बक्सर में पुलिसिया जुल्म के खिलाफ पटना हाईकोर्ट का एक्शन, पूर्व थानेदार पर FIR दर्ज करने का आदेश
पटना हाईकोर्ट
Bihar News: बक्सर के मुरार थाने के तत्कालीन थानाध्यक्ष कमल नयन पांडेय के खिलाफ सख्त एक्शन लिया गया है. पटना हाईकोर्ट ने कमल नयन पांडेय के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया. मामला बक्सर में एक युवक के साथ बर्बरता से मारपीट से जुड़ा है.
Bihar News: बिहार में कथित पुलिस उत्पीड़न के एक मामले में पटना हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण आदेश पारित किया. इसके साथ ही बक्सर के मुरार थाने के तत्कालीन थानाध्यक्ष कमल नयन पांडेय के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया है. कोर्ट ने कहा कि अगर किसी पुलिस अधिकारी पर गंभीर अपराध के आरोप प्रथम दृष्टया सही प्रतीत होते हैं, तो उसे कानून के दायरे में लाना आवश्यक है.
याचिकाकर्ता का क्या था आरोप?
न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार की पीठ ने भोजपुर निवासी मनीष कुमार की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिया. याचिकाकर्ता का आरोप है कि जुलाई 2024 में दस्तावेज अपलोड कराने के दौरान मुरार थाना पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर मारपीट की, जिससे उनकी दोनों टांगें टूट गईं. घटना के बाद विभिन्न अधिकारियों से शिकायत के बावजूद प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई.
पुलिस ने कोर्ट को क्या बताया?
सुनवाई के दौरान पुलिस ने कोर्ट को बताया कि मनीष कुमार की टांगें बारिश के दौरान फिसलने से टूटी थीं. लेकिन कोर्ट ने एक्स-रे रिपोर्ट और उपलब्ध तथ्यों का हवाला देते हुए इस दलील पर संदेह जताया. कोर्ट ने कहा कि रिकॉर्ड पर मौजूद सामग्री गंभीर संज्ञेय अपराध की ओर संकेत करती है और मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है.
जांच CID को सौंपने का आदेश
हाईकोर्ट ने तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर जांच सीआईडी को सौंपने का निर्देश दिया. साथ ही पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को 30 दिनों के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है. कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि आवश्यकता पड़ने पर याचिकाकर्ता सीबीआई जांच की मांग को लेकर फिर न्यायालय का दरवाजा खटखटा सकता है.
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