गढ़वा के डंडा प्रखंड के 4 गांवों में धारा 163 लागू, तनाव को देखते हुए एसडीएम ने जारी किया आदेश

Published by : KumarVishwat Sen Updated At : 03 Jun 2026 8:17 PM

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गढ़वा के एसडीएम संजय कुमार. फोटो: प्रभात खबर

Garhwa News: गढ़वा के डंडा प्रखंड के डंडा, भिखही, मोतिहारा और छपरदगा गांवों में बढ़ते तनाव को देखते हुए धारा 163 लागू कर दी गई है. 6 जून तक भीड़, जुलूस और हथियारों पर प्रतिबंध रहेगा. प्रशासन ने सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

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गढ़वा से अविनाश सिंह की रिपोर्ट

Garhwa News: झारखंड के गढ़वा जिले के डंडा प्रखंड में बढ़ते तनाव और संभावित विधि-व्यवस्था की समस्या को देखते हुए प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाया है. पलामू जिले के सीमावर्ती गांव रामपुर में बीते सप्ताह हुई घटना के बाद क्षेत्र का माहौल संवेदनशील बना हुआ है. इसी को ध्यान में रखते हुए सदर अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) संजय कुमार ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत विशेष निषेधाज्ञा लागू करने का आदेश जारी किया है. प्रशासन का कहना है कि यह कदम क्षेत्र में शांति, सौहार्द और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति को समय रहते रोका जा सके.

चार संवेदनशील गांवों में प्रभावी रहेगी निषेधाज्ञा

एसडीएम द्वारा जारी आदेश के अनुसार डंडा प्रखंड के चार संवेदनशील गांवों में यह निषेधाज्ञा लागू की गई है. इनमें डंडा, भिखही, मोतिहारा और छपरदगा गांव शामिल हैं. इन गांवों में प्रशासन ने विशेष निगरानी व्यवस्था लागू कर दी है. स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को स्थिति पर लगातार नजर रखने का निर्देश दिया गया है. प्रशासन का मानना है कि एहतियाती उपायों से किसी भी प्रकार के तनाव या विवाद को बढ़ने से रोका जा सकता है.

6 जून तक लागू रहेगी पाबंदी

प्रशासनिक आदेश के अनुसार धारा 163 के तहत लागू की गई पाबंदियां 4 जून की दोपहर से प्रभावी हो गई हैं. यह आदेश 6 जून की दोपहर तक लागू रहेगा. इस अवधि के दौरान संबंधित गांवों में कई गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

भीड़, जुलूस और हथियारों पर रोक

निषेधाज्ञा के तहत पांच या उससे अधिक लोगों के एक स्थान पर एकत्र होने या भीड़ लगाने पर रोक लगा दी गई है. इसके अलावा बिना अनुमति के किसी भी प्रकार की सभा, धरना, प्रदर्शन, रैली या जुलूस निकालने की अनुमति नहीं होगी. प्रशासन ने क्षेत्र में अस्त्र-शस्त्र, लाठी-डंडा, धारदार हथियार या किसी भी प्रकार के घातक उपकरण लेकर चलने पर भी पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है. अधिकारियों का कहना है कि इन प्रतिबंधों का उद्देश्य केवल शांति और सुरक्षा बनाए रखना है.

अफवाह फैलाने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई

एसडीएम संजय कुमार ने सोशल मीडिया के दुरुपयोग को लेकर भी सख्त चेतावनी जारी की है. उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थिति में सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहें या भ्रामक सूचनाएं माहौल को खराब कर सकती हैं. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कोई भी व्यक्ति यदि सोशल मीडिया पर भ्रामक, आपत्तिजनक या तनाव बढ़ाने वाली पोस्ट साझा करता है, तो उसके खिलाफ सीधे प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी. इसके लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर विशेष निगरानी रखी जा रही है.

अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती

क्षेत्र की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने अतिरिक्त पुलिस बल और दंडाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति करने का निर्णय लिया है. पुलिस टीमों को लगातार गश्त करने और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं. अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं. किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी.

लोगों से संयम बरतने की अपील

एसडीएम संजय कुमार ने आम नागरिकों से शांति और संयम बनाए रखने की अपील की है. उन्होंने कहा कि लोग किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और केवल प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें. उन्होंने लोगों से यह भी आग्रह किया कि यदि उन्हें किसी संदिग्ध गतिविधि या कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाली घटना की जानकारी मिले तो उसकी सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस या प्रशासन को दें.

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शांति और सौहार्द बनाए रखना प्राथमिकता

प्रशासन का कहना है कि क्षेत्र में सामाजिक सौहार्द और भाईचारा बनाए रखना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है. धारा 163 लागू करने का उद्देश्य किसी विशेष वर्ग को प्रभावित करना नहीं, बल्कि सभी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है. प्रशासनिक अधिकारियों को उम्मीद है कि स्थानीय लोगों के सहयोग और सतर्कता से क्षेत्र में शांति बनी रहेगी तथा किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सकेगा.

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लेखक के बारे में

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कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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