क्या भारत अब US को नहीं देगा टैरिफ? सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ट्रंप ने कहा: कुछ नहीं बदलेगा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप. फोटो- एक्स (WhiteHouse).
US Tariff India: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत सहित दुनिया भर में लगाए गए रेसिप्रोकल टैरिफ को खारिज कर दिया है. जजों ने 6-3 के फैसले से ट्रंप के आदेशों को रद्द कर दिया. ऐसे में क्या अब भारत को टैरिफ नहीं देना होगा? ट्रंप ने फैसले आने के तुरंत बाद एक प्रेस कांफ्रेंस में इसका जवाब दिया.
US Tariff India: अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने अपने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के द्वारा दुनिया पर लगाए गए टैरिफ को खारिज करते हुए रद्द कर दिया है. U.S. Supreme Court ने शुक्रवार (20 फरवरी, 2026) को राष्ट्रपति के तथाकथित ‘रेसिप्रोकल टैरिफ’ (पारस्परिक शुल्क) को अवैध करार दिया. ट्रंप ने सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद व्हाइट हाउस के बाहर प्रेस कांफ्रेंस की. ट्रंप अब भी अपनी नीतियों को लेकर स्पष्ट हैं. उन्होंने कहा है कि वह दुनिया पर 10% टैरिफ लगाएंगे. इस दौरान उनसे जब पूछा गया कि भारत को लेकर उनकी नीति क्या रहेगी. तो ट्रंप ने कहा कि पुष्टि की है कि 2 फरवरी को घोषित अमेरिका-भारत व्यापार समझौते के मानकों (पैरामीटर्स) में कोई बदलाव नहीं किया गया है.
भारत के साथ हुए सौदे की स्थिति पर सवाल पूछे जाने पर ट्रंप ने कोर्ट के फैसले के तुरंत बाद कहा, ‘कुछ भी नहीं बदला है. वे (भारत) टैरिफ देंगे, और हम टैरिफ नहीं देंगे.’ उन्होंने कहा कि यह पहले जैसा नहीं है, जैसा आप जानते हैं. ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ करते हुए उन्हें एक महान सज्जन बताया, लेकिन साथ ही जोड़ा कि वह हमें लूट रहे थे. ट्रंप ने कहा, ‘तो हमने भारत के साथ एक समझौता किया, और अब यह एक निष्पक्ष सौदा है. हम उन्हें टैरिफ नहीं दे रहे हैं, और वे हमें टैरिफ दे रहे हैं. हमने पलटी नहीं मारी.’
समझौते की शर्तों के तहत अमेरिका में प्रवेश करने वाले भारतीय उत्पादों पर सामान्य टैरिफ दर को 50% से घटाकर 18% कर दिया गया है. इस 50% में भारत के रूस के साथ ऊर्जा व्यापार को लेकर लगाया गया 25% का ‘पेनल्टी’ टैरिफ भी शामिल था. हालांकि, यह अब भी स्पष्ट नहीं है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भारत पर कुल 18% टैरिफ के लिए कानूनी आधार क्या होगा.
ट्रंप ने यह भी कहा कि भारत के साथ उनके रिश्ते शानदार हैं. अमेरिका और भारत व्यापार कर रहे हैं. भारत ने रूस से संबंध तोड़ लिए हैं. ट्रंप ने कहा कि रूस के साथ तेल व्यापर को भारत ने उनके रिक्वेस्ट पर काफी कम कर दिया है. हम यूक्रेन युद्ध को समाप्त करना चाहते हैं, जिसमें हर महीने 25 हजार लोग मर रहे हैं.
ट्रंप ने एक बार फिर अपना दावा दोहराया कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध भी रोका. उन्होंने दावा किया कि उस संघर्ष के दौरान 10 विमान गिराए गए थे. ट्रंप ने यह भी कहा कि यह टकराव संभवतः परमाणु संघर्ष में बदल सकता था. उन्होंने कहा, “मैंने कहा, देखिए, अगर आप (भारत और पाकिस्तान) लड़ना चाहते हैं तो ठीक है, लेकिन तब आप अमेरिका के साथ कारोबार नहीं करेंगे और आपको 200% टैरिफ देना होगा. दोनों देशों को.” इसी के बाद दोनों देशों ने शांति की इच्छा जताई.
ट्रंप का जजों पर तीखा हमला
इसी प्रेस कॉन्फ्रेंस में, जहां ट्रंप ने टैरिफ के खिलाफ फैसला देने वाले जजों पर तीखा हमला बोला. उन्होंने उन्हें मूर्ख, लैपडॉग और गैर-देशभक्त जैसे शब्दों से संबोधित किया और कहा कि वे ‘संविधान के प्रति वफादार नहीं’ हैं. उन्होंने कहा कि वह टैरिफ लगाने के लिए वैकल्पिक तरीकों का इस्तेमाल करेंगे. सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि ट्रंप ने इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) के तहत अपनी अधिकार-सीमा से बाहर जाकर कदम उठाया. यही कानून 2 अप्रैल, 2025 को घोषित किए गए ‘रेसिप्रोकल टैरिफ’ का आधार था.
ट्रंप के ‘रेसिप्रोकल टैरिफ’ को खारिज करने वाले जजों का फैसला अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में 6-3 से आया. चीफ जस्टिस रॉबर्ट्स ने अपने फैसले में कहा कि उनका काम सिर्फ यह तय करना है कि IEEPA के तहत प्रेसिडेंट को दी इंपोर्ट को विनियमित करने की शक्ति में टैरिफ लगाने की पावर है या नहीं और इस नियम से यह साफ है कि राष्ट्रपति के पास ऐसी पावर नहीं है. सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि टैक्स और टैरिफ लगाने की शक्ति पूरी तरह से कांग्रेस के पास है.
हालांकि ट्रंप के फैसले से जस्टिस सैमुअल एलिटो, क्लेरेंस थॉमस और ब्रेट कावानाघ ने सहमित जताई. ट्रंप ने असहमति जताने वाले अल्पमत के जजों की जमकर तारीफ की. उदाहरण के तौर पर उन्होंने जस्टिस ब्रेट कैवनॉ को जीनियस बताया और कहा कि वह उन पर बेहद गर्व महसूस करते हैं.
दुनिया पर 10% ‘ग्लोबल टैरिफ’ लगेगा
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ट्रंप ने कहा कि वह शुक्रवार (20 फरवरी, 2026) को अमेरिकी ट्रेड एक्ट (1974) की सेक्शन 122 के तहत पूरे विश्व पर लागू होने वाला 10% का व्यापक ग्लोबल टैरिफ कानून के रूप में साइन करेंगे, जो तीन दिनों के भीतर प्रभावी हो जाएगा. ये टैरिफ अधिकतम 150 दिनों तक वैध रहेंगे. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सेक्शन 232 के तहत राष्ट्रीय सुरक्षा के आधार पर लगाए गए टैरिफ (जैसे स्टील और एल्युमिनियम पर) और सेक्शन 301 के तहत ‘अनुचित व्यापार प्रथाओं’ से जुड़े टैरिफ लागू रहेंगे. ट्रंप ने कहा कि वह 301 के तहत जांच (प्रोब) शुरू कर रहे हैं.
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लेखक के बारे में
By Anant Narayan Shukla
इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएट. करियर की शुरुआत प्रभात खबर के लिए खेल पत्रकारिता से की और एक साल तक कवर किया. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में गहरी रुचि ने इंटरनेशनल घटनाक्रम में दिलचस्पी जगाई. अब हर पल बदलते ग्लोबल जियोपोलिटिक्स की खबरों के लिए प्रभात खबर के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं.
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