ट्रंप की भतीजी ने खोली परिवार की पोल, सुप्रीम कोर्ट में कानून की सुनवाई के लिए खुद पहुंचे थे US प्रेसिडेंट

Updated at : 02 Apr 2026 3:35 PM (IST)
विज्ञापन
Trump Attends Supreme Court arguments on birthright citizenship niece Mary jibes.

मैरी एल ट्रंप और डोनाल्ड ट्रंप. फोटो- एक्स.

Trump Birthright Citizenship Law: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने दूसरे कार्यकाल में कार्यकारी आदेश द्वारा, जो पहला कानून पास किया था, इसने अमेरिका में बर्थराइट सिटिजनशिप को ही समाप्त कर दिया. इसकी सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में चल रही है, इसके लिए ट्रंप खुद ही कोर्ट में पहुंच गए, ऐसा अमेरिकी इतिहास में पहली बार हुआ. हालांकि, ट्रंप की भतीजी ने कहा कि इस केस में सबसे बड़ा केस खुद डोनाल्ड हैं.

विज्ञापन

Trump Supreme Court: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में मौखिक बहस के दौरान उपस्थित हुए. ऐसा करने वाले पहले अमेरिकी राष्ट्रपति बन गए. अदालत ट्रंप के उस अहम मामले की सुनवाई कर रही है, जो जन्मसिद्ध नागरिकता (बर्थराइट सिटिजनशिप) को खत्म करने से जुड़ा है. कोर्ट इस कानून की एग्जीक्यूटिव ऑर्डर की वैधता (लीगालिटी) पर सुनवाई कर रहा है.  

यह राष्ट्रपति ट्रंप के दूसरे कार्यकाल का पहला आदेश था, जिसमें उन्होंने घोषणा की थी कि अमेरिका में अवैध रूप से या अस्थायी रूप से वीजा पर रह रहे माता-पिता के बच्चों को अमेरिकी नागरिक नहीं माना जाएगा. बर्थराइट सिटिजनशिप खत्म करने वाला यह आदेश 20 जनवरी 2025 को हस्ताक्षरित किया गया था. यह आदेश ट्रंप के दूसरे कार्यकाल की इमिग्रेशन नीति का एक प्रमुख हिस्सा है, लेकिन इसे लगातार कानूनी चुनौतियों का सामना करना पड़ा है. 

सुप्रीम कोर्ट में  जज यह सुनवाई कर रहे हैं कि क्या उनका यह निर्देश संविधान का उल्लंघन करता है! ट्रंप इस सुनवाई के दौरान पब्लिक गैलरी में बैठे थे. इस मामले के केंद्र में 14वें संशोधन की सिटिजनशिप क्लॉज है. यह कुछ सीमित अपवादों को छोड़कर, पारंपरिक रूप से अमेरिका में जन्म लेने वाले हर व्यक्ति को नागरिकता की गारंटी देता है. 14वां संशोधन 1868 में लागू किया गया था. यह मूल रूप से पूर्व दासों को नागरिकता की गारंटी देने के लिए बनाया गया था. तब से यह अमेरिकी संवैधानिक कानून का हिस्सा है.

निचली अदालतों ने पहले ही ट्रंप के आदेश को रोक दिया है. उन्होंने इसे संविधान और संघीय कानून दोनों के खिलाफ बताया. इसके बावजूद ट्रंप प्रशासन ने इस पर आगे बढ़ते रहने का फैसला किया है, यह कहते हुए कि नागरिकता माता-पिता की कानूनी स्थिति और अमेरिका के प्रति ‘प्राथमिक निष्ठा’ (प्राइमरी एलीजिएंस) पर निर्भर होनी चाहिए. अब अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में इस मामले पर जून तक बहस हो रही और जून के अंत तक इस मामले पर वह अपना फैसला सुनाएगा.

खुद ट्रंप के पिता इसी कानून की वजह से अमेरिकी नागरिक बने

हालांकि, ट्रंप भले ही इस कानून के जरिए लोगों की नागरिकता छीनने वाला कानून पास कर चुके हैं. लेकिन कभी ट्रंप के पिता भी इसी तरह अमेरिका के नागिरक बने थे. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भतीजी मैरी ट्रंप ने कहा है कि उनके दादा (डोनाल्ड ट्रंप के पिता) एक एंकर बेबी थे. उन्होंने कहा कि जन्मसिद्ध नागरिकता के खिलाफ सबसे बड़ा उदाहरण खुद राष्ट्रपति ट्रंप हैं. 

आगे चर्चा किए गए नामों से आप कन्फ्यूज न हों, इसलिए हम बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप के पिता का नाम फ्रेडरिक क्राइस्ट ट्रंप (1905-1999) था, जबकि उनके दादा का नाम फ्रेडरिक ट्रंप (1869-1918). यानी दोनों का नाम एक ही था, बस मिडिल नेम में क्राइस्ट का फर्क है. 

