अमेरिकी बदले की घोषणा, ISIS के 70 ठिकानों पर ताबड़तोड़ हमला, रात के अंधेर में ‘ऑपरेशन हॉकआई’ से दहला सीरिया

सीरिया पर अमेरिकी हमला, ISIS के खिलाफ ऑपरेशन हॉकआई.
US Attack Syria Operation Hawkeye against ISIS: अमेरिका ने सीरिया में इस्लामिक स्टेट (ISIS) के खिलाफ ऑपरेशन हॉकआई के तहत बड़ी कार्रवाई की है. करीब 70 जगहों पर रात के अंधेरे में ताबड़तोड़ हमले किए गए. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे खूनी आतंकवादियों के खिलाफ गंभीर कार्रवाई करार दिया, तो वहीं रक्षा सचिव ने इसे बदले की घोषणा बताया.
US Attack Syria Operation Hawkeye against ISIS: अमेरिका ने सीरिया में इस्लामिक स्टेट (ISIS) के खिलाफ ऑपरेशन हॉकआई स्ट्राइक की शुरुआत की है. यह सैन्य कार्रवाई इस महीने की शुरुआत में हुए उस हमले के जवाब में की गई है, जिसमें दो अमेरिकी सैनिकों और एक इंटरप्रेटर की जान चली गई थी. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे बेहद सख्त और निर्णायक जवाबी कार्रवाई करार दिया है. ट्रंप ने कहा कि सीरिया में आईएसआईएस (ISIS) द्वारा दो अमेरिकी नागरिकों की हत्या के जवाब में अमेरिका ने जवाबी कार्रवाई करते हुए उस देश पर हमला किया है. वहीं रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने शुक्रवार को घोषणा की कि अमेरिका ने सीरिया में आईएसआईएस लड़ाकों को खत्म करने के लिए ऑपरेशन हॉकआई स्ट्राइक (Operation Hawkeye Strike) शुरू किया है. अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक यह कार्रवाई बड़े पैमाने पर की गई, जिसमें मध्य सीरिया के उन इलाकों में करीब 70 ठिकानों को निशाना बनाया गया, जहां आईएस का ढांचा, हथियार भंडारण और ठिकाने मौजूद थे. एक अन्य अधिकारी ने संकेत दिया कि आने वाले दिनों में और हमले भी किए जा सकते हैं.
हेगसेथ ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि आज पहले, अमेरिकी बलों ने सीरिया में ऑपरेशन हॉकआई स्ट्राइक शुरू किया, जिसका उद्देश्य आईएसआईएस के लड़ाकों, उनके बुनियादी ढांचे और हथियार ठिकानों को नष्ट करना है. यह कार्रवाई 13 दिसंबर को सीरिया के पालमायरा में अमेरिकी बलों पर हुए हमले के सीधे जवाब में की गई है. यह किसी युद्ध की शुरुआत नहीं है. यह बदले की घोषणा है. राष्ट्रपति ट्रंप के नेतृत्व में संयुक्त राज्य अमेरिका अपने लोगों की रक्षा के लिए कभी हिचकेगा नहीं और कभी पीछे नहीं हटेगा. उन्होंने आगे कहा कि जो दुनिया में कहीं भी अमेरिकियों को निशाना बनाते हैं, तो संयुक्त राज्य अमेरिका आपका पीछा करेगा, आपको ढूंढेगा और बेरहमी से मार डालेगा. आज हमने अपने दुश्मनों का शिकार किया और उन्हें मार गिराया. बहुतों को. और हम यह जारी रखेंगे.
‘ऑपरेशन हॉकआई’ क्यों नाम दिया गया
‘ऑपरेशन हॉकआई’ नाम इस तथ्य की ओर इशारा करता है कि मारे गए दोनों अमेरिकी सैनिक “हॉकआई स्टेट” आयोवा से थे. एक अधिकारी के मुताबिक इन हमलों में सीरिया भर में आईएसआईएस से जुड़े दर्जनों ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिनमें बुनियादी ढांचा और हथियार भंडारण केंद्र शामिल हैं. सीरिया में मारे गए दो अमेरिकी सैनिकों की पहचान इस हफ्ते सार्जेंट एडगर ब्रायन टोरेस टोवार (25), डेस मोइन्स, आयोवा, और सार्जेंट विलियम नथानियल हॉवर्ड (29), मार्शलटाउन, आयोवा, के रूप में हुई है. अमेरिकी सेना के मुताबिक, दोनों की मौत सीरिया के पालमायरा में दुश्मन बलों से मुठभेड़ के दौरान हुई. दोनों सैनिक आयोवा नेशनल गार्ड की 1st स्क्वाड्रन, 113th कैवेलरी रेजिमेंट, 2nd इन्फैंट्री ब्रिगेड कॉम्बैट टीम, 34th इन्फैंट्री डिवीजन से जुड़े थे. इसके साथ ही एक एंट्रप्रेटर की भी इस हमले में मौत हो गई थी.
