ePaper

ट्रंम्प को नहीं है चैन, भारत के बाद चीन पर टैरिफ का बम फोड़ेगा अमेरिका, उपराष्ट्रपति ने कर दिया प्लान लीक!

Updated at : 11 Aug 2025 8:24 AM (IST)
विज्ञापन
Us Vice President JD Vance

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस

Us Vice President: अमेरिका ने भारत पर 50% टैरिफ लगाया, चीन पर भी कार्रवाई संभव. ट्रंप की रूस तेल नीति से रिश्तों में तनाव, निर्यात को झटका.

विज्ञापन

Us Vice President: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस से कच्चा तेल खरीदने के कारण भारत पर 25% अतिरिक्त टैरिफ लगाने की घोषणा की है. इससे भारतीय निर्यात पर कुल शुल्क बढ़कर 50% हो गया है, जो अमेरिका द्वारा किसी भी देश पर लगाया गया सबसे ज्यादा टैरिफ है. यह फैसला अगले 21 दिनों में लागू होगा. भारत सरकार ने इस कदम को “अनुचित और असंगत” बताया है.

Us Vice President in Hindi: चीन पर भी नजर

ट्रंप ने संकेत दिया है कि अगला कदम चीन के खिलाफ हो सकता है, क्योंकि बीजिंग भी रूस से बड़ी मात्रा में तेल खरीदता है. अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने फॉक्स न्यूज से बातचीत में कहा कि चीन पर टैरिफ लगाने का विचार चल रहा है, हालांकि इस पर कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है.

अमेरिका-भारत रिश्तों में तनाव

यह निर्णय भारत-अमेरिका संबंधों में नई तल्खी का संकेत है. अमेरिका भारत का सबसे बड़ा निर्यात बाजार है, और 2024 में दोनों के बीच लगभग 87 अरब डॉलर का व्यापार हुआ था. विशेषज्ञों के अनुसार, नए टैरिफ से भारत के वस्त्र, जूते, रत्न और आभूषण जैसे प्रमुख निर्यात प्रभावित होंगे. गोल्डमैन सैक्स का अनुमान है कि इससे भारत की GDP वृद्धि में 0.6 प्रतिशत अंक तक की गिरावट आ सकती है.

यह भी पढ़ें: Putin Trump Talks: ट्रंप-पुतिन का ‘शांति समिट’, यूक्रेन का भविष्य दांव पर, जानें 5 अहम बातें

Russian Oil Tariff: रूस नीति के तहत दबाव

ट्रंप का यह कदम उनकी “द्वितीयक टैरिफ” रणनीति का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य रूस के तेल खरीदार देशों को आर्थिक रूप से दंडित करना है. ट्रंप प्रशासन का मानना है कि रूस से सस्ती ऊर्जा खरीद पश्चिमी पाबंदियों के असर को कम करती है और यूक्रेन युद्ध में मॉस्को को मजबूती देती है.

यह भी पढ़ें: Silent Husband: 20 साल से ना बोले, ना झगड़े – सिर्फ बच्चे पैदा होते रहे! कहानी जानकर भर आएंगी आंखें, पोस्ट वायरल

Russian Oil Tariff India China: विशेषज्ञों की राय

नोबेल पुरस्कार विजेता अभिजीत बनर्जी का कहना है कि भारत को सस्ते रूसी तेल के फायदे और अमेरिका के साथ बिगड़ते रिश्तों के नुकसान का संतुलन साधना होगा. वहीं, वॉल स्ट्रीट जर्नल के मुताबिक, भारत रूस के साथ अपनी ऊर्जा और रक्षा साझेदारी को छोड़ने के मूड में नहीं है, क्योंकि यह उसकी रणनीतिक स्वायत्तता का अहम हिस्सा है. 

विज्ञापन
Govind Jee

लेखक के बारे में

By Govind Jee

गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola