ट्रॉली बैग हो या कैंपिंग का सामान, इन 5 SUVs में नहीं पड़ेगी जगह की कमी, देखें इनकी बूट स्पेस कैपेसिटी

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रेनॉल्ट डस्टर का बूट स्पेस (Photo: Renault India)

रेनॉल्ट डस्टर का बूट स्पेस (Photo: Renault India)

लंबी रोड ट्रिप के दौरान सामान रखने के लिए ज्यादा बूट स्पेस वाली SUV काफी काम आती है. इसमें बड़े सूटकेस, ट्रॉली बैग और बाकी जरूरी सामान आसानी से रखा जा सकता है. इस लिस्ट में शामिल 5 मिडसाइज SUVs में सामान रखने के लिए अच्छी-खासी जगह मिलती है.

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फैमिली के साथ रोड ट्रिप पर निकलने से पहले एक सवाल लगभग हर घर में जरूर पूछा जाता है. यही कि इतना सारा सामान आखिर गाड़ी में आएगा कैसे? बड़े सूटकेस, ट्रॉली बैग, बैकपैक, बच्चों का स्ट्रॉलर या कैंपिंग का सामान... इन सबके लिए कार में अच्छी-खासी जगह चाहिए होती है. यही वजह है कि SUV खरीदते समय सिर्फ इंजन या फीचर्स ही नहीं, बूट स्पेस भी बेहद जरूरी हो जाता है. इसलिए अगर आपके लिए भी लगेज कैरी करने की कैपेसिटी सबसे बड़ी प्रायोरिटी है, तो नीचे दिए ये मिडसाइज SUVs आपके लिए बढ़िया ऑप्शन हो सकते हैं. आइए देखते हैं इन्हें.

Renault Duster

इसमें 518 लीटर का बड़ा बूट मिलता है. इसका बूट चौड़ा है, लगभग चौकोर शेप में है और व्हील आर्च भी बहुत कम जगह घेरते हैं. इसका फायदा यह होता है कि बड़े-बड़े सूटकेस या ज्यादा सामान बिना जगह बर्बाद किए आसानी से रखा जा सकता है. वहीं, अगर आपको और ज्यादा सामान ले जाना हो तो पीछे की 60:40 स्प्लिट सीटों को फोल्ड किया जा सकता है. ऐसा करने पर बूट स्पेस बढ़कर 1,696 लीटर तक पहुंच जाता है.

Tata Curvv

कूपे-SUV डिजाइन होने के बावजूद Tata Curvv बूट स्पेस के मामले में बिल्कुल भी समझौता नहीं करती. इसमें 500 लीटर का बड़ा और चौड़ा बूट मिलता है. अगर आपको ज्यादा सामान ले जाना हो, तो इसकी 60:40 स्प्लिट रियर सीटों को फोल्ड किया जा सकता है. ऐसा करने पर बूट स्पेस बढ़कर करीब 1,150 लीटर हो जाता है.

Photo: tatamotors.com
Photo: tatamotors.com

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Citroen Basalt

इसमें 470 लीटर का बड़ा और चौड़ा बूट मिलता है. इसकी लिफ्टबैक स्टाइल टेलगेट की वजह से बड़े सूटकेस, ट्रॉली बैग या बाकी के भारी सामान को अंदर रखना काफी आसान हो जाता है. वहीं, अगर आपको ज्यादा स्पेस की जरूरत हो, तो पीछे की सीटों को फोल्ड करके बूट स्पेस को करीब 1,080 लीटर तक बढ़ाया जा सकता है.

Honda Elevate

इसमें 458 लीटर का बड़ा और चौड़ा बूट मिलता है. भले ही कागजों पर इसका बूट स्पेस सबसे बड़ा न दिखे, लेकिन इसका चौकोर (Rectangular) डिजाइन इसे काफी ज्यादा प्रैक्टिकल बनाता है. फ्लैट फ्लोर और चौड़ा बूट ओपनिंग होने की वजह से बड़े सूटकेस और बैग भी आसानी से फिट हो जाते हैं. वहीं, अगर आपको लंबी फैमिली ट्रिप पर ज्यादा सामान ले जाना है, तो इसके 60:40 स्प्लिट रियर सीट्स को फोल्ड करके बूट स्पेस को करीब 1,220 लीटर तक बढ़ाया जा सकता है.

Photo: hondacarindia.com
Photo: hondacarindia.com

Tata Sierra

इसमें 450 लीटर का बूट स्पेस मिलता है. इसकी सबसे खास बात है चौड़ा बूट ओपनिंग और लो लोडिंग फ्लोर. इससे भारी बैग या सूटकेस उठाकर रखना काफी आसान हो जाता है. वहीं, इसमें फिक्स्ड शेल्फ की जगह स्लाइडिंग पार्सल ट्रे दी गई है. अगर आपको और ज्यादा स्पेस चाहिए, तो पीछे की सीटों को फोल्ड करते ही बूट स्पेस बढ़कर करीब 1,257 लीटर हो जाता है.

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अंकित आनंद

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By अंकित आनंद

शॉर्ट बायो

अंकित आनंद टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. वे स्मार्टफोन, टेलीकॉम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कंज्यूमर टेक और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं.

काम के बारे में

अंकित आनंद एक टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं, जो डिजिटल मीडिया में टेक और ऑटो सेक्टर से जुड़े विषयों पर लगातार लिखते हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. टेक्नोलॉजी सेक्टर में उनकी रुचि स्मार्टफोन लॉन्च, मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम, टेलीकॉम अपडेट्स, इंटरनेट सेवाओं, AI टूल्स, ऐप्स, गैजेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स और कंज्यूमर टेक्नोलॉजी से जुड़े विषयों में है. वहीं ऑटोमोबाइल सेक्टर में वे नई कारों और बाइक्स की लॉन्चिंग, फीचर्स, कीमत, सेफ्टी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV), फ्लेक्स-फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्री के बदलते ट्रेंड्स पर रेगुलर लिखते हैं.

उनकी कोशिश रहती है कि हर खबर में सिर्फ फीचर्स, कीमत या लॉन्च की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी बताया जाए कि वह टेक्नोलॉजी आम लोगों के कितने काम की है, उसे इस्तेमाल करने का एक्सपीरियंस कैसा होगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.

पढ़ाई और करियर

बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई बोर्ड से हुई है. इसके बाद उन्होंने साल 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान ही अंकित की रुचि डिजिटल मीडिया और न्यूज लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर उन्होंने इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया.

प्रभात खबर डिजिटल से पहले अंकित ने Zee News में करीब एक साल तक काम किया. यहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क, कंटेंट रिसर्च, फैक्ट वेरिफिकेशन और न्यूज राइटिंग के अलग-अलग पहलुओं पर काम किया.

विजन

अंकित का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नए प्रोडक्ट्स की जानकारी नहीं होतीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारी के फैसलों और डिजिटल एक्सपीरियंस पर भी असर डालती हैं.

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