सहरसा में जीविका कर्मियों ने ली नशामुक्ति की शपथ, डीपीएम बोले- नशा विकास में सबसे बड़ी बाधा
नशामुक्ति की शपथ
Nasha Mukti Week: नशा के खिलाफ जीविका का बड़ा अभियान. कर्मियों ने लिया आजीवन नशा नहीं करने और समाज को जागरूक करने का संकल्प.
सहरसा से विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट
Nasha Mukti Week: नशा मुक्त सप्ताह के तहत मंगलवार को सहरसा स्थित जीविका जिला कार्यालय में नशा मुक्ति शपथ ग्रहण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. जिला परियोजना प्रबंधक श्लोक कुमार की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में सभी कर्मियों ने नशामुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लिया. कार्यक्रम के दौरान नशे के दुष्प्रभावों पर चर्चा करते हुए अधिकारियों ने कहा कि नशा व्यक्ति, परिवार और समाज तीनों के विकास में सबसे बड़ी बाधा है.
नशामुक्त समाज के निर्माण का लिया संकल्प
जीविका जिला कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में सभी कर्मियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और सत्यनिष्ठा के साथ नशा मुक्ति की शपथ ग्रहण की. इस दौरान प्रतिभागियों ने संकल्प लिया कि वे स्वयं आजीवन किसी भी प्रकार के नशे का सेवन नहीं करेंगे. साथ ही अपने परिवार, समाज और आसपास के लोगों को भी नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करेंगे.
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नशे के प्रति लोगों को जागरूक करना और युवाओं को इसके दुष्प्रभावों से अवगत कराना था.
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डीपीएम बोले- नशा सामाजिक और आर्थिक समस्याओं की जड़
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला परियोजना प्रबंधक श्लोक कुमार ने कहा कि नशे की लत केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही प्रभावित नहीं करती, बल्कि यह परिवार और समाज के लिए भी गंभीर चुनौती बन जाती है. उन्होंने कहा कि नशा सामाजिक, आर्थिक और मानसिक समस्याओं को जन्म देता है, जिससे समाज का समग्र विकास प्रभावित होता है.
उन्होंने कहा कि एक स्वस्थ, समृद्ध और जागरूक समाज के निर्माण के लिए नशामुक्ति अत्यंत आवश्यक है. इसके लिए सभी लोगों को मिलकर अभियान चलाने की जरूरत है.
जन-जन तक पहुंचेगा नशामुक्ति का संदेश
श्लोक कुमार ने जीविका कर्मियों से अपील की कि वे नशा मुक्ति अभियान को गांव-गांव और जन-जन तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाएं. उन्होंने कहा कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए जागरूकता सबसे प्रभावी माध्यम है.
कार्यक्रम के दौरान नशे के दुष्प्रभावों और इससे समाज पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों पर भी विस्तार से चर्चा की गई. वक्ताओं ने कहा कि नशे से दूर रहकर ही स्वस्थ और खुशहाल जीवन की कल्पना की जा सकती है.
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Nasha Mukti Week: सामूहिक प्रतिबद्धता के साथ कार्यक्रम का समापन
कार्यक्रम के अंत में सभी कर्मियों ने नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए सामूहिक प्रतिबद्धता व्यक्त की. जीविका परिवार ने इस अवसर पर नशा मुक्ति के संदेश को व्यापक स्तर पर प्रसारित करने और समाज को जागरूक बनाने का संकल्प लिया.
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लेखक के बारे में
By प्रत्युष प्रशांत
महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.
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