सफेद, पीली या हरी... आपकी गाड़ी की नंबर प्लेट का रंग क्या बताता है? जानें पूरा मतलब

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अलग-अलग रंग के नंबर प्लेट्स / एआई जेनरेटेड

अलग-अलग रंग के नंबर प्लेट्स / एआई जेनरेटेड

भारत में हर रंग की नंबर प्लेट का अपना अलग मतलब होता है. सफेद, पीली, हरी, काली, नीली, लाल और BH Series नंबर प्लेट किस वाहन को दी जाती है और इनके क्या नियम हैं, यहां जानें पूरी जानकारी.

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अगर आपने कभी सड़क पर चलती गाड़ियों की नंबर प्लेट पर ध्यान दिया हो, तो देखा होगा कि सभी नंबर प्लेट एक जैसी नहीं होतीं. किसी गाड़ी की प्लेट सफेद, किसी की पीली, किसी की हरी तो किसी की काली होती है. कई गाड़ियों पर लाल, नीली या फिर खास तरह का तीर (Arrow) भी बना होता है. दरअसल, नंबर प्लेट का रंग सिर्फ डिजाइन के लिए नहीं होता, बल्कि यह बताता है कि गाड़ी किस काम के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है. भारत में हर तरह की गाड़ियों के लिए अलग-अलग रंग की नंबर प्लेट तय की गई है. इससे पुलिस और परिवहन विभाग को वाहन की पहचान करने में आसानी होती है. आइए जानते हैं कि किस रंग की नंबर प्लेट का क्या मतलब होता है.

गाड़ी की नंबर प्लेट क्यों होती है जरूरी?

नंबर प्लेट किसी भी गाड़ी की आधिकारिक पहचान होती है. मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के तहत हर गाड़ी पर आगे और पीछे नंबर प्लेट लगाना जरूरी है. इस पर लिखा रजिस्ट्रेशन नंबर संबंधित RTO द्वारा जारी किया जाता है, जिससे गाड़ी के मालिक और उसकी कानूनी जानकारी दर्ज रहती है. यही नंबर प्लेट ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन, दुर्घटना, चोरी या किसी अपराध की जांच के दौरान गाड़ी की पहचान करने में भी मदद करती है.

नंबर प्लेट से जुड़े जरूरी नियम

  • नंबर प्लेट हमेशा आगे और पीछे साफ दिखाई देनी चाहिए.
  • नंबर प्लेट अच्छी तरह फिट होनी चाहिए और रात में भी पढ़ी जा सके, इसके लिए लाइट का सही होना जरूरी है.
  • अगर नंबर प्लेट टूट जाए, मिट जाए या खो जाए, तो तुरंत नई नंबर प्लेट बनवानी चाहिए.

सफेद नंबर प्लेट (White Number Plate)

यह भारत में सबसे ज्यादा दिखाई देने वाली नंबर प्लेट है. इसमें सफेद बैकग्राउंड पर काले रंग के अक्षर और नंबर होते हैं. यह सिर्फ निजी (Private) गाड़ियों के लिए जारी की जाती है. कार, SUV, बाइक और स्कूटर जैसी प्राइवेट गाड़ियों में यही नंबर प्लेट लगती है. इस प्लेट वाली गाड़ी का इस्तेमाल किराये पर पैसेंजर्स या सामान ढोने के लिए नहीं किया जा सकता.

पीली नंबर प्लेट (Yellow Number Plate)

पीले रंग की प्लेट पर काले अक्षर वाली नंबर प्लेट व्यावसायिक (Commercial) गाड़ियों को दी जाती है. इसमें टैक्सी, ओला-उबर कैब, बस, ट्रक, ऑटो-रिक्शा, स्कूल वैन और माल ढोने वाले वाहन शामिल हैं. ऐसी गाड़ियों को चलाने के लिए कई मामलों में कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस और विशेष परमिट की जरूरत होती है.

काली नंबर प्लेट (Black Number Plate)

काले रंग की प्लेट पर पीले अक्षर वाली नंबर प्लेट आमतौर पर Self-Drive Rental गाड़ियों पर लगाई जाती है. यानी ऐसी कार या बाइक जिसे किराये पर लेकर ग्राहक खुद चलाता है. ये गाड़ियां कमर्शियल रजिस्ट्रेशन वाली होती हैं, लेकिन इन्हें चलाने के लिए ग्राहक को कमर्शियल लाइसेंस की जरूरत नहीं होती.

हरी नंबर प्लेट (Green Number Plate)

हरी नंबर प्लेट सिर्फ इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के लिए होती है. ऐसे में हरे बैकग्राउंड पर सफेद अक्षर वाला प्लेट प्राइवेट इलेक्ट्रिक गाड़ियों के लिए होती है. वहीं, हरे बैकग्राउंड पर पीले अक्षर कमर्शियल इलेक्ट्रिक गाड़ियों के लिए होती है. इससे सड़क पर आसानी से पता चल जाता है, कि गाड़ी इलेक्ट्रिक है और निजी इस्तेमाल के लिए है या व्यावसायिक.

