Volkswagen E-Bike: फॉक्सवैगन की इस इलेक्ट्रिक साइकिल में मिलेंगे कार जैसे सेफ्टी फीचर्स

Volkswagen e-Bike (Image: ChatGPT/Volkswagen)
कार निर्माता फॉक्सवैगन ने N+ के साथ मिलकर दो प्रीमियम इलेक्ट्रिक साइकिल, स्पोर्ट और क्रॉस लॉन्च की हैं. इन ई-बाइक्स में कार जैसे फीचर्स जैसे रियर व्यू स्क्रीन, स्मार्ट लाइट और स्मार्ट हेलमेट शामिल हैं.
कार बनाने वाली कंपनी फॉक्सवैगन ने अब टू-व्हीलर मार्केट में भी वर्चस्व जमाने की तैयारी कर ली है. इसके लिए कंपनी ने पॉपुलर साइकिल निर्माता N+ के साथ समझौता कर लिया है. इस ब्रांड पार्टनरशिप के तहत कंपनी ने 2 प्रीमियम इलेक्ट्रिक साइकिल (e-Bike) मॉडल पेश कर दिए हैं. पेश किए गए मॉडलों का नाम स्पोर्ट (Sport) और क्रॉस (Cross) है. एक्सीडेंट या किसी हादसे से बचने के लिए इसमें कार वाले फीचर्स लगाए गए हैं. इन दोनों साइकिलों के हैंडल पर रियर व्यू स्क्रीन लगाया गया है. इसके पीछे का मेन मकसद राइडर्स और कार ड्राइवरों को एक-दूसरे के मूवमेंट को पहले से समझने में मदद करना है. चलिए इसकी खासियत को जानते हैं.
फुल हाइ-टेक फीचर्स से लैस है यह ई-बाइक
रिपोर्ट के अनुसार, इसके हैंडल पर एक स्मार्ट व्यू सिस्टम मिलेगा, जो एक एचडी बैक कैमरे से जुड़ा हुआ है. इससे पीछे की सड़क का लाई वीडियो देखा जा सकता है. ऐसे में राइडर्स को राइडिंग के समय पीछे घूमकर देखने की जरूरत नहीं पड़ेगी. कैमरे के अलावा इसमें रडार सेंसर भी दिए गए हैं, जिसमें पीछे से आकर कोई भी गाड़ी साइकिल चालक के ब्लाइन्ड स्पॉट में आ जाती है, तो यह सिस्टम तुरंत अलर्ट कर देता है.
स्मार्ट लाइट और इंडिकेटर्स का मिश्रण
इस इलेक्ट्रिक साइकिल के फ्रेम पर एक एलईडी लाइट स्ट्रिप दी गई है, जो राइडर के एक्शन के हिसाब से अपना कलर चेंज कर सकती है. ब्रेक लगाते ही यह लाल और मुड़ने पर पीली हो जाती है. इसमें वही होता है, जो कार में मिलते हैं. कारों की बैकलाइट और इन्डिकेटर की तरह ही इसकी लाइट काम करती है. इतना ही नहीं, इसके फ्रेम के ऊपरी हिस्से पर एक इन-बिल्ट एलईडी स्ट्रिप दी गई है, जो दिन में डे-टाइम रनिंग लाइट (DRLs) की तरह काम करती है.
स्मार्ट हेलमेट खुद भेज देगा मैसेज
इस इलेक्ट्रिक साइकिल के साथ एक स्मार्ट हेलमेट भी मिलेगा, जो ब्लूटूथ के जरिए साइकिल से जुड़ जाएगा. इसके अलावा हेलमेट की एलईडी लाइट्स भी साइकिल के सिग्नलों के साथ मैच होकर जलती है. इसमें एक सेंसर लगाया गया है, जो एक्सीडेंट होने पर अपने-आप इमरजेंसी कान्टैक्ट्स को मदद के लिए मैसेज सेंड कर देता है.
इसके साथ मिलेगा स्मार्ट चश्मा
इस इलेक्ट्रिक साइकिल की सिस्टम में एक स्मार्ट चश्मा भी मिलता है, जो हेडस-अप-डिस्प्ले के जैसे काम करता है. इसे पहनते ही चलाने वाले के सामने लाइव नेविगेशन, रडार अलर्ट और स्पीड दिखाई देने लगते हैं. इस डिस्प्ले को बंद करने के लिए ऊपर बाईं तरह देखना होता है. इस ग्लास का यूज नॉर्मल ड्राइविंग और स्पोर्ट्स के लिए भी कर सकते हैं.
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By Shivansh Shekhar
शॉर्ट बायो
शिवांश शेखर ऑटोमोबाइल और खेल स्पेशलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. ऑटो सेक्शन में कार/बाइक लॉन्च, फीचर्स, खासियत, टिप्स, कंपेरिजन और सपेक्स से संबंधित खबरें कवर करते हैं.
विस्तृत बायो
शिवांश शेखर ऑटोमोबाइल और खेल स्पेशलिस्ट पत्रकार हैं, जो पिछले 3 वर्षों से डिजिटल मीडिया में ऑटो और खेल जगत से जुड़ी खबरों के बारे में लगातार लिखते हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. ऑटो सेक्शन में उनकी रूचि कार/बाइक लॉन्च, फीचर्स, स्पेसिफिकेशन, टिप्स, ट्रिक्स और कंपेरिजन से जुड़े विषयों में है. इसके अलावा फ्लेक्स फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्रीज के बदलते ट्रेंड्स पर लगातार लिखते हैं.
उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को सिर्फ लॉन्च, कीमत और फीचर्स के बारे में ही न बताया जाए, बल्कि यह भी जानकारी दी जाए कि वह तकनीक आम लोगों के लिए कितने काम का है, उसे इस्तेमाल करने का अनुभव कैसा रहेगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.
पढ़ाई
बिहार राज्य के जहानाबाद जिले में जन्में शिवांश शेखर की शुरुआती शिक्षा (BSEB) से पूरी हुई. इसके बाद उन्होंने साल 2023 में चौधरी चरण सिंह यूनीवर्सिटी, मेरठ (CCSU) के अंतर्गत आने वाली इंसटीच्युट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज, नोएडा (IMS) से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त की. पढ़ाई के दौरान ही शिवांश की रुचि खेल और ऑटो के विषयों पर लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने खेल और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया.
काम का सफर
पत्रकारिता का ककहरा सीखने के बाद शिवांश का सफर एपीएन न्यूज से शुरू हुआ था. उन्होंने पत्रकारिता का समूह जागरण न्यू मीडिया में बतौर सब एडिटर खेल और अन्य खबरों की तकनीकी समझ विकसित की. जेएनएम में करीब डेढ़ साल खेल और अन्य विषयों पर काम करने के बाद उन्होंने एसियानेट न्यूज की तरफ रुख अपनाया. वहां, करीब डेढ़ साल तक ऑटोमोबाइल और स्पोर्ट्स सेक्शन में काम किया और फिर प्रभात खबर का रुख किया, जहां ऑटो बीट पर काम कर रहे हैं. ट्रेंड्स को लगातार फॉलो करते हैं.
विजन
शिवांश का मानना है कि ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नई गाड़ियों के बारे में जानकारी नहीं देती, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारों के फैसलों और डिजिटल एक्सपिरियंस पर भी असर डालती हैं.
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