PHOTO : हमास ने पुलिस कारों की तर्ज पर गाड़ियों को किया डिजाइन और फिर इजरायल पर किया हमला

इजरायली सेना की ओर से मंगलवार को जारी एक बयान में कहा गया है कि उसकी आरंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि हमास के पास इजरायली दिखने के लिए पुलिस कार की तर्ज पर डिजाइन किए गए करीब 20 गाड़ियां मौजूद थीं.
नई दिल्ली : खाड़ी के देश इजरायल और हमास के बीच जंग जारी है. सबसे पहले हमास ने पिछले सात अक्टूबर को इजरायल पर हमला कर दिया. उसके बाद इजरायल की सेना आईडीएफ (इजरायली डिफेंस फोर्स) हमास के ठिकानों पर ताबड़तोड़ हमला शुरू कर दिया गया है. सबसे बड़ी बात यह है कि हमास के आतंकियों ने जिस दिन इजरायल के शहरों और कस्बों पर हमले शुरू किए, उस दिन यहूदियों का त्योहार ‘शबथ’ और लोग इसका जश्न मना रहे थे. तभी हमास के आतंकियों ने जल-थल और वायुमार्ग से हमले कर दिए. चौंकाने वाले तथ्य यह भी सामने आ रहे हैं कि हमास ने सेना और पुलिस की आंखों में धूल झोंकने के लिए पुलिस कारों की तर्ज पर अपनी गाड़ियों को डिजाइन कराया था और फिर इजरायली शहरों पर हमला कर दिया.

पुलिस कारों की तर्ज पर डिजाइन की गई थीं गाड़ियां
इजरायली सेना की ओर से मंगलवार को जारी एक बयान में कहा गया है कि उसकी आरंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि हमास के पास इजरायली दिखने के लिए पुलिस कार की तर्ज पर डिजाइन किए गए करीब 20 गाड़ियां मौजूद थीं. इनमें जीप, पिकअप वैन, सवाना वाहन, आधुनिक फीचर्स और इन्फॉर्मेशन सिस्टम से लैस बख्तबंद गाड़ियां और करीब आठ-10 से अधिक मोटरसाइकिलें शामिल थीं.

सेना ने तीन बख्तरबंद गाड़ियों को पकड़ा
इजरायली सेना का यह भी कहना है कि आईडीएफ के जवानों ने एक फ्रांसीसी पर्यटक के साथ हमास की एक गाड़ी को पकड़ लिया था. हालांकि सेना का यह भी कहना है कि अभी यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि हमास हमले में शामिल कितनी गाड़ियों को वापस गाजापट्टी ले गया है, लेकिन उसे अपडेटेड संचार उपकरणों से लैस तीन बख्तबंद आईडीएफ जीपों को पकड़ने में कामयाबी हासिल हुई है.

हमले के लिए हमास ने बनाए थे नकली सेट्स
मीडिया की रिपोर्ट से यह भी पता चलता है कि इजरायली शहरों और कस्बों पर हमले से पहले हमास ने नकली सेट्स तैयार किए थे. इस काम के लिए हमास के आतंकवादियों ने करीब दो साल तक प्रैक्टिस किए थे. हालांकि, इजरायल उनके इस प्रैक्टिस को देख रहा था, लेकिन उसे इस बात का भरोसा था कि हमास उस पर हमला नहीं करेगा. हमास ने इजरायल को भरोसा दिया था कि वह गाजा पट्टी के मजदूरों को लेकर काफी चिंतित है.

मोटरसाइकिलों से आतंकियों ने की घुसपैठ
मीडिया की खबरों में बताया जा रहा है कि बैरियर्स को तोड़ने के लिए हमास के लड़ाकों ने विस्फोटकों का इस्तेमाल किया था. इसके अलावा, इजरायली सीमा में घुसपैठ करने के लिए हमास के आतंकवादियों ने मोटरसाइकिलों का इस्तेमाल किया था. इसके बाद उन्होंने बुलडोजरों के जरिए बैरिकेडिंग को हटाया. फिर कहीं जाकर हमास के लड़ाकों ने दक्षिणी गाजा के मुख्यालय पर हमला किया. हालांकि, वहां पर जैमर लगाए गए थे. आतंकवादियों ने संचार माध्यमों को खत्म कर दिया, ताकि आगे किसी को सूचना नहीं पहुंचाया जा सके.
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लेखक के बारे में
By कुमार विश्वत सेन
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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