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PM Modi Did Not Hug Xi Jinping: शी जिनपिंग से गले क्यों नहीं मिले पीएम मोदी? क्या है इसके पीछे का संदेश

Updated at : 31 Aug 2025 1:54 PM (IST)
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PM Modi Did Not Hug Xi Jinping in Tianjin China

प्रधानमंत्री मोदी और शी जिनपिंग (चीन के तियानजिन में)

PM Modi Did Not Hug Xi Jinping: क्या पीएम मोदी और शी जिनपिंग की तियानजिन में हुई मुलाकात भारत-चीन रिश्तों की नई शुरुआत का संकेत है? सीमा तनाव और वैश्विक चुनौतियों के बीच हुई यह वार्ता क्या दोनों महाशक्तियों को भरोसे और सहयोग की नई राह पर ले जाएगी?

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PM Modi Did Not Hug Xi Jinping: चीन का तियानजिन शहर रविवार को भारत और चीन के बीच एक अहम कूटनीतिक पल का गवाह बना. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने यहां द्विपक्षीय वार्ता की. इस मुलाकात को दोनों देशों के रिश्तों में नई शुरुआत और विश्वास बहाली के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है.

पीएम मोदी ने जताया आभार, विश्वास बहाली पर जोर (PM Modi Did Not Hug Xi Jinping)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीन यात्रा के निमंत्रण और गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए राष्ट्रपति शी जिनपिंग का धन्यवाद किया. उन्होंने कहा कि भारत-चीन रिश्तों की नींव आपसी विश्वास, सम्मान और संवेदनशीलता पर टिकी है और इसी आधार पर दोनों देश भविष्य की ओर कदम बढ़ा सकते हैं. वहीं, राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने भी कहा कि बदलती दुनिया में एशिया की दो बड़ी ताकतों भारत और चीन का दोस्त और अच्छा पड़ोसी बनना बेहद जरूरी है. उन्होंने ‘ड्रैगन और हाथी’ के एक साथ आने को समय की मांग बताया.

गले क्यों नहीं मिले पीएम मोदी? (PM Modi Did Not Hug Xi Jinping)

हालांकि इस मुलाकात में एक दिलचस्प पहलू यह रहा कि पीएम मोदी और शी जिनपिंग ने एक-दूसरे का स्वागत हाथ मिलाकर किया, लेकिन गले नहीं मिले. इस पर सवाल उठे कि क्या रिश्तों में पहले जैसी गर्मजोशी नहीं रही? विश्लेषकों का मानना है कि पीएम मोदी ने जानबूझकर औपचारिकता निभाई और सीमा विवाद व चीन-पाकिस्तान नजदीकियों जैसे मुद्दों को ध्यान में रखते हुए दूरी बनाए रखी. याद दिला दें कि हाल ही में भारत-पाकिस्तान तनाव के दौरान चीन ने पाकिस्तान का साथ दिया था. ऐसे में पीएम मोदी की यह सावधानी रिश्तों को संतुलन में रखने की कोशिश के रूप में देखी जा रही है.

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सीमा विवाद के बाद धीरे-धीरे सामान्य हो रहे रिश्ते (PM Modi Did Not Hug Xi Jinping)

भारत और चीन के रिश्तों में पिछले कुछ वर्षों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है. 2020 में पूर्वी लद्दाख में गलवान घाटी विवाद के बाद तनाव चरम पर पहुंच गया था. इसके बाद सीधी उड़ानों पर रोक और अन्य कई कड़े कदम उठाए गए. हालांकि, 2024 के ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में मोदी-जिनपिंग की सकारात्मक बैठक ने रिश्तों को नया मोड़ दिया. उसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए पीएम मोदी सात साल बाद चीन पहुंचे हैं.

तियानजिन में भव्य स्वागत (PM Modi Did Not Hug Xi Jinping)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चीन यात्रा को दोनों देशों के रिश्तों की बहाली के लिए अहम माना जा रहा है. यही वजह रही कि तियानजिन पहुंचने पर उनका रेड कार्पेट वेलकम हुआ. चीन ने इस दौरे को खास महत्व दिया और इसे द्विपक्षीय संबंधों की बहाली का अवसर माना.

वैश्विक संदर्भ में अहम रही वार्ता (PM Modi Did Not Hug Xi Jinping)

यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने टैरिफ को लेकर दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं पर दबाव बनाया है. इस मामले में भारत और चीन की नजदीकियां न केवल एशिया बल्कि वैश्विक व्यापार संतुलन के लिए भी अहम हैं. पीएम मोदी ने वार्ता के दौरान कहा कि पिछले साल कजान में दोनों नेताओं के बीच सार्थक बातचीत हुई थी और उसके बाद से रिश्ते सकारात्मक दिशा में बढ़े हैं. सीमा पर सैनिकों की वापसी ने भी शांति और स्थिरता का माहौल बनाया है.

मोदी ने उठाए अहम मुद्दे (PM Modi Did Not Hug Xi Jinping)

प्रधानमंत्री मोदी ने बातचीत में कई ठोस मुद्दे उठाए. इनमें बॉर्डर मैनेजमेंट पर विशेष प्रतिनिधियों के बीच सहमति, कैलाश मानसरोवर यात्रा का दोबारा शुरू होना और भारत-चीन के बीच सीधी उड़ानों की बहाली शामिल है.उन्होंने कहा कि भारत और चीन के सहयोग से 2.8 अरब लोगों का भविष्य जुड़ा है और इससे पूरी मानवता को भी लाभ मिलेगा.

रिश्तों की नई दिशा की ओर बढ़ते कदम (PM Modi Did Not Hug Xi Jinping)

प्रधानमंत्री मोदी ने वार्ता के अंत में एक बार फिर चीनी राष्ट्रपति को आमंत्रण और बैठक के लिए धन्यवाद दिया. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत-चीन रिश्ते तभी मजबूत होंगे जब वे आपसी विश्वास, सम्मान और संवेदनशीलता पर आधारित हों. तियानजिन में मोदी-जिनपिंग की मुलाकात ने यह संदेश दिया है कि चुनौतियों और मतभेदों के बावजूद दोनों देशों के बीच संवाद और सहयोग की राह बंद नहीं हुई है. यह मुलाकात आगे आने वाले समय में भारत-चीन रिश्तों के लिए एक नई दिशा तय कर सकती है.

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Aman Kumar Pandey

लेखक के बारे में

By Aman Kumar Pandey

अमन कुमार पाण्डेय डिजिटल पत्रकार हैं। राजनीति, समाज, धर्म पर सुनना, पढ़ना, लिखना पसंद है। क्रिकेट से बहुत लगाव है। इससे पहले राजस्थान पत्रिका के यूपी डेस्क पर बतौर ट्रेनी कंटेंट राइटर के पद अपनी सेवा दे चुके हैं। वर्तमान में प्रभात खबर के नेशनल डेस्क पर कंटेंट राइटर पद पर कार्यरत।

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