मैरी ट्रंप राष्ट्रपति की मुखर आलोचक हैं. मैरी ने डोनाल्ड ट्रंप के पिता फ्रेडरिक क्राइस्ट ट्रंप का जिक्र किया. फ्रेडरिक ट्रंप का जन्म न्यूयॉर्क सिटी में जर्मन इमिग्रेंट माता-पिता के घर हुआ था. डोनाल्ड ट्रंप के दादा-दादी दोनों जर्मनी से आए थे. 

फ्रेडरिक ट्रंप 1885 में 16 साल की उम्र में अमेरिका आए थे और 1892 में अमेरिकी नागरिक बने. यानी ट्रंप के पिता के 1905 में जन्म से काफी पहले. राष्ट्रपति ट्रंप के दादा-दादी ने 1902 में जर्मनी में शादी की थी, लेकिन रिकॉर्ड्स के अनुसार उन्हें वहां रहने की अनुमति नहीं मिली, माना जाता है कि उन्होंने पहले जर्मनी की अनिवार्य सैन्य सेवा से बचने की कोशिश की थी. इसके बाद वे 1905 में न्यूयॉर्क लौट आए और तीन महीने बाद वहीं ट्रंप के पिता का जन्म हुआ.

‘एंकर बेबी’ कौन होता है?

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, ‘एंकर बेबी’ ऐसे बच्चे को कहा जाता है जिसका जन्म गैर-नागरिक माता-पिता से हुआ हो. भारतीय मूल के रिपबल्किन नेता विवेक रामास्वामी को भी अक्सर एंकर बेबी कहा जाता है, लेकिन इस शब्द का कोई आधिकारिक दर्जा नहीं है और यह केवल राजनीतिक संदर्भ में इस्तेमाल किया जाता है.

ये भी पढ़ें:- अमेरिका के एक और स्टेट ने दीपावली उत्सव को दी मान्यता, यहां रहते हैं 9000 हिंदू

केस में क्या सुनवाई हुई?

ट्रंप प्रशासन की ओर से अमेरिका के सॉलिसिटर जनरल डी जॉन सॉर ने दलील दी. उन्होंने कहा कि “बिना किसी प्रतिबंध के जन्मसिद्ध नागरिकता” वैश्विक मानकों से मेल नहीं खाती और यह अवैध इमिग्रेशन के लिए आकर्षण का कारण बनती है. उन्होंने अदालत से कहा, “यह अमेरिकी नागरिकता जैसे अनमोल और गहरे महत्व वाले अधिकार को कमतर करता है.” हालांकि, कई जजों ने इस तर्क पर सवाल उठाए. मुख्य न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट्स ने ‘उसके क्षेत्राधिकार के अधीन’ वाक्यांश की प्रशासन की व्याख्या पर प्रश्न उठाते हुए इसे अजीब बताया.  उन्होंने कहा कि इसे ऐतिहासिक परंपराओं के साथ जोड़ना मुश्किल है. 

ट्रंप के इस कानून के लागू होने पर क्या होगा?

इस मामले का फैसला व्यापक असर डाल सकता है. अनुमान है कि अगर अदालत प्रशासन के पक्ष में फैसला देती है, तो हर साल करीब 2.5 लाख बच्चों पर इसका असर पड़ सकता है. इसके अलावा, लाखों परिवारों को नवजात बच्चों की नागरिकता साबित करनी पड़ सकती है. ऐसे में अमेरिका में नागरिकता दिए जाने की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव आ सकता है.

ये भी पढ़ें:- होर्मुज स्ट्रेट खुलवाने नहीं आया नाटो, गुस्साए ट्रंप करवाएंगे पुतिन का फायदा, जानें अब क्या कह दिया?

कानून का हो रहा विरोध

इस नीति के विरोध में प्रदर्शन भी हो रहे हैं. डेमोक्रेट्स के अनुसार, यह कदम भेदभावपूर्ण है और गृहयुद्ध के बाद किए गए सुधारों पर आधारित एक मूलभूत सिद्धांत को कमजोर करता है.  वहीं, ट्रंप प्रशासन ने इस आदेश का बचाव करते हुए कहा है कि यह ‘बर्थ टूरिज्म’ और नागरिकता कानूनों के दुरुपयोग को रोकने के लिए जरूरी है. 

ट्रंप की एंटी-इमिग्रेशन नीतियों के प्रमुख रणनीतिकार स्टीफन मिलर ने सोशल मीडिया पर लिखा कि जन्मसिद्ध नागरिकता का मतलब है कि अवैध प्रवासियों के बच्चे वोट देकर आपके बच्चों पर टैक्स लगा सकते हैं और उनकी विरासत पर कब्जा कर सकते हैं.

विज्ञापन
Anant Narayan Shukla

लेखक के बारे में

By Anant Narayan Shukla

इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएट. करियर की शुरुआत प्रभात खबर के लिए खेल पत्रकारिता से की और एक साल तक कवर किया. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में गहरी रुचि ने इंटरनेशनल घटनाक्रम में दिलचस्पी जगाई. अब हर पल बदलते ग्लोबल जियोपोलिटिक्स की खबरों के लिए प्रभात खबर के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola