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यूएस SC से ट्रंप को लगा झटका; अब दुनिया भर के सामान पर ठोका 10% टैक्स

Updated at : 21 Feb 2026 7:49 AM (IST)
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Trump 10 Percent Global Tariff US Supreme Court

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप

Trump 10 Percent Global Tariff: अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और सुप्रीम कोर्ट के बीच ट्रेड वॉर छिड़ गया है. कोर्ट द्वारा इमरजेंसी टैरिफ को अवैध बताने के बाद, ट्रंप ने अब नए कानून के तहत दुनिया भर से आने वाले सामान पर 10% ग्लोबल टैक्स लगाने का ऐलान किया है. इस फैसले से भारत समेत कई देशों की टेंशन बढ़ गई है, जबकि व्यापारियों को अरबों डॉलर के रिफंड की उम्मीद जगी है.

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Trump 10 Percent Global Tariff: US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप को US सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. कोर्ट ने ट्रंप के उस फैसले को पलट दिया है जिसमें उन्होंने अपनी इमरजेंसी पावर्स (IEEPA) का इस्तेमाल करके दूसरे देशों से इंपोर्ट किए गए सामान पर भारी टैक्स (टैरिफ) लगाए थे. कोर्ट ने अपने 6-3 के बहुमत वाले फैसले में कहा कि ट्रंप ने इमरजेंसी कानून का गलत इस्तेमाल किया और टैरिफ लगाने में अपने अधिकार का गलत इस्तेमाल किया. कोर्ट ने यह भी कहा कि प्रेसिडेंट के पास टैक्स लगाने का कानूनी अधिकार नहीं है; यह अधिकार पूरी तरह से पार्लियामेंट (कांग्रेस) के पास है.

ट्रंप ने इस फैसले को बेकारा बताया

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले पर ट्रंप काफी भड़क गए. उन्होंने कोर्ट के फैसले को ‘बेकार’ बताया और आरोप लगाया कि कोर्ट विदेशी ताकतों के दबाव में है. लेकिन ट्रंप हार मानने वालों में से नहीं हैं. उन्होंने तुरंत घोषणा कर दी कि भले ही पुराना कानून काम न करे, लेकिन वो ‘ट्रेड एक्ट 1974’ के सेक्शन 122 का इस्तेमाल करेंगे. इसके तहत अब दुनिया भर से अमेरिका आने वाले हर सामान पर 10% का ग्लोबल टैरिफ लगेगा.

भारत पर क्या होगा असर?

इस नए 10% टैक्स का असर भारत पर भी पड़ेगा. व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने कन्फर्म किया है कि भारत को भी यह 10% टैरिफ देना होगा. हालांकि, ट्रंप ने यह भी कहा कि भारत के साथ हुई ट्रेड डील (जिसमें टैक्स घटाकर 18% किया गया था) जारी रहेगी, बस उसे अब नए कानूनी रास्तों से लागू किया जाएगा. अधिकारी ने साफ कहा कि जब तक कोई दूसरा नियम नहीं आता, तब तक यह 10% टैक्स देना ही पड़ेगा.

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क्या अब अरबों डॉलर का रिफंड होगा?

कोर्ट के इस फैसले से अमेरिकी सरकार को तगड़ा आर्थिक नुकसान हो सकता है. रॉयटर्स और वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट्स के मुताबिक:

  • ट्रंप सरकार ने अब तक इस कानून के जरिए करीब 134 अरब डॉलर (लगभग 11 लाख करोड़ रुपये) वसूले हैं.
  • अब कोर्ट के फैसले के बाद व्यापारियों को 130 से 175 अरब डॉलर तक का रिफंड वापस करना पड़ सकता है.
  • बिजनेस ग्रुप्स इस फैसले से खुश हैं क्योंकि उन्हें उम्मीद है कि अब चीजें सस्ती होंगी, लेकिन एलिजाबेथ वॉरेन जैसी नेताओं का कहना है कि आम जनता तक यह पैसा वापस पहुंचना मुश्किल है.

एक्सपर्ट्स और दुनिया की राय

येल यूनिवर्सिटी के ‘बजट लैब’ के अनुसार, इस फैसले के बाद औसत टैक्स रेट 16.9% से घटकर 9.1% पर आ गया है, जो 1946 के बाद सबसे ज्यादा है. दूसरी तरफ, यूरोपीय संघ (EU), ब्रिटेन और कनाडा इस फैसले पर नजर बनाए हुए हैं. कनाडा ने तो ट्रंप के पुराने टैक्स को ‘गलत’ करार दिया है. वहीं कैलिफोर्निया के गवर्नर गेविन न्यूजॉम ने मांग की है कि ट्रंप सरकार को लोगों का अवैध तरीके से लिया गया एक-एक पैसा ब्याज समेत वापस करना चाहिए.

आगे क्या होगा?

ट्रंप ने साफ कर दिया है कि नेशनल सिक्योरिटी (सेक्शन 232) और अनफेयर ट्रेड (सेक्शन 301) के तहत जो पुराने टैक्स चल रहे हैं, वो जारी रहेंगे. उन्होंने चेतावनी दी है कि उनके पास और भी कई रास्ते हैं जिससे वो दूसरे देशों से ज्यादा पैसा वसूल सकते हैं. फिलहाल, ट्रंप के इस नए 10% वाले ऑर्डर से ग्लोबल मार्केट में हलचल तेज हो गई है.

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Govind Jee

लेखक के बारे में

By Govind Jee

गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.

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