लाल नंबर प्लेट (Red Number Plate)

नई खरीदी गई गाड़ियों को स्थायी रजिस्ट्रेशन मिलने से पहले अस्थायी (Temporary) नंबर प्लेट दी जाती है. यह प्लेट आमतौर पर करीब 30 दिनों तक वैलिड रहती है. कुछ मामलों में वाहन निर्माता कंपनियां और डीलरशिप टेस्टिंग के लिए भी लाल रंग की नंबर प्लेट का इस्तेमाल करती हैं.

नीली नंबर प्लेट (Blue Number Plate)

नीले रंग की प्लेट पर सफेद अक्षर वाली नंबर प्लेट विदेशी दूतावासों (Embassy) और राजनयिक अधिकारियों (Diplomats) के वाहनों को दी जाती है. इन नंबर प्लेटों पर अक्सर CC (Consular Corps), DC (Diplomatic Corps) और UN (United Nations) जैसे कोड भी लिखे होते हैं.

ऊपर की ओर तीर वाली नंबर प्लेट

भारतीय थल सेना (Army), नौसेना (Navy) और वायुसेना (Air Force) के वाहनों पर खास तरह की नंबर प्लेट होती है, जिसमें ऊपर की ओर बना Broad Arrow (तीर) का निशान होता है. इन वाहनों का रजिस्ट्रेशन सामान्य RTO की बजाय सेना की अपनी प्रणाली के तहत किया जाता है.

भारत के राजचिह्न वाली लाल नंबर प्लेट

देश के सर्वोच्च संवैधानिक पदों पर बैठे अधिकारियों के वाहनों पर भारत के राजचिह्न (State Emblem) वाली लाल नंबर प्लेट लगाई जाती है. इनका इस्तेमाल मुख्य रूप से राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, राज्यपाल, उपराज्यपाल और अन्य शीर्ष संवैधानिक पदाधिकारियों के आधिकारिक वाहनों पर किया जाता है.

BH नंबर प्लेट क्या है?

BH (Bharat Series) नंबर प्लेट उन लोगों के लिए शुरू की गई है, जिनका अक्सर एक राज्य से दूसरे राज्य में तबादला होता रहता है. सरकारी कर्मचारी, रक्षा कर्मी और कई निजी कंपनियों के कर्मचारी इसका लाभ उठा सकते हैं. BH सीरीज की सबसे बड़ी खासियत यह है कि दूसरे राज्य में जाने पर वाहन का दोबारा रजिस्ट्रेशन कराने की जरूरत नहीं पड़ती.

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शिवानी शाह

लेखक के बारे में

By शिवानी शाह

शिवानी शाह टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में वह कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रही हैं. वह स्मार्टफोन्स, टेलीकॉम अपडेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), गैजेट्स, बायर्स गाइड और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों को कवर करती हैं.

टेक्नोलॉजी सेक्टर में शिवानी शाह की मजबूत पकड़ स्मार्टफोन लॉन्च/रिव्यूज, गैजेट रिव्यूज, टिप्स एंड ट्रिक्स, बायर्स गाइड, टेलीकॉम अपडेट्स, AI टूल्स/फीचर्स और ट्रेंडिंग टेक टॉपिक्स से जुड़े विषयों में है. ऑटोमोबाइल सेक्टर में वह नई कार/बाइक/स्कूटर्स की लॉन्चिंग, गाड़ियों के फीचर्स, बायर्स गाइड, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV), ट्रेंडिंग ऑटो टॉपिक्स और अपडेट्स पर रिसर्च-बेस्ड कंटेंट लिखती हैं. उनकी कोशिश रहती है कि हर खबर सिर्फ लॉन्च और फीचर्स की जानकारी तक सीमित न रहे, बल्कि पाठकों को यह भी समझ आए कि वह उनके लिए कितनी काम की है.

शिवानी शाह ने साल 2020 में करीम सिटी कॉलेज, जमशेदपुर से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन और साल 2024 में अपेक्स यूनिवर्सिटी, जयपुर से मास्टर्स की पढ़ाई पूरी की. पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने मीडिया और डिजिटल स्टोरीटेलिंग की बारीकियों को समझा और धीरे-धीरे टेक और ऑटो जर्नलिज्म की ओर अपना फोकस बढ़ाया.

अपने करियर की शुरुआत शिवानी शाह ने झारखंड के डिजिटल न्यूज पोर्टल Lagatar.com से की, जहां करीब एक साल तक उन्होंने काम किया. इसके बाद जयपुर में पढ़ाई के दौरान Hamara Samachar यूट्यूब चैनल में वह न्यूज एंकर रहीं. मास्टर्स पूरी करने के बाद उन्होंने झारखंड डिजिटल न्यूज पोर्टल The News Post में करीब एक साल तक काम किया. इन संस्थानों में काम करने के दौरान उन्होंने लोगों तक सही, भरोसेमंद और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाने का अनुभव हासिल किया.

शिवानी का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी और खरीदारी के फैसलों को प्रभावित करती हैं. इसलिए वह हर खबर को अच्छी तरह रिसर्च करके, आसान भाषा में और सही जानकारी के साथ लिखती हैं, ताकि हर उम्र के पाठक उसे आसानी से समझ सकें.

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