Tata Technologies के साथ मिलकर Honda बनाएगी भारत के लिए नई कारें? जानिए पूरा प्लान

होंडा कार की फोटो होंडा कार इंडिया की वेबसाइट से
भारतीय कार बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए होंडा ने एक बड़ा कदम उठाने की तैयारी की है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी टाटा टेक्नोलॉजीज के साथ मिलकर भारत के लिए नई कारें विकसित कर सकती है. यह साझेदारी होंडा के लिए भारतीय ग्राहकों की जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है.
भारतीय कार बाजार में लगातार कमजोर होती पकड़ के बीच होंडा अब बड़ा दांव खेलने की तैयारी में है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, जापानी कंपनी भारत के लिए नई कारों के विकास में घरेलू इंजीनियरिंग कंपनी टाटा टेक्नोलॉजीज का सहयोग ले सकती है. हालांकि दोनों कंपनियों ने आधिकारिक तौर पर साझेदारी की पुष्टि नहीं की है, लेकिन हालिया घटनाक्रम इस दिशा में मजबूत संकेत देते हैं. अगर यह सहयोग होता है, तो पहली बार होंडा किसी भारतीय कंपनी के साथ मिलकर शुरुआत से नई कारों का डेवलपमेंट करेगी.
Tata Technologies के साथ क्यों जुड़ सकती है Honda?
बिजनेस टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, टाटा टेक्नोलॉजीज ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही की अर्निंग रिपोर्ट में बताया है कि एक प्रमुख जापानी ऑटोमोबाइल निर्माता ने उसे फुल व्हीकल इंजीनियरिंग प्रोग्राम के लिए चुना है. कंपनी ने उस ऑटोमेकर का नाम नहीं बताया, लेकिन इंडस्ट्री में इसे होंडा से जोड़कर देखा जा रहा है.
यह भी अहम है कि टाटा टेक्नोलॉजीज में टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स की 53.35 प्रतिशत हिस्सेदारी है. ऐसे में अगर यह प्रोजेक्ट होंडा का होता है, तो भारतीय बाजार के लिए कारों को तेजी से डेवलप करने में उसे स्थानीय इंजीनियरिंग विशेषज्ञता का बड़ा फायदा मिलेगा.
भारत में क्यों पिछड़ गई Honda?
एक समय भारतीय बाजार में होंडा की मजबूत पहचान थी, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में कंपनी की हिस्सेदारी लगातार घटी है. वित्त वर्ष 2020 में जहां कंपनी की मार्केट शेयर करीब 4 प्रतिशत थी, वहीं वित्त वर्ष 2026 तक यह घटकर सिर्फ 1 प्रतिशत रह गई.
होंडा के ग्लोबल सीईओ तोशिहिरो मिबे पहले भी स्वीकार कर चुके हैं कि कंपनी की ग्लोबल स्पेसिफिकेशन वाली रणनीति भारतीय ग्राहकों की जरूरतों से पूरी तरह मेल नहीं खा सकी. इसी वजह से अब कंपनी स्थानीय जरूरतों, सड़क परिस्थितियों और ग्राहकों की पसंद को ध्यान में रखकर नए मॉडल तैयार करने की रणनीति पर काम कर रही है.
2028 से आएंगी भारत के लिए खास नई कारें
होंडा ने पहले ही संकेत दिए हैं कि 2028 से भारत के लिए विशेष रूप से तैयार किए गए नए मॉडल लॉन्च किए जाएंगे. कंपनी दो सबसे बड़े सेगमेंट पर फोकस करेगी. पहला 4 मीटर से छोटी कारों का और दूसरा मिड-साइज सेगमेंट का.
इसके अलावा कंपनी प्रीमियम एसयूवी सेगमेंट में भी वापसी की तैयारी कर रही है. इसके तहत जापान से पूरी तरह बनी हुई (CBU) यूनिट के रूप में Honda ZR-V को सीमित संख्या में भारत लाया जाएगा. इससे पहले कंपनी CR-V के जरिए इस सेगमेंट में मौजूद थी, जिसे 2020 में बंद कर दिया गया था.
फिलहाल सिर्फ तीन कारें बेच रही है Honda
इस समय होंडा भारत में सिर्फ तीन मॉडल बेच रही है. इनमें Elevate एसयूवी, City सेडान और Amaze कॉम्पैक्ट सेडान शामिल हैं. कंपनी आने वाले वर्षों में अपने पोर्टफोलियो का विस्तार करना चाहती है ताकि वह भारतीय बाजार में दोबारा मजबूत स्थिति हासिल कर सके.
अगर Tata Technologies के साथ संभावित साझेदारी पर मुहर लगती है, तो यह होंडा के लिए सिर्फ नई कारें विकसित करने का मौका नहीं होगा, बल्कि भारतीय ग्राहकों की जरूरतों के मुताबिक तेज, किफायती और प्रतिस्पर्धी मॉडल तैयार करने की दिशा में बड़ा कदम साबित हो सकता है.
ये भी पढ़ें: Honda Elevate और Amaze पर जुलाई में बंपर ऑफर, कंपनी दे रही 2.15 लाख तक बचाने का मौका
ये भी पढ़ें: जेब पर नहीं पड़ेगा बोझ, ये कारें देती हैं जबरदस्त फ्यूल एफिशिएंसी
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By राजीव कुमार
राजीव, हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और प्रभातखबर डॉट कॉम में कार्यरत हैं. अपने 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारीय अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. आसान भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी कंटेंट राइटिंग की सबसे बड़ी पहचान है.
राजीव की एक्सपर्टीज स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग के साथ-साथ डिजिटल ट्रेंड्स जैसे टॉपिक्स में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, ऑफिशियल डेटा, कंपनी अपडेट्स और एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी यूजर्स तक पहुंचाते हैं.
डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. Google Discover और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारी भरे होते हैं, बल्कि यूजर्स की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, कॉम्पैरिजन-बेस्ड आर्टिकल्स और एक्सप्लेनर स्टोरीज को यूजर्स काफी पसंद करते हैं.
राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन, पॉजिटिव जर्नलिज्म और फीचर राइटिंग जैसे अलग-अलग बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई.
जमशेदपुर में जन्मे राजीव की प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से हुई है. इसके बाद उन्होंने भारतीय विद्या भवन, पुणे से जर्नलिज्म ऐंड मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उनको आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में यूजर्स तक पहुंचाने में मदद करती है.
जुड़िए [email protected] पर
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










