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हाय रे कलयुगी मां! 8 साल के बेटे को बना दिया कुत्ता, अब करता है भौं-भौं-भौं

Updated at : 13 Jul 2025 1:49 PM (IST)
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Thailand Boy Loses Human Speech AI Image

Thailand Boy Loses Human Speech AI Image

Thailand Boy Loses Human Speech: 8 साल का बच्चा सिर्फ कुत्तों के बीच रहा तो क्या इंसानी भाषा भूल गया? क्या मां की लापरवाही ने बच्चे को जानवरों जैसा बना दिया? आइए जानते हैं विस्तार से…

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Thailand Boy Loses Human Speech: थाईलैंड से एक बेहद भावुक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक 8 साल का बच्चा जानवरों के बीच रहने के कारण इंसानी भाषा बोलना ही भूल गया. यह बच्चा इतना अलग-थलग था कि अब वह सिर्फ कुत्तों की तरह भौंककर ही अपनी बात कहता है. उसे इंसानी भाषा की समझ तक नहीं है. यह पूरी घटना थाईलैंड के लाप्ले जिले की है. स्थानीय स्कूल के प्रिंसिपल और सामाजिक कार्यकर्ताओं की शिकायत पर प्रशासन ने बच्चे को रेस्क्यू किया. जब बच्चा मिला, तो वह गंदगी से भरा हुआ था, कपड़े मैले थे और वह कुछ भी बोलने की बजाय सिर्फ भौंक रहा था.

ड्रग्स की लत ने छीना बचपन (Thailand Boy Loses Human Speech)

स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बच्चे की मां और बड़ा भाई नशे के आदी हैं. मां को सरकार से बच्चे की पढ़ाई के लिए पैसे मिलते थे, लेकिन इसके बावजूद उसने बेटे को कभी स्कूल नहीं भेजा. बच्चा अब तक सिर्फ एक दिन के लिए स्कूल गया है.

कुत्तों के साथ बीता पूरा दिन (Thailand Boy Loses Human Speech)

बच्चे की मां अक्सर उसे घर में अकेला छोड़कर कुत्तों के साथ बाहर चली जाती थी. पड़ोसियों ने बताया कि महिला आसपास के घरों से खाना मांगती थी और बच्चा अकेले एक लकड़ी के घर में 6 कुत्तों के साथ रहता था. इंसानों से कोई संपर्क न होने के कारण वह कुत्तों की तरह व्यवहार करने लगा.

पड़ोसियों ने बना ली दूरी (Thailand Boy Loses Human Speech)

मां के बर्ताव और बच्चे की स्थिति को देखकर आस-पास के लोगों ने भी अपने बच्चों को उससे खेलने से मना कर दिया. एक स्थानीय शिक्षक ने कहा, “उसके पास खेलने के लिए सिर्फ कुत्ते थे. धीरे-धीरे वह उनकी नकल करने लगा और अब केवल भौंकता है.”

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अब सुरक्षित है बच्चा, नई जिंदगी की उम्मीद (Thailand Boy Loses Human Speech)

रेस्क्यू ऑपरेशन का नेतृत्व कर रहीं सामाजिक कार्यकर्ता पाविना होंगसाकुल ने बताया कि बच्चे को अब एक शेल्टर होम में रखा गया है, जहां उसकी देखभाल की जा रही है. उन्होंने कहा, “हम उसे एक नई और अच्छी ज़िंदगी देना चाहते हैं, जिससे वह सामान्य जीवन जी सके और समाज का हिस्सा बन पाए.”

सरकार और समाज के लिए चेतावनी (Thailand Boy Loses Human Speech)

यह मामला केवल एक बच्चे की त्रासदी नहीं है, बल्कि पूरे समाज और सिस्टम के लिए एक चेतावनी है. यह दिखाता है कि कैसे एक लापरवाह माहौल, गरीबी, और नशे की लत बच्चों के भविष्य को तबाह कर सकती है. जरूरत है कि ऐसे मामलों को गंभीरता से लिया जाए और समय पर हस्तक्षेप किया जाए.

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Aman Kumar Pandey

लेखक के बारे में

By Aman Kumar Pandey

अमन कुमार पाण्डेय डिजिटल पत्रकार हैं। राजनीति, समाज, धर्म पर सुनना, पढ़ना, लिखना पसंद है। क्रिकेट से बहुत लगाव है। इससे पहले राजस्थान पत्रिका के यूपी डेस्क पर बतौर ट्रेनी कंटेंट राइटर के पद अपनी सेवा दे चुके हैं। वर्तमान में प्रभात खबर के नेशनल डेस्क पर कंटेंट राइटर पद पर कार्यरत।

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