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‘उम्मीद है वो एक दिन ईसाई धर्म अपनाएंगी’, JD Vance के बयान पर मचा बवाल, अमेरिकी उपराष्ट्रपति की पत्नी उषा हैं हिंदू

Updated at : 31 Oct 2025 2:10 PM (IST)
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US Vice President JD Vance Hope Wife Usha She Will Convert To Christianity

अमेरिका के उपराष्ट्रपति JD Vance, उनकी पत्नी और साथ में उनके बच्चें.

JD Vance Hope Wife Usha She Will Convert To Christianity: अमेरिका के उपराष्ट्रपति JD Vance के उस बयान पर मचा बवाल जिसमें उन्होंने कहा कि उम्मीद है मेरी पत्नी उषा एक दिन ईसाई धर्म अपनाएंगी. जानिए, क्या कहा उषा वांस ने अपनी आस्था, बच्चों की परवरिश और हिंदू परंपराओं पर.

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JD Vance Hope Wife Usha She Will Convert To Christianity: अमेरिका के उपराष्ट्रपति JD Vance का एक बयान इन दिनों सुर्खियों में है. बात उन्होंने अपनी पत्नी उषा वांस की आस्था की की थी, लेकिन उसका असर धर्म से लेकर राजनीति तक जा पहुंचा. मिसिसिपी में हुए Turning Point USA के कार्यक्रम में वांस ने बड़ी बेबाकी से अपनी पत्नी के धर्म और अपने परिवार की धार्मिक परंपराओं पर बात की. उन्होंने कहा कि मेरी पत्नी ईसाई नहीं हैं. वो हिंदू परिवार से हैं, लेकिन बहुत धार्मिक नहीं. जब हम मिले थे, तब हम दोनों खुद को नास्तिक या अज्ञेयवादी मानते थे. उन्होंने आगे कहा कि “उम्मीद है एक दिन वो ईसाई धर्म अपनाएंगी”, तो सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई.

‘हमने तय किया कि बच्चे ईसाई स्कूल में पढ़ेंगे’

JD Vance ने कार्यक्रम में यह भी बताया कि उन्होंने और उषा ने मिलकर अपने बच्चों की परवरिश को लेकर क्या फैसला किया. हमारे दो बड़े बच्चे क्रिश्चियन स्कूल में पढ़ते हैं. हमारे आठ साल के बेटे ने पिछले साल अपनी पहली कम्यूनियन की. हमने तय किया कि बच्चे ईसाई माहौल में बड़े हों, लेकिन उनका चुनाव वही करेंगे. वांस ने कहा कि धर्म को लेकर उनके रिश्ते में कभी खटास नहीं आई.

ज्यादातर रविवार को उषा मेरे साथ चर्च आती हैं. और हां, मैं चाहता हूं कि एक दिन उन्हें भी वही एहसास हो जो मुझे चर्च में हुआ था. लेकिन अगर ऐसा नहीं होता, तो भी कोई परेशानी नहीं. क्योंकि ईश्वर ने सबको अपनी राह चुनने की आजादी दी है.

JD Vance Hope Wife Usha She Will Convert To Christianity: आस्था जबरदस्ती नहीं होती

वांस ने कहा कि धर्म का मतलब किसी को बदलना नहीं, बल्कि उसे समझना और सम्मान देना है. अगर मेरी पत्नी ईसाई धर्म नहीं अपनाना चाहतीं, तो यह उनका अधिकार है. धर्म जबरदस्ती नहीं, इच्छा से अपनाया जाता है. यही ईसाई सिद्धांतों की खूबसूरती है. वांस ने मजाकिया लहजे में कहा कि उषा उनके बपतिस्मा कराने वाले पादरियों से अक्सर बात करती हैं. कभी-कभी मुझे लगता है कि वो उनसे ज्यादा करीब हैं जितना मैं हूं.

‘मैं हिंदू हूं और रहूंगी’- उषा का पुराना बयान

उषा वांस (पहले उषा चिलुकुरी) अमेरिका की पहली भारतीय-अमेरिकी सेकंड लेडी हैं. Yale University से पढ़ी हुई वकील, जो मूल रूप से एक हिंदू परिवार से आती हैं. उषा ने हमेशा अपने हिंदू होने पर गर्व जताया है और साफ कहा है कि उनका ईसाई धर्म में परिवर्तित होने का कोई इरादा नहीं है.

कुछ महीने पहले मेगन मैक्केन को दिए एक इंटरव्यू में उषा ने अपने धर्म पर खुलकर बात की थी. उन्होंने बताया कि जब JD ने 2019 में कैथोलिक धर्म अपनाया, तब उन्होंने इस पर खुलकर चर्चा की. जब JD ने धर्म बदला, तब हमारे बीच बहुत बातचीत हुई. यह हमारे पहले बच्चे के जन्म के बाद की बात है. कैथोलिक धर्म अपनाने के साथ कई जिम्मेदारियां आती हैं जैसे बच्चों को उसी धर्म में पालना. उषा ने बताया कि उन्होंने और JD ने एक बीच का रास्ता निकाला है कि हम बच्चों को कैथोलिक स्कूल भेजते हैं, लेकिन उन्हें पूरा हक है कि वे खुद तय करें कि कौन-सा धर्म अपनाना चाहते हैं. अगर वे बपतिस्मा लेना चाहें, तो ले सकते हैं, और अगर नहीं चाहें, तो यह भी ठीक है.

‘हम दोनों धर्मों की परंपराएं निभाते हैं’

उषा ने बताया कि उनका परिवार दोनों धर्मों की परंपराओं को मानता है. मेरी दादी बहुत धार्मिक हिंदू हैं. वो रोज पूजा करती हैं, मंदिर जाती हैं. हम उनके साथ बहुत समय बिताते हैं. अगले साल मैं अपने घर में होली मनाने की सोच रही हूं. उषा कहती हैं कि उनके बच्चे ईसाई स्कूल में पढ़ते हैं, लेकिन हिंदू परंपराओं और परिवारिक संस्कारों से भी जुड़े रहते हैं.

हिंदू समुदाय में नाराजगी और सोशल मीडिया पर बहस

JD Vance के बयान “उम्मीद है एक दिन वो ईसाई धर्म अपनाएंगी” ने सोशल मीडिया पर भारतीय-अमेरिकी हिंदू समुदाय को नाराज कर दिया. कई लोगों ने कहा कि यह बात “धार्मिक रूप से असंवेदनशील” है और इसे एक “धर्मांतरण की इच्छा” के तौर पर देखा जा सकता है. हालांकि कुछ लोगों ने उनका बचाव करते हुए कहा कि वांस ने साफ कहा था कि “आस्था जबरदस्ती नहीं होतीl” यानी उन्होंने किसी पर धर्म थोपने की बात नहीं की.

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Govind Jee

लेखक के बारे में

By Govind Jee

गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.

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