Google Doodle Today: Oskar Sala को गूगल ने डूडल बनाकर दी श्रद्धांजलि, माने जाते थे वन मैन ऑर्केस्ट्रा

Google Doodle 18 July: Google ने Oskar Sala को उनके 112 जन्मदिन के अवसर पर डूडल बनाकर दी श्रद्धांजलि. उन्होंने कई टीवी सीरियल, रेडियो और मूवी प्रोडक्शन में म्यूजिक दिया था.
Google Doodle Today: गूगल ने 18 जुलाई को अपने प्लैटफॉर्म पर Oskar Sala को उनके 112वें जन्मदिन पर याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी. आखिर कौन थे Oskar Sala? और उनके किस महान कार्य को याद करते हुए Google ने उन्हें श्रद्धांजलि दी? Oskar Sala एक इनोवेटिव इलेक्ट्रॉनिक म्यूजिक कंपोजर और फिजिसिस्ट थे. उन्होंने कई मूवी प्रोडक्शन, टीवी सीरियल और रेडियो में साउंड इफेक्ट्स दिया था. उन्हे मिक्सचर-ट्रौटोनियम नामक संगीत वाद्ययंत्र पर ध्वनि प्रभाव पैदा करने के लिए जाना जाता था.
Oskar Sala का जन्म साल 1910 में जर्मनी में हुआ था. उन्हें बचपन से ही म्यूजिक में काफी इंटरेस्ट था. Oskar की माता एक सिंगर थी और उनके पिता नेत्र रोग विशेषज्ञ थे. 14 साल की उम्र में Oskar ने वायलिन और पियानो की मदद से म्यूजिक और गाने बनाना शुरू कर दिया था. जब Oskar ने पहली बार ट्रौटोनियम के बारे में सुना तो वे काफी ज्यादा उत्साहित हो गए. वे ट्रौटोनियम के काम करने के तरीके से काफी ज्यादा आश्चर्यचकित थे. उन्हें यह टेक्नोलॉजी काफी ज्यादा पसंद आयी थी. Oskar ने ट्रौटोनियम को सीखने में और उसे विकसित करने में अपनी पूरी जिंदगी लगा दी. आपको बता दें उन्होंने स्कूल में भौतिकी और रचना में उनके अध्ययन को बढ़ावा दिया.
Oskar ने पढ़ाई करते-करते ही मिक्सचर-ट्रौटोनियम का निर्माण किया था. इस निर्माण के पीछे उनके कंपोजर और इलेक्ट्रो इंजीनियर की पढ़ाई काफी काम की साबित हुई. उनके द्वारा बनाये गए म्यूजिक उन्हें बाकी सभी से अलग बना देते थे. उनका स्टाइल सबसे अलग था. उन्होंने जिस डिवाइस को बनाया था वह इतना सम्पन्न था कि एक ही साथ कई तरह की आवाज बना सकता था.
Oskar Sala ने अपने जीवनकाल में कई सारे टीवी और रेडियो शोज के लिए म्यूजिक और साउंड इफेक्ट्स बनाये. अगर हम उनके कुछ विख्यात म्यूजिक कम्पोजीशन की बात करें तो उनमें Rosemary (1959) और The Birds (1962) शामिल है. Oskar अपने द्वारा बनाये गए डिवाइस से चिड़ियो की, दरवाजों और खिड़कियों के टकराने की आवाज निकालते थे.
Oskar Sala को उनके इन कार्यों के लिए कई तरह के अवार्ड्स से नवाजा गया. उन्होंने अपने जीवनकाल में कई कलाकारों के साथ काम किया. साल 1995 में उन्होंने अपने असली Mixture Trautonium को जर्मन संग्रहालय में रखने के लिए दिया. साथ ही Oskar ने Quartett-Trautonium, Concert Trautonium और Volkstrautonium नाम के डिवाइस को भी बनाया. Oskar द्वारा किये गए कार्यों की वजह से ही सबहार्मोनिक्स के बारे में लोगों को पता चला. उन्हें वन मैन ऑर्केस्ट्रा भी कहा जाता था.
प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




