अमेरिका ने होर्मुज में बढ़ाई सख्ती, अब ईरान से जुडे हर जहाज की होगी चेकिंग

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अमेरिका ने होर्मुज में बढ़ाई सख्ती, अब ईरान से जुडे हर जहाज की होगी चेकिंग

अमेरिकी युद्धपोत, फोटो- एएनआई

Iran US Ceasefire: अमेरिका ने ईरान से जुड़े जहाजों पर सख्ती बढ़ाते हुए अपनी सेना को वैश्विक स्तर पर संदिग्ध जहाज रोकने, तलाशी लेने और सामान जब्त करने का अधिकार दिया है. हथियार, तेल और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसी सामग्री पर विशेष नजर रखी जाएगी. इस कदम के पीछे अमेरिका का मकसद ईरान पर दबाव बढ़ाना है.

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Iran US Ceasefire: अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे दौर की वार्ता से पहले तनातनी बढ़ गई है. अमेरिका ने तेहरान के खिलाफ और सख्त रुख कर लिया है. अमेरिका ने दुनिया भर में तैनात अपनी सेनाओं को ऐसे किसी भी जहाज को रोकने की अनुमति दे दी है, जिस पर ईरान से जुड़ा होने या उसे मदद पहुंचाने का संदेह हो. इसमें हथियार, तेल, धातु और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जैसी सामग्रियां शामिल हैं, जिन्हें संभावित रूप से सैन्य उपयोग में लाया जा सकता है.

वैश्विक स्तर पर कार्रवाई की अनुमति

ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष जनरल डैन केन ने बताया कि अमेरिकी बल अब सिर्फ खाड़ी क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि दुनिया के किसी भी हिस्से में संदिग्ध जहाजों का पीछा कर सकते हैं. उन्होंने खास तौर पर प्रशांत क्षेत्र में चल रहे अभियानों का जिक्र करते हुए कहा कि हाल ही में लागू नाकाबंदी से पहले होर्मुज स्ट्रेट से गुजर चुके जहाज भी कार्रवाई के दायरे में आएंगे.

किसी भी स्थान पर तलाशी और जब्ती का अधिकार

पेंटागन में मीडिया से बात करते हुए जनरल डैन केन ने कहा कि अमेरिकी सेना को अब किसी भी स्थान पर कमर्शियल जहाजों पर चढ़कर तलाशी लेने और संदिग्ध सामान जब्त करने का अधिकार होगा. एक आधिकारिक नोटिस के मुताबिक ऐसा कोई भी सामान जो दुश्मन के लिए उपयोगी हो सकता है, उसे तटस्थ क्षेत्र के बाहर कहीं भी रोका जा सकता है.

प्रतिबंधित सामान की नई श्रेणियां

  • अमेरिकी सेना ने प्रतिबंधित वस्तुओं की विस्तृत सूची जारी की है.
  • पूर्ण प्रतिबंधित वाले सामान: हथियार, गोला-बारूद और सैन्य उपकरण
  • शर्तीय प्रतिबंधित: तेल, लोहा, इस्पात, एल्युमिनियम
  • संदेह के आधार पर जब्ती योग्य: इलेक्ट्रॉनिक्स, बिजली उत्पादन उपकरण, भारी मशीनरी

10,000 से अधिक सैनिक तैनात

अमेरिका ने होर्मुज में नाकाबंदी को लागू करने के लिए 10,000 से अधिक अमेरिकी सैनिकों को तैनात किया है. रक्षा अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि कोई जहाज भागने की कोशिश करता है, तो पहले चेतावनी के तौर पर गोली चलाई जा सकती है और जरूरत पड़ने पर बल प्रयोग बढ़ाया जा सकता है.

दिखने लगा असर

यूएस सेंट्रल कमांड के अनुसार, सैन्य कार्रवाई शुरू होने के पहले तीन दिनों में ही 14 जहाज नाकाबंदी का सामना करने के बजाय वापस लौट गए. यह संकेत है कि अमेरिका की सख्ती का असर तुरंत दिखने लगा है.

युद्धविराम से पहले बढ़ता तनाव

यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब मौजूदा युद्धविराम 22 अप्रैल को समाप्त होने वाला है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसकी अवधि बढ़ाने की कोशिशें की जा रही है. ऐसे में अमेरिका की यह सख्ती तेहरान पर दबाव बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है.

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प्रीतीश सहाय

लेखक के बारे में

By प्रीतीश सहाय

12 वर्षों से टीवी पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सेवाएं दे रहा हूं. रांची विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग से पढ़ाई की है. राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय विषयों के साथ-साथ विज्ञान और ब्रह्मांड विषयों पर रुचि है. बीते छह वर्षों से प्रभात खबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में काम करने के बाद डिजिटल जर्नलिज्म का अनुभव काफी अच्छा रहा है.

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