Rave Party: रेव पार्टी में रेड करने वाली पुलिस सस्पेंड, देखें वीडियो

Published by : Aman Kumar Pandey Updated At : 09 Apr 2025 4:27 PM

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सांकेतिक फोटो

Rave Party: कसूर जिले में हाई प्रोफाइल रेव पार्टी पर पुलिस की रेड ने तहलका मचा दिया. नशे में धुत VIP युवक-युवतियां पकड़े गए, लेकिन मामला पलट गया. सबूतों के बावजूद पुलिस टीम सस्पेंड, आरोपियों को बरी कर दिया गया.

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Rave Party: पंजाब प्रांत के कसूर जिले से एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे देश की राजनीतिक और प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं. पाकिस्तान के लाहौर डिविजन के अंतर्गत आने वाले इस जिले में एक हाई प्रोफाइल रेव पार्टी चल रही थी, जिस पर स्थानीय पुलिस ने छापा मारा. इस रेड के दौरान पुलिस को ऐसे चेहरे दिखे, जिनकी कल्पना शायद किसी ने नहीं की थी.

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, छापे के दौरान पुलिस ने लगभग 55 युवक-युवतियों को हिरासत में लिया था. इनमें कई सेना के उच्च अधिकारियों, सुरक्षा एजेंसियों और सत्तारूढ़ राजनीतिक दलों के वरिष्ठ नेताओं के बेटे-बेटियां शामिल थे. पुलिस ने पार्टी स्थल से भारी मात्रा में मादक पदार्थ भी जब्त किए. इतना ही नहीं, छापे के दौरान पुलिस ने मौके का एक वीडियो भी रिकॉर्ड किया जिसमें शराब, ड्रग्स और नशे की हालत में डांस करते युवा स्पष्ट रूप से नजर आ रहे थे.

हालांकि, मामला कुछ ही घंटों में पलट गया. छापा मारने वाली टीम के SHO साकलेन खान समेत पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया. आधिकारिक बयान में कहा गया कि SHO ने बिना उच्च अधिकारियों की अनुमति के वीडियो रिकॉर्ड किया और उसे सार्वजनिक किया, जो नियमों का उल्लंघन है.

इस वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होते ही थाने में हलचल मच गई. बताया जा रहा है कि जैसे ही पार्टी में पकड़े गए प्रभावशाली परिवारों के नाम बाहर आने लगे, थाने में सिफारिशों और दबाव का सिलसिला शुरू हो गया. कई वरिष्ठ सैन्य और राजनीतिक अधिकारियों के फोन लगातार पुलिस अधिकारियों के पास आने लगे. हालात ऐसे बने कि DPO ईसा खान को खुद मामले में हस्तक्षेप करना पड़ा.

अब पुलिस का नया बयान आया है, जिसमें कहा गया है कि यह रेड “एक गलतफहमी” पर आधारित थी और हिरासत में लिए गए युवक-युवतियां निर्दोष थे. अदालत में भी सबूतों के अभाव में सभी को रिहा कर दिया गया. यह पूरा मामला अब पाकिस्तान में शासन और न्याय व्यवस्था की निष्पक्षता पर एक बार फिर बहस का विषय बन गया है. जहां एक ओर जनता सवाल उठा रही है कि क्या कानून सभी के लिए बराबर है, वहीं दूसरी ओर पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली और राजनीतिक हस्तक्षेप को लेकर भी गंभीर चिंता जताई जा रही है.

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Aman Kumar Pandey

लेखक के बारे में

By Aman Kumar Pandey

अमन कुमार पाण्डेय डिजिटल पत्रकार हैं। राजनीति, समाज, धर्म पर सुनना, पढ़ना, लिखना पसंद है। क्रिकेट से बहुत लगाव है। इससे पहले राजस्थान पत्रिका के यूपी डेस्क पर बतौर ट्रेनी कंटेंट राइटर के पद अपनी सेवा दे चुके हैं। वर्तमान में प्रभात खबर के नेशनल डेस्क पर कंटेंट राइटर पद पर कार्यरत।

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