चैत्र नवरात्रि का पांचवां दिन: मां स्कंदमाता की चालीसा के पाठ से जीवन में आएगी खुशहाली

Published by : Neha Kumari Updated At : 23 Mar 2026 7:52 AM

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मां स्कंदमाता (एआई निर्मित तस्वीर)

Chaitra Navratri 2026: मां स्कंदमाता की पूजा के दौरान चालीसा का पाठ करना बेहद शुभ और फलदायक माना जाता है. कहते हैं कि इससे माता प्रसन्न होती हैं और भक्तों पर अपनी कृपा सदा बनाए रखती हैं. यहां स्कंदमाता चालीसा के लिरिक्स प्रस्तुत किए गए हैं.

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Chaitra Navratri 2026: चैत्र नवरात्रि का पांचवां दिन मां स्कंदमाता को समर्पित है. भगवान कार्तिकेय (स्कंद) की माता होने के कारण इन्हें ‘स्कंदमाता’ कहा जाता है. मान्यता है कि ममता की प्रतिमूर्ति मां स्कंदमाता की उपासना करने से न केवल मोक्ष के द्वार खुलते हैं, बल्कि साधक को सुख, शांति और पारिवारिक खुशहाली का आशीर्वाद प्राप्त होता है. यदि जीवन में अशांति हो या संतान प्राप्ति में बाधा आ रही हो, तो मां स्कंदमाता की पूजा और उनकी चालीसा का पाठ बेहद फायदेमंद माना जाता है.

मां स्कंदमाता का स्वरूप

मां स्कंदमाता शेर पर सवार हैं और उनकी गोद में भगवान स्कंद (बाल रूप में) विराजमान हैं. मां की चार भुजाएं हैं, जिनमें से दो में कमल के फूल हैं, एक हाथ वरमुद्रा में है और एक हाथ से उन्होंने पुत्र स्कंद को थामा हुआ है. उनका यह स्वरूप वात्सल्य और शक्ति का अद्भुत संगम है.

मां स्कंदमाता की चालीसा

दोहा

जय गिरी तनये दक्षजे, शम्भू प्रिये गुणखानि।
गणपति जननी पार्वती, अम्बे शक्ति भवानि।

चौपाई

ब्रह्मा भेद न तुम्हरो पावे,
पंच बदन नित तुमको ध्यावे।
षड्मुख कहि न सकत यश तेरो,
सहसबदन श्रम करत घनेरो।।

तेऊ पार न पावत माता,
स्थित रक्षा लय हिय सजाता।
अधर प्रवाल सदृश अरुणारे,
अति कमनीय नयन कजरारे।।

ललित ललाट विलेपित केशर,
कुंकुम अक्षत शोभा मनहर।
कनक बसन कंचुकि सजाए,
कटी मेखला दिव्य लहराए।।

कंठ मंदार हार की शोभा,
जाहि देखि सहजहि मन लोभा।
बालारुण अनंत छबि धारी,
आभूषण की शोभा प्यारी।।

नाना रत्न जड़ित सिंहासन,
तापर राजति हरि चतुरानन।
इन्द्रादिक परिवार पूजित,
जग मृग नाग यक्ष रव कूजित।।

गिर कैलास निवासिनी जय जय,
कोटिक प्रभा विकासिनी जय जय।
त्रिभुवन सकल कुटुंब तिहारी,
अणु-अणु महं तुम्हारी उजियारी।।

हैं महेश प्राणेश तुम्हारे,
त्रिभुवन के जो नित रखवारे।
उन सो पति तुम प्राप्त कीन्ह जब,
सुकृत पुरातन उदित भए तब।।

बूढ़ा बैल सवारी जिनकी,
महिमा का गावे कोउ तिनकी।
सदा श्मशान बिहारी शंकर,
आभूषण हैं भुजंग भयंकर।।

कंठ हलाहल को छबि छायी,
नीलकंठ की पदवी पायी।
देव मगन के हित अस किन्हो,
विष लै आपु तिनहि अमि दिन्हो।।

