केवल इंस्टॉलेशन ही पर्याप्त नहीं होता. वाहन के रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) में भी CNG का विवरण अपडेट कराना जरूरी है. इसके लिए संबंधित RTO से मंजूरी लेनी होती है. बिना RC अपडेट कराए वाहन चलाना भविष्य में कानूनी परेशानी का कारण बन सकता है.

पुराने सिलेंडर और घटिया फिटिंग से बचें

कुछ गैर-अधिकृत डीलर लागत कम दिखाने के लिए पुराने या इस्तेमाल किए गए CNG सिलेंडर लगाने की सलाह देते हैं. ऐसा करना सुरक्षा के लिहाज से बेहद जोखिम भरा हो सकता है. हमेशा नया, प्रमाणित और टेस्टेड सिलेंडर ही लगवाएं. साथ ही पाइपिंग, वाल्व और फिटिंग की क्वाॅलिटी भी जांच लें ताकि भविष्य में गैस लीक जैसी घटनाओं से बचा जा सके.

वारंटी और इंश्योरेंस पर भी पड़ सकता है असर

अगर आपकी कार अभी कंपनी की वारंटी में है तो आफ्टरमार्केट CNG किट लगवाने से पहले निर्माता की शर्तें जरूर पढ़ें. कई मामलों में ऐसी मॉडिफिकेशन से इंजन या संबंधित पार्ट्स की वारंटी प्रभावित हो सकती है. वहीं, गैर-अनुमोदित किट का इस्तेमाल होने पर इंश्योरेंस क्लेम भी खारिज किया जा सकता है. इसलिए CNG में निवेश करने से पहले सभी नियम और शर्तों की जानकारी लेना समझदारी होगी.

CNG किट सही तरीके से और अधिकृत सिस्टम के साथ लगवाई जाए तो यह ईंधन खर्च कम करने का अच्छा विकल्प बन सकती है. लेकिन जल्दबाजी या सस्ती फिटिंग के चक्कर में लिया गया फैसला आपकी कार और आपकी सुरक्षा दोनों पर भारी पड़ सकता है. इसलिए हमेशा प्रमाणित किट, अधिकृत इंस्टॉलेशन और सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करें.

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Rajeev Kumar

लेखक के बारे में

By Rajeev Kumar

राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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