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चीन जाएंगे डोनाल्ड ट्रंप, सुप्रीम कोर्ट ने उड़ाए होश; क्या अब झुकेगा अमेरिका?

Updated at : 21 Feb 2026 8:19 AM (IST)
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Donald Trump Visit China Next Month US Supreme Court Tariffs

तस्वीर में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग.

Donald Trump Visit China Next Month: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अगले महीने चीन के दौरे पर जा रहे हैं, जहां वे राष्ट्रपति शी जिनपिंग से 'पावर पैक्ड' मुलाकात करेंगे. यह दौरा तब हो रहा है जब अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के लगाए भारी टैरिफ को अवैध बताकर रद्द कर दिया है. जानिए कैसे कनाडा और ईयू भी अब चीन के करीब आ रहे हैं और क्या होगा ताइवान का भविष्य.

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Donald Trump Visit China Next Month: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 31 मार्च से 2 अप्रैल तक चीन की यात्रा पर रहेंगे. व्हाइट हाउस ने कन्फर्म किया है कि ट्रंप वहां राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात करेंगे. ग्लोबल मार्केट और राजनीति के जानकारों का मानना है कि इस दौरे से पूरी दुनिया की नजरें इन दोनों महाशक्तियों पर टिकी रहेंगी.

सुप्रीम कोर्ट ने पलटा ट्रंप का फैसला

यह खबर तब आई है जब अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप सरकार द्वारा लगाए गए कई बड़े टैरिफ (आयात शुल्क) को रद्द कर दिया है. ट्रंप ने ‘इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट’ (IEEPA) के तहत चीन से आने वाले सामान पर 20% टैरिफ लगाया था. कोर्ट ने कहा कि ट्रंप ने अपनी पावर का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल किया है. हालांकि, सेक्शन 301 और 232 के तहत लगे पुराने टैक्स अभी भी लागू रहेंगे.

दोस्ती या मजबूरी? 

सीएनएन के मुताबिक, ट्रंप की सख्त नीतियों की वजह से अमेरिका के पुराने दोस्त जैसे ब्रिटेन (पीएम कीर स्टार्मर) और कनाडा (पीएम मार्क कार्नी) भी अब चीन के करीब जा रहे हैं. कनाडा ने तो चीन की इलेक्ट्रिक कारों पर लगे कड़े टैक्स में ढील दे दी है, जिसके बदले में चीन अब कनाडा का एग्रीकल्चर सामान खरीदेगा. ईयू (EU) और चीन के बीच भी इलेक्ट्रिक कारों को लेकर समझौता हो गया है.

ये भी पढ़ें: यूएस SC से ट्रंप को लगा झटका; अब दुनिया भर के सामान पर ठोका 10% टैक्स

इकोनॉमी का नया बैलेंस

पॉलिटिको के अनुसार, अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने कहा है कि अमेरिका और चीन के रिश्ते अब एक ‘अच्छे बैलेंस’ पर पहुंच गए हैं. उनका मानना है कि ट्रंप और शी जिनपिंग इस साल 4 बार मिल सकते हैं. अगर कोई छोटी-मोटी दिक्कत आती भी है, तो दोनों नेता फोन पर बात करके उसे तुरंत सुलझा सकते हैं.

ताइवान और सोयाबीन का मामला फंसा हुआ है

भले ही दोनों देश ट्रेड वॉर खत्म करने की कोशिश कर रहे हों, लेकिन ताइवान का मुद्दा अभी भी गर्म है. दिसंबर में अमेरिका ने ताइवान को 11.1 बिलियन डॉलर के हथियार बेचने की मंजूरी दी थी, जिससे चीन थोड़ा नाराज है. दूसरी तरफ, ट्रंप ने बताया कि शी जिनपिंग ने अमेरिका से सोयाबीन की खरीदारी बढ़ाने का वादा किया है, जिससे अमेरिकी किसानों को बड़ा फायदा होगा.

एक्सपर्ट्स की क्या है राय?

सीएसआईएस (CSIS) के एक्सपर्ट स्कॉट कैनेडी का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट में मिली हार के बाद चीन की नजर में ट्रंप की स्थिति थोड़ी कमजोर हुई है. वहीं, पीटरसन इंस्टीट्यूट के मार्टिन चोरजेंपा के अनुसार, अदालती फैसले के बाद चीन पर से ज्यादा दबाव दूसरे देशों (जैसे साउथ ईस्ट एशिया) पर बढ़ सकता है क्योंकि चीन पर लगे कुछ पुराने टैक्स कानूनी रूप से काफी मजबूत हैं.

ट्रंप का प्लान: 10% ग्लोबल टैक्स

सुप्रीम कोर्ट से झटका लगने के बाद भी ट्रंप पीछे हटने को तैयार नहीं हैं. उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ किया कि वह 150 दिनों के लिए 10% का एक नया ‘ग्लोबल टैरिफ’ लगाने की सोच रहे हैं. ट्रंप का कहना है कि अमेरिकी मैन्युफैक्चरिंग को बचाने के लिए ऐसे कड़े कदम उठाना जरूरी है.

ये भी पढ़ें: क्या भारत अब US को नहीं देगा टैरिफ? सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ट्रंप ने कहा: कुछ नहीं बदलेगा

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Govind Jee

लेखक के बारे में

By Govind Jee

गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.

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