आरोग्य सेतु ऐप को 13 दिनों में पांच करोड़ यूजर्स ने किया डाउनलोड, तोड़ा पोकेमॉन गो का रिकॉर्ड

Author Rajeev Kumar|Edited by Prabhat Khabar
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Five crore users downloaded Arogya Setu app in 13 days, broke Pokémon Go record कोरोना वायरस के प्रसार को ट्रैक करने के लिए सरकार द्वारा लाॅन्च किये गये आरोग्य सेतु ऐप को यूजर्स द्वारा तेजी से डाउनलोड किया जा रहा है. हालांकि ऐप की प्राइवेसी को लेकर कुछ प्रश्न भी उठ रहे हैं, लेकिन इन प्रश्नो का यूजर्स की विश्वसनीयता पर कोई फर्क नहीं पड़ रहा है. नीति आयोग के सीइओ अमिताभ कांत ने बुधवार को ट्वीट के माध्यम से बताया है कि सरकार द्वारा कोरोना वायरस संक्रमितों पर नजर रखने के लिए बनाये गये मोबाइल ऐप आरोग्य सेतु के यूजर्स की संख्या केवल 13 दिनों में 5 करोड़ पहुंच गयी है.

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Five crore users downloaded Arogya Setu app in 13 days, broke Pokémon Go record : कोरोना वायरस के प्रसार को ट्रैक करने के लिए सरकार द्वारा लाॅन्च किये गये आरोग्य सेतु ऐप को यूजर्स द्वारा तेजी से डाउनलोड किया जा रहा है. हालांकि ऐप की प्राइवेसी को लेकर कुछ प्रश्न भी उठ रहे हैं, लेकिन इन प्रश्नो का यूजर्स की विश्वसनीयता पर कोई फर्क नहीं पड़ रहा है. नीति आयोग के सीइओ अमिताभ कांत ने बुधवार को ट्वीट के माध्यम से बताया है कि सरकार द्वारा कोरोना वायरस संक्रमितों पर नजर रखने के लिए बनाये गये मोबाइल ऐप आरोग्य सेतु के यूजर्स की संख्या केवल 13 दिनों में 5 करोड़ पहुंच गयी है.

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अमिताभ कांत ने ट्विटर पर लिखा है कि टेलीफोन को पांच करोड़ ग्राहक तक पहुंचने में 75 वर्ष लगे, रेडियो को 38 वर्ष, टेलीविजन को 13 वर्ष, इंटरनेट को चार वर्ष, फेसबुक को 19 महीने और पोकेमॉन गो को इतने यूजर्स से जुड़ने में 19 दिन लगे. कोरोना वायरस के खिलाफ अभियान के तहत तैयार किये गये आरोग्य सेतु ऐप के यूजर्स की संख्या केवल 13 दिन में पांच करोड़ पहुंच गयी है.

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आरोग्य सेतु ऐप लोगों को आसपास या उनके क्षेत्र में कोरोना वायरस संक्रमितों का पता चलने पर उन्हें सूचित करता है. इस ऐप का निर्माण प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा गठित समित के अंतर्गत किया गया है, जिसमें नीति आयोग एवं इलेक्ट्रॉनिक्स और आइटी मंत्रालय की सक्रिय भूमिका रही है. यूजर्स द्वारा तेजी से डाउनलोड किये जानेवाले ऐप्स में अब तक पहला नाम पोकेमॉन गो का रहा है, लेकिन आरोग्य सेतु ने उसे पीछे छोड‍़ते हुए एक नया रिकॉर्ड बना दिया है‍. 14 अप्रैल को राष्ट्र के नाम संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी देशवासियों से इस ऐप को डाउनलोड करने की अपील कर चुके हैं.

वर्ल्ड बैंक द्वारा हाल में जारी की गयी साउथ एशिया इकोनॉमिक फोकस रिपोर्ट में कहा गया है कि कोविड-19 के प्रसार की निगरानी करने के लिए डिजिटल तकनीकों का उपयोग कारगर साबित हो सकता है. इसी के चलते कोरोना महामारी ने बचाव के लिए बीते माह सिंगापुर में भी ट्रेसटूगेदर नामक ऐप लांच किया जा चुका है. वहीं इस संक्रमण से ग्रसित लोगों का पता लगाने, लोगों को उनकी सूचना देने और खुद को क्वारेंटाइन और आइसोलेशन में रखने की जानकारी देनेवाली टेक्नोलॉजी का निर्माण करने के लिए ऐपल व गूगल भी एक-दूसरे से हाथ मिला चुके हैं.

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By Rajeev Kumar

राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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