बक्सर में दाखिल-खारिज का नया नियम लागू, अब CO के जांच बिना नहीं होगी रजिस्ट्री
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Buxar Land Mutation New Rules : बिहार सरकार ने सरकारी जमीनों की सुरक्षा और अवैध कब्जों पर रोक लगाने के लिए बड़ा कदम उठाया है. अब इसका असर बक्सर में दिखने लगा है. जमीन रजिस्ट्री और दाखिल-खारिज के नियम सख्त कर दिए गए हैं. अब हर आवेदन का सरकारी रिकॉर्ड से मिलान अनिवार्य कर दिया गया है. रजिस्ट्री फीस में बढ़ोतरी से आम लोगों की चिंता भी बढ़ गई है. नई डिजिटल व्यवस्था से पारदर्शिता बढ़ेगी और फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी.
बक्सर के ब्रह्मपुर से संतोष कांत की रिपोर्ट
Buxar Land Mutation New Rules : बिहार सरकार ने सरकारी जमीनों की सुरक्षा और अवैध कब्जों पर रोक लगाने के लिए बड़ा फैसला लिया है. राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने सोमवार को राज्य के सभी DM को एक सख्त निर्देश जारी किया है. जिसके बाद अब से बिहार में जमीन के दाखिल-खारिज के जितने भी आवेदन आएंगे, उन सभी का मिलान सबसे पहले सरकारी जमीन की लिस्ट से करना जरूरी होगा. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के निर्देश का असर अब बक्सर जिले में साफ दिखाई देने लगा है. जिले के सभी अंचल कार्यालयों में जमीन दाखिल-खारिज और रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी तरह बदल दी गई है. अब किसी भी जमीन का म्यूटेशन तब तक नहीं होगा, जब तक उसका मिलान सरकारी रिकॉर्ड से नहीं हो जाता. प्रशासन ने साफ कर दिया है कि नियमों में कोई ढील नहीं दी जाएगी.

अब हर आवेदन की होगी सख्त जांच
नई व्यवस्था के तहत बक्सर सदर, डुमराव, राजपुर, इटाढ़ी, चौसा और ब्रह्मपुर सहित सभी अंचल कार्यालयों में आने वाले हर दाखिल-खारिज आवेदन की पहले सरकारी जमीन की सूची से जांच होगी. अगर जमीन किसी भी रूप में सरकारी पाई गई, तो आवेदन तुरंत खारिज कर दिया जाएगा. इस कदम का मुख्य उद्देश्य फर्जीवाड़ा रोकना और सरकारी संपत्तियों को सुरक्षित रखना है.

पेपरलेस हुई रजिस्ट्री प्रक्रिया
सरकार ने जमीन रजिस्ट्री की पुरानी कागजी व्यवस्था को खत्म करते हुए इसे पूरी तरह डिजिटल बना दिया है. अब रजिस्ट्री की प्रक्रिया ऑनलाइन सिस्टम के जरिए पूरी होगी. सरकार ने बताया कि ‘बिहार भूमि पोर्टल’ के ई-जमाबंदी मॉड्यूल में सरकारी जमीन के डिजिटलीकरण और वेरिफिकेशन के लिए जरूरी तकनीकी बदलाव पहले ही किए जा चुके हैं. इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और गड़बड़ी की संभावना कम होगी. अधिकारियों का मानना है कि डिजिटल सिस्टम से काम तेज और सुरक्षित होगा.

बढ़ी रजिस्ट्री फीस से लोगों पर असर
नए नियमों के साथ ही रजिस्ट्री शुल्क में भारी बढ़ोतरी ने आम लोगों की परेशानी बढ़ा दी है. बक्सर के शहरी इलाकों में फीस करीब दोगुनी कर दी गई है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में भी डेढ़ गुना तक बढ़ोतरी हुई है. इसका सीधा असर जमीन खरीदने वालों पर पड़ रहा है. रजिस्ट्री ऑफिस में आने वाले लोगों की संख्या में भी कमी देखी जा रही है.

फर्जीवाड़े पर रोक के लिए कड़े कदम
जिले में पहले कई ऐसे मामले सामने आए थे, जहां गलत तरीके से जमीन का म्यूटेशन कर दिया गया था. अब इन गड़बड़ियों को रोकने के लिए सख्त नियम लागू किए गए हैं. अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे बिहार भूमि पोर्टल पर उपलब्ध आंकड़ों से पूरी तरह मिलान करने के बाद ही आवेदन स्वीकार करें.
नए नियमों की खास बातें
अब अगर एक ही प्लॉट के कई खरीदार हैं, तो सभी को अलग-अलग आवेदन देने की जरूरत नहीं होगी. एक ही आवेदन के आधार पर जांच पूरी की जाएगी. साथ ही, जमीन बेचने वाले का नाम और जमीन का पूरा विवरण सरकारी पोर्टल पर सही होना जरूरी है. किसी भी तरह की गलती होने पर पहले परिमार्जन पोर्टल के जरिए सुधार करना होगा.

बायोमेट्रिक और ओटीपी से होगी पहचान
नई डिजिटल व्यवस्था में सुरक्षा को और मजबूत किया गया है. अब जमीन की खरीद-बिक्री के दौरान आधार ऑथेंटिकेशन, ओटीपी वेरिफिकेशन और डिजिटल सिग्नेचर अनिवार्य कर दिए गए हैं. इससे फर्जी गवाह या किसी और के नाम पर रजिस्ट्री कराना लगभग असंभव हो जाएगा.
बक्सर में लागू किए गए ये नए नियम जमीन से जुड़े मामलों में पारदर्शिता लाने की दिशा में बड़ा कदम माने जा रहे हैं. हालांकि बढ़ी हुई फीस से आम लोगों की परेशानी जरूर बढ़ी है, लेकिन प्रशासन का मानना है कि इससे फर्जीवाड़े पर पूरी तरह लगाम लगेगी. आने वाले समय में यह व्यवस्था कितनी कारगर साबित होती है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है.
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By Ragini Sharma
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