ईरान में देश भर में जारी अशांति के बीच, संयुक्त राज्य अमेरिका ने कई ईरानी सुरक्षा अधिकारियों पर प्रतिबंध लगा दिया है. इनमें सुप्रीम काउंसिल फॉर नेशनल सिक्योरिटी (SCNS) के सचिव अली लारीजानी भी शामिल हैं. अमेरिकी विदेश विभाग ने एक बयान में कहा कि जब ईरान के बहादुर लोग अपने बुनियादी अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं, तब ईरानी शासन ने अपने ही लोगों के खिलाफ हिंसा और क्रूर दमन का सहारा लिया है. इसके जवाब में, संयुक्त राज्य अमेरिका कुख्यात फरदिस जेल को नामित कर रहा है, जो ऐसा संस्थान है जहां महिलाओं को क्रूर, अमानवीय और अपमानजनक व्यवहार सहना पड़ा है.
अमेरिकी विदेश विभाग के बयान के अनुसार, अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ईरान के ‘शैडो बैंकिंग’ नेटवर्क से जुड़े 18 व्यक्तियों और संस्थाओं को भी नामित कर रहा है. इन्होंने ईरानी पेट्रोलियम और पेट्रोकेमिकल बिक्री से हुई आय की मनी लॉन्ड्रिंग की है. यह कदम 2025 के नेशनल सिक्योरिटी प्रेसिडेंशियल मेमोरेंडम-2 को और अधिक लागू करने की दिशा में भी है. बयान के अनुसार, संयुक्त राज्य अमेरिका ईरान के उन लोगों के साथ खड़ा है, जो अपने प्राकृतिक अधिकारों के लिए विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. ईरानी शासन अपने लोगों के कल्याण में निवेश करने के बजाय, दुनिया भर में अस्थिरता फैलाने वाली और दुर्भावनापूर्ण गतिविधियों को फंड करता रहता है. जब तक शासन ईरानी जनता का दमन करता रहेगा, तब तक अमेरिका उसे फाइनेंशियल नेटवर्क और ग्लोबल बैंकिंग प्रणाली तक पहुंच से वंचित करता रहेगा.
क्या ट्रंप अब हमला नहीं करेंगे?
इस बीच, व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने गुरुवार (स्थानीय समय) को कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी टीम ईरान की स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए हैं. प्रेस ब्रीफिंग को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप के लिए सभी विकल्प खुले हुए हैं. उन्होंने आगे कहा कि राष्ट्रपति और उनकी टीम ने ईरानी शासन को यह संदेश दिया है कि अगर हत्याएं जारी रहीं, तो इसके गंभीर परिणाम होंगे. लेविट ने यह भी बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप को आज यह जानकारी मिली है कि जिन 800 फांसी की सजाएं तय थीं उन्हें रोक दिया गया है. इन्हें कल अंजाम दिया जाना था. राष्ट्रपति और उनकी टीम इस स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए हैं और सभी विकल्प राष्ट्रपति के लिए खुले हैं.
ईरान में मरने वालों की संख्या 12,000 तक पहुंचने का अनुमान
यह घटनाक्रम ईरान में बढ़ती महंगाई और जीवन-यापन की लागत के खिलाफ विरोध प्रदर्शन जारी हैं. अधिकारियों ने इंटरनेट पर भी पाबंदियां लगा दी हैं. इससे पहले ट्रंप ने हस्तक्षेप की धमकी दी थी, लेकिन बुधवार को उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों की हत्याएं रुक गई हैं और सैन्य कार्रवाई को लेकर वह “देखेंगे और इंतजार करेंगे. टाइम्स ऑफ इजरायल की रिपोर्ट के अनुसार, प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हुई झड़पों में मरने वालों की संख्या का अनुमान 3,000 से कम से लेकर 12,000 से अधिक तक बताया जा रहा है.
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