ईरान की घेराबंदी: US नेवी ने बीच समुद्र में रोका जहाज; ट्रंप बोले- हमारी मर्जी के बिना कोई घुसने की सोच भी नहीं सकता

Published by :Govind Jee
Published at :17 Apr 2026 4:13 PM (IST)
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US Navy iran blockade trump warning strait of hormuz

अमेरिकी नौसैनिक की तस्वीर. क्रेडिट- एक्स/@CENTCOM

US Navy: अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के आदेश पर यूएस नेवी ने ईरान के समुद्री रास्तों पर कड़ा पहरा लगा दिया है. 10 हजार सैनिकों और स्टील्थ फाइटर जेट्स के साथ अरब सागर में जंगी बेड़ा तैनात है.

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US Navy: अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो जारी किया है. इसमें अमेरिकी नेवी का जंगी जहाज ‘USS माइकल मर्फी’ ओमान की खाड़ी में एक मर्चेंट शिप ‘मौली’ को रोकते हुए दिख रहा है. नेवी के जवान ने जहाज के क्रू से कहा कि अब वे उनकी निगरानी में अगले बंदरगाह तक जाएंगे. इस कार्रवाई के दौरान नेवी के हेलिकॉप्टर आसमान से नजर रख रहे थे. CENTCOM ने साफ कर दिया है कि वे ईरान के बंदरगाहों की घेराबंदी तब तक जारी रखेंगे जब तक जरूरत होगी.

10 हजार सैनिक और 100 विमानों ने घेरा ईरान का समुद्री रास्ता

इस पूरे मिशन में अमेरिका ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है. CENTCOM की रिपोर्ट के मुताबिक, इस घेराबंदी में 10,000 से ज्यादा अमेरिकी सैनिक, 12 से ज्यादा बड़े समुद्री जहाज और 100 से ज्यादा लड़ाकू विमान तैनात हैं. इसमें सबसे खास एयरक्राफ्ट कैरियर ‘USS अब्राहम लिंकन’ है, जो अरब सागर में मौजूद है. सेंटकॉम, अमेरिकी रक्षा विभाग की एक मुख्य सैन्य कमान है, जिसका काम मध्य पूर्व, मध्य एशिया और दक्षिण एशिया के 21 देशों में अमेरिकी सैन्य अभियान और सुरक्षा हित संभालना है.

इस विशाल जहाज पर F-35C स्टील्थ फाइटर, F/A-18 जेट्स और कई आधुनिक हेलिकॉप्टर्स तैनात हैं. इसके अलावा गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर ‘USS डेलबर्ट डी ब्लैक’ के जरिए भी संदिग्ध जहाजों पर पैनी नजर रखी जा रही है.

USS माइकल मर्फी’ ओमान की खाड़ी में एक मर्चेंट शिप ‘मौली’ को रोकते हुए

होर्मुज जलडमरूमध्य नहीं, सिर्फ ईरानी पोर्ट्स पर पाबंदी

पेंटागन के जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन ने साफ किया है कि अमेरिका ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) को बंद नहीं कर रहा है. यह पाबंदी सिर्फ ईरान के बंदरगाहों और उसकी तटीय सीमा पर आने-जाने वाले जहाजों के लिए है. जनरल केन ने मीडिया से बातचीत में बताया कि यह नियम हर देश के जहाज पर लागू होगा. राष्ट्रपति ट्रंप के आदेश के बाद यह घेराबंदी सोमवार सुबह 10 बजे से शुरू की गई थी.

पाकिस्तान में बातचीत फेल होने के बाद ट्रंप का सख्त फैसला

पिछले हफ्ते पाकिस्तान में ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत हुई थी, जो बेनतीजा रही. इसके बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान की घेराबंदी का फैसला लिया. ट्रंप ने कहा कि नेवी बेहतरीन काम कर रही है और अब कोई भी जहाज उनकी इजाजत के बिना ईरान की सीमा में घुसने की सोच भी नहीं रहा है. हालांकि, शिपिंग डेटा से पता चला है कि मंगलवार को तीन ईरानी टैंकरों सहित आठ जहाजों ने इस रास्ते को पार किया था. अमेरिका और ईरान के बीच फिलहाल दो हफ्ते का सीजफायर (युद्धविराम) चल रहा है.  

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Govind Jee

लेखक के बारे में

By Govind Jee

गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.

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