ताकी, तुम पत्नी छवि धारिणी,
दुरित विदारिणी मंगल कारिणी।
देखि परम सौंदर्य तिहारो,
त्रिभुवन चकित बनावन हारो।।

भयभीता सो माता गंगा,
लज्जा मय है सलिल तरंगा।
सौत समान शम्भू पहआयी,
विष्णु पदाब्ज छोड़ि सो धायी।।

तेहि को कमल बदन मुरझायो,
लखी सत्वर शिव शीश चढ़ायो।
नित्यानंद करी वरदायिनी,
अभय भक्त कर नित अनपायिनी।।

अखिल पाप त्रयताप निकंदिनी,
माहेश्वरी हिमालय नंदिनी।
काशी पुरी सदा मन भायी,
सिद्ध पीठ तेहि आपु बनायी।।

भगवती प्रतिदिन भिक्षा दात्री,
कृपा, प्रमोद, सनेह विधात्री।
रिपुक्षय कारिणी जय जय अम्बे,
वाचा सिद्ध करि अवलम्बे।।

गौरी, उमा, शंकरी, काली,
अन्नपूर्णा जग प्रतिपाली।
सब जन की ईश्वरी भगवती,
पतिप्राणा परमेश्वरी सती।।

तुमने कठिन तपस्या कीनी,
नारद सों जब शिक्षा लीनी।
अन्न न नीर न वायु अहारा,
अस्थि मात्र तन भयउ तुम्हारा।।

पत्र-घास को खाद्य न भायउ,
उमा नाम तब तुमने पायउ।
तप बिलोकी ऋषि सात पधारे,
लगे डिगावन, डिगी न हारे।।

तब तव जय-जय-जय उच्चारेउ,
सप्तऋषि निज गेह सिद्धारेउ।
सुर विधि विष्णु पास तब आए,
वर देने के वचन सुनाए।।

मांगे उमा वर पति तुम तिनसों,
चाहत जग त्रिभुवन निधि जिनसों।
एवमस्तु कहि ते दोऊ गए,
सुफल मनोरथ तुमने पाए।।

करि विवाह शिव सों भामा,
पुनः कहाई हर की बामा।
जो पढ़िहै जन यह चालीसा,
धन-जन-सुख देइहै तेहि ईसा।।

दोहा

कुटि चंद्रिका सुभग शिर,
जयति जयति सुख खानी।
पार्वती निज भक्त हित,
रहहु सदा वरदानी।

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लेखक के बारे में

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नेहा कुमारी प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं. उन्हें लेखन के क्षेत्र में एक वर्ष से अधिक का अनुभव है. पिछले छह महीनों से वे राशिफल और धर्म से जुड़ी खबरों पर काम कर रही हैं. उनका मुख्य कार्य व्रत-त्योहारों, पौराणिक कथाओं और भारतीय रीति-रिवाजों से जुड़ी जानकारी को सरल भाषा में लोगों तक पहुंचाना है. नेहा का हमेशा यह प्रयास रहता है कि वे कठिन से कठिन विषय को भी इतना आसान और रोचक बना दें कि हर कोई उसे सहजता से पढ़ और समझ सके. उनका मानना है कि यदि धर्म और संस्कृति से जुड़ी जानकारी सरल शब्दों में मिले, तो लोग अपनी परंपराओं से बेहतर तरीके से जुड़ पाते हैं. डिजिटल मीडिया में अपने करियर की शुरुआत उन्होंने प्रभात खबर में ही ‘नेशनल’ और ‘वर्ल्ड’ डेस्क पर छह महीने की इंटर्नशिप के साथ की थी. इस दौरान उन्होंने रियल-टाइम खबरों पर काम करना, तेजी और सटीकता के साथ कंटेंट लिखना, ट्रेंडिंग विषयों की पहचान करना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को करीब से समझा. इस अनुभव ने उनकी न्यूज़ सेंस, लेखन क्षमता और खबरों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने की समझ को और अधिक मजबूत बनाया.

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