Fight Against Corona: IIT ने डॉक्टर्स के लिए बनायी 3D फेस शील्ड

Author : Rajeev Kumar Published by : Prabhat Khabar Updated At : 04 Apr 2020 6:37 PM

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iit roorkee develops 3d face shield for aiims doctors to fight against corona IIT रुड़की ने कम लागत वाले वेंटिलेटर के बाद AIIMS ऋषिकेश में चिकित्सा कर्मचारियों के लिए 3 डी प्रिंटेड फेस शील्ड बनाया है. फेस शील्ड का फ्रेम 3 डी प्रिंटेड है. इसकी वजह से चिकित्सा कर्मियों को कोविड-19 का इलाज करने में बहुत मदद मिलेगी.

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IIT Roorkee creates 3D face shields for Corona fighter Doctors : IIT रुड़की ने कम लागत वाले वेंटिलेटर के बाद AIIMS ऋषिकेश में चिकित्सा कर्मचारियों के लिए 3 डी प्रिंटेड फेस शील्ड बनाया है. फेस शील्ड का फ्रेम 3 डी प्रिंटेड है. इसकी वजह से चिकित्सा कर्मियों को कोविड-19 का इलाज करने में बहुत मदद मिलेगी.

आआईटी रुड़की का कहना है वैसे तो प्रति शील्ड की लागत 45 रुपये है लेकिन अगर इसको बड़े पैमाने पर बनाया गया, तो इसके निर्माण की लागत 25 रुपये आयेगी.

इस शील्ड का डिजाइन स्पेक्टेकल की तरह है. यह ट्रांसपेरेंट शीट एक बार यूज आने के बाद आसानी से बदली जा सकती है. साथ ही इसको बदलना भी बहुत आसान है.

एम्स ऋषिकेश के निदेशक प्रो रविकांत का कहना है कि चिकित्सा कर्मियों के लिए इस शील्ड का निर्माण करने वाले आईआईटी रुड़की की टीम को बधाई. उन्होंने बहुत ही सराहनीय काम किया है.

उन्होंने कहा कि यह फेस शील्ड देश के सभी स्वास्थ्य कर्मियों के काम आयेगी. बता दें कि इस शील्ड को आईआईटी रुड़की के द टिंकरिंग लैब में बनाया है.

आईआईटी रुड़की के छात्रों के लिए टिंकरिंग लैब एक तकनीकी सुविधा है. लैब के प्रो अक्षय द्विवेदी का कहना है कि जो स्वास्थ्यकर्मी कोरोना के जंग में देश की मदद कर रहे हैं, उनके लिए ये एक उपहार है. लैब से जल्द ही 100 शील्ड आईआईटी रुड़की संस्थान भेजे जाएंगे.

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राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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