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पाकिस्तान समंदर में क्यों बना रहा आर्टिफिशियल आइलैंड? ट्रंप के बयान के बाद खेल रहा बड़ा दांव! भारत के बॉम्बे हाई के पास हलचल शुरू

Updated at : 20 Nov 2025 4:10 PM (IST)
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Pakistan Building Artificial Island

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, फील्ड मार्शल मुनीर और अमेरिकी राष्टपति डोनाल्ड ट्रंप

Pakistan Building Artificial Island: डोनाल्ड ट्रंप के बयान के बाद पाकिस्तान समुंदर में कृत्रिम द्वीप (आर्टिफिशियल आइलैंड) बनाकर तेल खोजने की तैयारी में जुट गया है. ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार PPL 30 किमी दूर ड्रिलिंग शुरू करेगी. लेकिन सवाल यही है कि तेल मिलेगा या ट्रंप का बयान भी खोखला साबित होगा?

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Pakistan Building Artificial Island: कभी-कभी एक बयान ऐसा होता है कि पूरा देश हिल जाता है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कुछ महीने पहले कहा कि पाकिस्तान के पास “भारी तेल भंडार” हैं. बस फिर क्या था, पाकिस्तान ने इस बात को दिल पर ले लिया. अब खबर आई है कि पाकिस्तान पेट्रोलियम लिमिटेड (PPL) समुंदर के बीचों-बीच एक नया कृत्रिम द्वीप (आर्टिफिशियल आइलैंड) बना रही है, ताकि वहां तेल और गैस की खोज की जा सके. यह जानकारी ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में दी गई है. ब्लूमबर्ग के मुताबिक, यह द्वीप सिंध के सुजावल इलाके के पास, समुंदर में लगभग 30 किलोमीटर दूर बनाया जा रहा है. सुजावल, पाकिस्तान के बड़े शहर कराची से करीब 130 किलोमीटर दूर है. यह इलाका सिंधु नदी (Indus River) के पास आता है, जो पूरे क्षेत्र के लिए काफी अहम माना जाता है.

Pakistan Building Artificial Island: कैसे बनेगा यह द्वीप और क्या होगा यहां?

PPL के जनरल मैनेजर अरशद पालेकर ने ब्लूमबर्ग को बताया कि यह द्वीप करीब 6 फीट ऊंचा बनाया जा रहा है ताकि ऊंची लहरों से बचा जा सके. यहां दिन-रात बिना रुके ड्रिलिंग की जाएगी. कंपनी की योजना है कि यहां करीब 25 तेल और गैस के कुएं खोदे जाएं. द्वीप का निर्माण अगले साल फरवरी तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है और इसके तुरंत बाद काम शुरू हो जाएगा. तेल की खोज के लिए समुंदर से जमीन निकालकर ऐसा द्वीप बनाना पाकिस्तान के लिए पहली बार हो रहा है. हालांकि दुनिया के कई देशों जैसे यूएई, अमेरिका, ब्रिटेन, जापान और चीन ने पहले ही इस तरह के द्वीप बना रखे हैं. जापान ने तो 20वीं सदी से अब तक लगभग 50 ऐसे द्वीप बना लिए हैं. इसका फायदा यह होता है कि कर्मचारी वहीं रहकर काम कर सकते हैं और आने-जाने में खर्च और समय कम होता है.

Pakistan Building Artificial Island in Hindi: तेल है भी या नहीं?

यहीं पर पूरी कहानी उलझ जाती है. पाकिस्तान दुनिया में कच्चे तेल के भंडार के मामले में 50वें नंबर पर है. वह अपनी जरूरत का करीब 80 प्रतिशत से ज्यादा तेल बाहर से मंगाता है. उसका रोजाना तेल उत्पादन, भारत के मुकाबले करीब 10 गुना कम है. साल 2019 में कराची तट के पास केक्रा-1 कुएं में ड्रिलिंग की गई थी, लेकिन वहां से कुछ नहीं मिला. इसके बाद अमेरिकी कंपनी Exxon Mobil ने पाकिस्तान छोड़ दिया. इसी तरह Kuwait Petroleum Corp, Shell और TotalEnergies SE जैसी बड़ी कंपनियां भी पाकिस्तान का मार्केट छोड़ चुकी हैं.

ट्रंप का पोस्ट 

डोनाल्ड ट्रंप ने जुलाई में अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा था कि अमेरिका और पाकिस्तान मिलकर पाकिस्तान के बड़े तेल भंडारों पर काम करेंगे. उन्होंने यहां तक दावा किया कि भविष्य में भारत, जो अभी रूस से तेल लेता है, वह पाकिस्तान से तेल खरीद सकता है. इसी बयान के बाद पाकिस्तान में फिर से तेल खोज की चर्चा तेज हुई और सरकार ने कई कंपनियों को ऑफशोर तेल खोज के लाइसेंस दिए, जिसमें PPL भी शामिल है. यह नया द्वीप उस इलाके के पास बन रहा है, जहां भारत का मशहूर तेल क्षेत्र बॉम्बे हाई स्थित है. इसलिए कुछ लोग मानते हैं कि यहां तेल मिलने की संभावना हो सकती है, लेकिन अभी तक कोई पक्का सबूत नहीं है कि तेल निकलेगा ही.

ट्रंप का बयान

ट्रंप को खुश रखने की कोशिश?

लेख में यह भी बताया गया है कि हाल के महीनों में पाकिस्तान, ट्रंप को खुश करने में लगा हुआ है. कभी कहा गया कि ट्रंप ने भारत-पाकिस्तान तनाव कम करवाया, कभी उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामित करने की बात हुई, तो कभी क्रिप्टो से जुड़े समझौतों की खबरें सामने आईं. यानी पाकिस्तान की पूरी उम्मीद इस वक्त काफी हद तक ट्रंप भरोसे चल रही है. सोशल मीडिया पर लोग इस पूरे मामले का मजाक भी उड़ा रहे हैं. एक यूजर ने लिखा कि ट्रंप ने बस एक हवा में बात कर दी और पाकिस्तान पूरे समुंदर को बदलने में लग गया. उसने कहा कि अगर तेल नहीं मिला तो यह दुनिया का सबसे महंगा “रेत का महल” साबित होगा. एक अन्य यूजर ने इसे अमीरों के लिए बनने वाला एक “सीक्रेट बंकर” तक कह डाला.

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Govind Jee

लेखक के बारे में

By Govind Jee

गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.

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