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Facebook और Telegram पर लगी करोड़ों की पेनाल्टी, महीनेभर में दूसरी बार हुआ ऐसा, जानें कहां का है मामला

Updated at : 11 Jun 2021 12:06 PM (IST)
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Facebook और Telegram पर लगी करोड़ों की पेनाल्टी, महीनेभर में दूसरी बार हुआ ऐसा, जानें कहां का है मामला

facebook, telegram, social media, penalty, russia: भारत में जहां सरकार ने सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म्स के लिए गाइडलाइन बनाकर उनपर नियमों के तहत काम करने को लेकर बार बार हिदायत दे रही है, वहीं रूस के अधिकारियों ने प्रतिबंधित सामग्री हटाने में कथित तौर पर विफलता के चलते फेसबुक और टेलीग्राम ऐप पर जुर्माना लगाया है.

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भारत में जहां सरकार ने सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म्स के लिए गाइडलाइन बनाकर उनपर नियमों के तहत काम करने को लेकर बार बार हिदायत दे रही है, वहीं दूसरे देश जीरो टॉलरेंस की नीति पर चलते हुए सोशल मीडिया मंचों के साथ पूरी सख्ती से पेश आ रहे हैं. ताजा मामला रूस का है, जहां के अधिकारियों ने प्रतिबंधित सामग्री हटाने में कथित तौर पर विफलता के चलते फेसबुक और टेलीग्राम ऐप पर जुर्माना लगाया है.

इस कदम को देश में राजनीतिक असंतोष के बीच सोशल मीडिया मंचों को नियंत्रित करने के सरकार के बढ़ते प्रयासों का हिस्सा माना जा सकता है. मॉस्को की अदालत ने बृहस्पतिवार को फेसबुक पर 1.7 करोड़ रूबल और टेलीग्राम पर एक करोड़ रूबल का जुर्माना लगाया. दोनों मंच किस प्रकार की सामग्री को हटाने में असमर्थ रहे, इसका अभी पता नहीं चल पाया है.

हाल के हफ्तों में दोनों मंचो पर दूसरी बार जुर्माना लगाया गया है. इससे पहले 25 मई को रूसी अधिकारियों ने गैरकानूनी समझी जाने वाली सामग्री नहीं हटाने के मामले में फेसबुक पर 2.6 करोड़ रूबल का जुर्माना लगाया गया था. वहीं, एक माह पहले प्रदर्शन का आह्वान करने वाली सामग्री नहीं हटाने के लिए टेलीग्राम पर 50 लाख रूबल का जुर्माना लगाया गया था.

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इस साल की शुरुआत में, रूस की सरकारी संचार निगरानी संस्था ‘रोसकोम्नाडजोर’ ने ट्विटर को गैरकानूनी सामग्री हटाने में कथित तौर पर विफल रहने के मामले में प्रतिबंध लगाने की धमकी दी थी. अधिकारियों ने कहा था कि मंच बच्चों को आत्महत्या के लिए प्रेरित करने वाली सामग्री, मादक पदार्थ और ‘चाइल्ड पोर्नोग्राफी’ से जुड़ी जानकारी को हटाने में विफल रहा है.

उल्लेखनीय है कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के विरोधी एलेक्सी नवलनी को जेल से रिहा करने की मांग को लेकर इस साल हजारों लोग सड़कों पर उतर आये थे और इस प्रदर्शन के लिए समर्थन सोशल मीडिया के जरिए जुटाया गया था. इसके बाद रूस के अधिकारियों ने सोशल मीडिया की काफी आलोचना भी की थी, तभी से इन मंचों और सरकार के बीच तनातनी जारी है. (इनपुट : भाषा)

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