पाकिस्तान को अमेरिका ने दिया झटका, TRF को घोषित किया आतंकवादी संगठन

Published by : Amitabh Kumar Updated At : 18 Jul 2025 6:28 AM

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TRF Terrorist Organisation

TRF Terrorist Organisation : द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का मुखौटा संगठन है, जो कश्मीर में आतंकी हमलों को अंजाम देता है. 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम की बैसरन घाटी में टीआरएफ ने हमला कर 26 पर्यटकों की गोली मारकर हत्या कर दी थी. इस संगठन पर अमेरिका ने लगाम लगाई है.

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TRF Terrorist Organisation : अमेरिकी सरकार ने द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) को ‘विदेशी आतंकवादी संगठन’ घोषित कर दिया है. अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की ओर से इसकी घोषणा की. 22 अप्रैल 2025 को कश्मीर के पहलगाम की बैसरन घाटी में हुए आतंकी हमले की जिम्मेदारी इसी आतंकी संगठन ने ली थी. इस हमले में पाकिस्तान समर्थित आतंकियों ने 26 पर्यटकों की हत्या कर दी थी.

TRF पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) का मुखौटा संगठन है, जो कश्मीर में आतंकी हमलों को अंजाम देता है. अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने इसे लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा बताया है. लश्कर-ए-तैयबा एक संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित आतंकी संगठन है, जिसका मुख्यालय पाकिस्तान में है.

भारत में नागरिकों पर सबसे घातक आतंकी हमला

अमेरिकी विदेश मंत्री रुबियो ने कहा कि टीआरएफ को आतंकवादी संगठन घोषित किया जाता है. ऐसा करना अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा, आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई और पहलगाम हमले के लिए न्याय की ट्रंप प्रशासन की प्रतिबद्धता को दिखाता है. टीआरएफ ने इस हमले की जिम्मेदारी ली थी, जिसे अमेरिकी अधिकारियों ने 2008 के मुंबई हमलों के बाद भारत में नागरिकों पर सबसे घातक आतंकी हमला बताया.

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TRF पर कार्रवाई से आतंकवाद पर लगेगी चोट

TRF को फॉरेन टेरर आउटफिट घोषित करने से आतंकवाद पर चोट लगेगी. इससे TRF के सदस्यों पर कड़े वित्तीय और यात्रा प्रतिबंध लागू होंगे. यही नहीं आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक सहयोग और मजबूत होगा. अमेरिकी विदेश विभाग ने बताया कि यह समूह कश्मीर में भारतीय सुरक्षा बलों पर कई हमलों में शामिल रहा है. 22 अप्रैल को पहलगाम की बैसरन घाटी में हुए हमले के बाद पूरे भारत में गुस्सा फैल गया. अमेरिका समेत कई देशों ने भारत के साथ एकजुटता दिखाई. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी को फोन कर दुख जताया और संवेदना प्रकट की थी.

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अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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