गोलीबारी की पूरी घटना
सीरिया के गृह मंत्रालय के प्रवक्ता नूर अल-दीन अल-बाबा के अनुसार, हमलावर दो महीने पहले ही सीरिया के आंतरिक सुरक्षा बलों में बेस सुरक्षा गार्ड के तौर पर भर्ती हुआ था. हाल ही में आईएस से संबंधों के संदेह के चलते उसका तबादला कर दिया गया था. प्रवक्ता के अनुसार, हमलावर अमेरिकी और सीरियाई सुरक्षा अधिकारियों की उस बैठक में घुस गया, जहां वे साथ में दोपहर का भोजन कर रहे थे. सीरियाई गार्डों से झड़प के बाद उसने अचानक गोलीबारी शुरू कर दी, जिससे यह खूनी हमला हुआ. हमले में आयोवा नेशनल गार्ड के तीन अन्य सदस्य भी घायल हुए, जिन्हें आगे के इलाज के लिए बाहर निकाला गया है. हमलावर ने अमेरिकी और सीरियाई सुरक्षा बलों के एक काफिले को निशाना बनाया था. जवाबी कार्रवाई में हमलावर को वहीं ढेर कर दिया गया था. इस हमले में तीन अन्य अमेरिकी सैनिक भी घायल हुए थे, जिन्हें इलाज के लिए तुरंत बाहर निकाला गया.
ट्रंप ने हमले के बाद दी चेतावनी
ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में चेतावनी दी कि आतंकवादियों पर पहले से कहीं ज्यादा कठोर हमला किया जाएगा. ट्रुथ सोशल पर जारी अपने बयान में ट्रंप ने कहा कि जैसा वादा किया गया था, अमेरिका सीरिया में उन खूनी आतंकवादियों के खिलाफ गंभीर कार्रवाई कर रहा है, जो बहादुर अमेरिकी नागरिकों की नृशंस हत्या के लिए जिम्मेदार हैं. ट्रंप ने अपने पोस्ट में कहा कि अमेरिका सीरिया में ISIS के गढ़ों पर जोरदार प्रहार कर रहा है. उनके अनुसार, यह क्षेत्र लंबे समय से हिंसा और खून-खराबे से जूझता रहा है, लेकिन अगर ISIS का सफाया कर दिया जाए तो सीरिया का भविष्य उज्ज्वल हो सकता है. उन्होंने यह भी दावा किया कि सीरिया की सरकार, जिसका नेतृत्व ऐसा व्यक्ति कर रहा है जो देश को फिर से पटरी पर लाने के लिए मेहनत कर रहा है, इस अभियान का पूरा समर्थन कर रही है. ट्रंप ने आतंकवादियों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि जो भी अमेरिकियों पर हमला करने या अमेरिका को धमकाने की कोशिश करेगा, उसे पहले से कहीं ज्यादा कड़ा जवाब दिया जाएगा.
ISIS के 70 ठिकानों पर हमला
अंतर्राष्ट्रीय मीडिया के अनुसार एक अमेरिकी अधिकारी ने इस अभियान को बड़े पैमाने की कार्रवाई बताया है. मध्य सीरिया के उन इलाकों में करीब 70 ठिकानों को निशाना बनाया गया, जहां ISIS का नेटवर्क और हथियार मौजूद थे. नाम उजागर न करने की शर्त पर एक अन्य अमेरिकी अधिकारी ने संकेत दिया कि आने वाले समय में और हमले भी किए जा सकते हैं. अधिकारियों ने बताया कि इस अभियान में एफ-15 ईगल फाइटर जेट, ए-10 थंडरबोल्ट ग्राउंड-अटैक एयरक्राफ्ट और एएच-64 अपाचे हेलीकॉप्टरों का इस्तेमाल हुआ. इसके अलावा जॉर्डन से उड़ान भरने वाले एफ-16 लड़ाकू विमानों और HIMARS रॉकेट आर्टिलरी सिस्टम का भी सहारा लिया गया.
ISIS के बड़े नेता के मारे जाने का दावा
सीरियाई मीडिया के अनुसार, अमेरिकी हमलों में दीर एज-जोर और रक्का प्रांतों के ग्रामीण इलाकों के साथ-साथ पलमायरा के पास जबल अल-अमौर क्षेत्र के ठिकानों को निशाना बनाया गया. बताया गया कि ये वही स्थान थे, जहां आईएस अपने अभियानों के लिए हथियार जमा करता और अपने मुख्यालय संचालित करता था. वहीं ब्रिटेन स्थित सीरियन ऑब्जर्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स ने दावा किया है कि इन हवाई हमलों में रक्का और दीर एज-जोर के आसपास ISIS के ठिकानों को निशाना बनाया गया. संगठन के अनुसार, इस कार्रवाई में ISIS का एक वरिष्ठ नेता और कई लड़ाके मारे गए हैं. हालांकि, ISIS की ओर से अब तक इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.
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By Anant Narayan Shukla
इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएट. करियर की शुरुआत प्रभात खबर के लिए खेल पत्रकारिता से की और एक साल तक कवर किया. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में गहरी रुचि ने इंटरनेशनल घटनाक्रम में दिलचस्पी जगाई. अब हर पल बदलते ग्लोबल जियोपोलिटिक्स की खबरों के लिए प्रभात खबर के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं.
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