ePaper

Pakistan: ''मेंबर देश होने के बावजूद हमारे साथ भिखारियों जैसा बर्ताव'', IMF पर फूटा पाकिस्तान का गुस्सा

Updated at : 01 Mar 2023 12:50 PM (IST)
विज्ञापन
Pakistan: ''मेंबर देश होने के बावजूद हमारे साथ भिखारियों जैसा बर्ताव'', IMF पर फूटा पाकिस्तान का गुस्सा

पाकिस्तान के अधिकारियों का गुस्सा IMF पर फूटा है. दरअसल आईएमएफ की ओर से अब तक कर्ज न मिलने और शर्तें लगातार कड़ी होने से पाकिस्तान भड़क गया है. अधिकारियों ने कहा हमारे साथ भिखारियों जैसा बर्ताव हो रहा है.

विज्ञापन

पाकिस्तान के अधिकारियों का गुस्सा IMF पर फूटा है. दरअसल आईएमएफ की ओर से अब तक कर्ज न मिलने और शर्तें लगातार कड़ी होने से पाकिस्तान भड़क गया है. पाकिस्तान के आला अधिकारियों का कहना है कि , मेंबर देश होने के बावजूद हमारे साथ भिखारियों जैसा बर्ताव किया जा रहा है.

IMF के रवैये से पाकिस्तान परेशान 

पाकिस्तान के मीडिया समूह ‘डॉन’ की खबर के मुताबिक पाक सरकार के अधिकारी आईएमएफ के रवैये से परेशान हैं. उन्हें लगता है कि आईएमएफ गलत कर रहा है, आईएमएफ ने लोन जारी करने के लिए तय की गईं 4 शर्तों को भी बदल दिया है. कई अधिकारियों ने नाम न बताने की शर्त पर यहां तक कहा कि यह तो पाकिस्तान के साथ बदसलूकी जैसा है.

‘हम IMF के मेंबर देश हैं, कोई भिखारी नहीं है’

पाकिस्तान के एक अधिकारी ने कहा, ‘हम आईएमएफ के मेंबर देश हैं, कोई भिखारी नहीं है, यदि वो हमें ऐसा ही समझते हैं तो फिर हमारी सदस्यता ही समाप्त कर दें.’ डॉन से बातचीत में एक अन्य अधिकारी ने कहा कि देश के हालात 1998 जैसे हो गए हैं, जब परमाणु परीक्षण के बाद आर्थिक संकट गहरा गया था.

इस हफ्ते स्टाफ लेवल एग्रीमेंट की उम्मीद

इस बीच पाकिस्तान प्रशासन को उम्मीद है कि अगले सप्ताह IMF की टीम से फिर बातचीत हो सकती है. इससे स्टाफ लेवल एग्रीमेंट पर सहमति बन सकती है. आईएमएफ का कहना है कि मौजूदा वित्त वर्ष में पाकिस्तान को संकट से उबरने के लिए कम से कम 7 अरब डॉलर की जरूरत है. वहीं स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान का कहना है कि फिलहाल देश का विदेश मुद्रा भंडार 3 अरब डॉलर है, जो इसी साल जून तक बढ़कर 10 अरब डॉलर तक हो सकता है.

विज्ञापन
Abhishek Anand

लेखक के बारे में

By Abhishek Anand

'हम वो जमात हैं जो खंजर नहीं, कलम से वार करते हैं'....टीवी और वेब जर्नलिज्म में अच्छी पकड़ के साथ 10 साल से ज्यादा का अनुभव. झारखंड की राजनीतिक और क्षेत्रीय रिपोर्टिंग के साथ-साथ विभिन्न विषयों और क्षेत्रों में रिपोर्टिंग. राजनीतिक और क्षेत्रीय पत्रकारिता का शौक.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola